Skip to main content

शीला दीक्षित ने कहा था अरविंदर सिंह लवली को गद्दार

बीजेपी छोड़ कांग्रेस में लौटे अरविंदर सिंह लवली, शीला दीक्षित ने इन्हें कहा था 'गद्दार'
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ अरविंदर सिंह लवली
दिल्ली के खासकर पूर्वी हिस्से में खास दखल रखने वाले नेता अरविंदर सिंह लवली का एक बार फिर से 9 महीने की प्रसव पीड़ा बाद कांग्रेस पार्टी में पुनः जन्म हो गया है। अप्रैल, 2017 में एमसीडी चुनाव से पहले टिकट बंटवारे से खफा होकर लवली बीजेपी में चले गए थे। घर वापसी के बाद लवली ने राहुल गांधी से मुलाकात की। लवली ने कहा, ''कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाना मेरे लिए खुशी का मौका नहीं था। पीड़ा में लिया हुआ एक फैसला था। विचारधारा के हिसाब से मैं वहां (बीजेपी) में फिट नहीं था।" कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। अजय माकन भी कांग्रेस में है और शीला दीक्षित भी। इन दोनों में से किसी ने लवली के वापस आने पर कांग्रेस नहीं छोड़ी। जो अपने निजी स्वार्थ के लिए दर-दर भटके, जनता का क्या चिन्ता करेगा, बल्कि ऐसे दल-बदलुओं को एक भी वोट नहीं देना चाहिए। वह दल बदलु चाहे किसी भी पार्टी से हों।  
क्या दल-बदलुओं पर विश्वास करना चाहिए?
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने बताया कि करीबी नौ महीने पहले बीजेपी में शामिल हुए अरविंदर सिंह लवली एक बार फिर से कांग्रेस में लौट आए है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में लवली के दोबारा से पार्टी में लौटने का कार्यक्रम था, लेकिन किसी वजह से ऐसा नहीं हो पाया। कांग्रेस की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अजय माकन ने लवली की पार्टी में वापसी कराई। पार्टी की सदस्यता हासिल करने के बाद अरविंदर सिंह लवली ने कहा, 'मेरे लिए कोई खुशी का निर्णय नहीं था कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन करना. पीड़ा में लिया गया फैसला था. वैचारिक रूप से मैं बीजेपी अनफिट था।'
अब अगर बीजेपी में अनफिट थे, फिर किस आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतिओं की प्रशंसा कर रहे थे? प्रश्न यह भी होता है कि आखिर किस महत्वकांक्षा के लिए भाजपा का दामन संभाला था? क्या उस महत्वकांक्षा के पूरा न होने के कारण भाजपा छोड़ वापस कांग्रेस में आने को विवश हो गए? यह भी संभव है, कि दिल्ली विधानसभा में कांग्रेस की होती वापसी की स्थिति में मुख्यमंत्री बनने की लालसा ने भाजपा छोड़ने के लिए मजबूर किया? क्योकि दिल्ली विधानसभा चुनाव भाजपा अपना अस्तित्व बचाने के लिए लड़ेगी। क्योकि भाजपा की इतनी बुरी हार तो 1972 में जबरदस्त इन्दिरा लहर में भी तत्कालीन जनसंघ का भी नहीं हुआ था, उस समय महानगर परिषद्,वर्तमान विधानसभा, ,में कुल 50 सदस्य होते थे, तब 5 जनसंघ उम्मीदवार सदन में पहुंचे थे; लगता है भाजपा में रहकर इनको कांग्रेस वापसी के संकेत मिलते देख, सोंचा चलो वापस, शायद मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिल जाये?
अरविंदर सिंह लवली की कांग्रेस में वापसी पर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा, 'मुझे काफी अच्छा लग रहा है कि वह वापस आए है। उन्हें अहसास हुआ कि आखिरकार अपना घर ही अच्छा होता है।
हाल ही में अजय माकन ने पार्टी के पुराने नेताओं के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह सभी साथ लेकर चलने में नाकाम रहे, जिसके चलते पिछले चुनावों में हार मिली है। उनके इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा था कि अजय माकन ने अपनी गलती सुधार ली है। 
पिछले साल लवली ने अजय माकन से नाराज होकर कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था और 4 अप्रैल 2017 के दिन बीजेपी में शामिल हो गए थे। बीजेपी ज्वॉइन करने के बाद लवली ने कहा था कि उन्होंने अपने आत्मसम्मान के लिए कांग्रेस का साथ छोड़ा था। दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर भी लवली अपनी सेवाएं दे चुके है। 
लवली ने शीली दीक्षित को बताया था पार्टी में बोझ
कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन पकड़ने के बाद अरविंदर सिंह लवली ने कहा था कि वह कभी बीजेपी के धुर विरोधी थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली ने उन्हें प्रभावित किया, इसी वजह से उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया। उन्होंने सवाल उठाया कि शीला दीक्षित की तरह कांग्रेस में बोझ बनकर रहने के बजाय 'गद्दार' बनकर बीजेपी में जाने को अधिक महत्व दिया है, तो इस पर उंगली क्यों उठाई जा रही है?
शीला दीक्षित सरकार में शिक्षा मंत्रालय और परिवहन मंत्रालय जैसे कई अहम पद संभाल चुके लवली (49) को दिल्ली कांग्रेस इकाई की रीढ़ की माना जाता रहा है, लेकिन वह कांग्रेस के लगातर गर्त में जाने के बीच कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए, जिसके कई राजनीतिक मायने निकाले गए। 
लवली ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के अपने फैसले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा, "मुझे तो इसमें किसी तरह की राजनीति नजर नहीं आती। क्या आपने पिछले दो वर्षो में पार्टी में मेरी कोई भूमिका देखी? कांग्रेस जो अब इतनी हायतौबा मचा रही है, वह पहले कहां थी।"
9 महीने बाद BJP छोड़कर अरविंद सिंह लवली कांग्रेस में शामिल हुए, शीला बोलीं- घर वापसी से खुश हूं, national news in hindi, national news
लवली ने माकन पर लगाए थे गंभीर आरोप
उन्होंने कहा, "मैंने जिस कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया था, वह अब बदल गई है, उसकी विचारधारा बदल गई है और यही मेरे पार्टी छोड़ने का कारण है। जिस पार्टी में अपने नेताओं का कोई सम्मान नहीं है तो उससे गरीबों और दलितों का हिमायती होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। मैं बहुत असहाय महसूस कर रहा था। चुनाव समिति में कोई भूमिका नहीं थी। पार्टी के घोषणापत्र पर कोई राय नहीं ली जाती थी तो हम पार्टी में कर क्या रहे थे?"
यह पूछने पर कि अजय कामन को लेकर पार्टी में किस तरह के मतभेद थे? उन्होंने कहा, "एक पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष का काम पार्टी को जोड़कर रखना होता है, न कि पार्टी के कैडर को खत्म कर देना। उस पार्टी का भविष्य कैसा होगा, जो अपने नेताओं का ख्याल नहीं रखती। यकीनन, माकन से दिक्कत थी, उन्हीं की वजह से पार्टी की यह स्थिति हुई। 
उन्होंने आगे कहा, "मैं अब भाजपा में शामिल हो गया हूं तो मेरी इच्छा है कि माकन ताउम्र दिल्ली इकाई के अध्यक्ष रहे।"
यह पूछने पर कि उन्होंने भाजपा में शामिल होने का विचार कब किया, उन्होंने कहा, "सच बताऊं.. मैंने कभी सपने में नहीं सोचा था कि मैं भाजपा का सदस्य बनूँगा। यह निश्चित तौर पर मोदीजी का कामकाज ही था, जिसने मुझे प्रभावित किया। उन्होंने पिछले तीन वर्षो में बेहतरीन काम किया है, जिससे देश में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी भारत की छवि उज्‍जवल हुई है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने सुशासन के लिए पार्टी का पूरा नेतृत्व ही बदल दिया और कांग्रेस में क्या है, गांधी परिवार का कब्जा है।"
शीला ने लवली को कहा था गद्दार
लवली अपनी ईमानदारी पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहते हैं, "मैंने चुनाव में टिकट की चाह में पार्टी नहीं बदली है। इस समय न तो लोकसभा चुनाव हो रहा है और न ही विधानसभा चुनाव। मुझे दिल्ली नगर निगम चुनाव लड़ना नहीं है, तो अब मुझे क्या फायदा होगा?"
पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बयान पर वह कहते हैं, "शीला दीक्षित ने मुझे गद्दार कहा। मैंने उन पर कोई आरोप नहीं लगाया, बल्कि मैं उनका बहुत सम्मान करता हूँ। कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मेरे पास दो विकल्प थे, या तो मैं शीला जी की तरह कांग्रेस में बोझ बनकर रहूं या फिर गद्दार बनकर दूसरी पार्टी में चला जाऊँ। मैं अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं कर सकता, तो मैंने गद्दार बनना पसंद किया।"
उन्होंने कांग्रेस पार्टी में टिकट बंटवारे पर हुई धांधली के बारे में कहा, "आपको याद होगा कि डॉ. किरण वालिया और मंगतराम सिंघल ने आरोप लगाया था कि पार्टी में टिकट बंटवारे के समय काफी भ्रष्टाचार हुआ है और तब पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष ने एक नामी-गिरामी अखबार में कहा था कि ऐसी चीजें कांग्रेस में होती रही है। इससे उनका क्या मतलब था? क्या पार्टी में टिकट बंटवारों में भ्रष्टाचार होता है?"

कांग्रेस छोड़ BJP में शामिल हुए अरविंदर सिंह लवली, कहा- कई नेताओं का पिछले दो वर्षों से दम घुट रहा है

कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली 18 अप्रैल, 2017 को भाजपा में शामिल होने पर उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी खत्म हो रही है।इनके साथ  दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित मलिक भी भाजपा में शामिल हो गए। लवली और मलिक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। 
बड़े सिख चेहरे के तौर पर है पहचान
अरविंदर सिंह लवली को कांग्रस में एक बड़े सिख चेहरे के तौर पर जाना जाता था. कांग्रेस अमरिंदर सिंह लवली का प्रयोग पंजाब समेत जहां भी सिख समुदाय का वोट है वहां प्रचार के लिए इस्तेमाल करती थी. उनके बीजेपी में शामिल होने के बाद कांग्रेस के सिख वोट में सेंध लगने की संभावना बढ़ गईं हैं. यह भी माना जा रहा है कि अरविंदर सिंह लवली कांग्रेस आलाकमान की अनदेखी से नाराज थे. उनकी नाराजगी की वजह दिल्ली कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन की कार्यशैली है. 





Comments

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

Popular posts from this blog

भोजपुरी एक्ट्रेस त्रिशा कर मधु का MMS…सोशल मीडिया पर हुआ लीक

सोशल मीडिया पर भोजपुरी एक्ट्रेस और सिंगर त्रिशा कर मधु का MMS लीक हो गया है, जिससे वो बहुत आहत हैं, एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है, त्रिशा मधु ने इस बात को कबूल किया है कि वीडियो उन्होंने ही बनाया है लेकिन इस बात पर यकीन नहीं था कि उन्हें धोखा मिलेगा। गौरतलब है कि हाल ही में त्रिशा का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें वह एक शख्स के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रही थीं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद अभिनेत्री ने इसे डिलीट करने की गुहार लगाई साथ ही भोजपुरी इंडस्ट्री के लोगों पर उन्हें बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया। त्रिशा मधु कर ने अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो के साथ पोस्ट लिखा है जिसमें कहा, आप लोग बोल रहे हैं कि खुद वीडियो बनाई है। हां, हम दोनों ने वीडियो बनाया थ। पर मुझे ये नहीं मालूम था कि कल को मेरे साथ धोखा होने वाला है। कोई किसी को गिराने के लिए इतना नीचे तक गिर जाएगा, यह नहीं पता था। इससे पहले त्रिशा ने वायरल हो रहे वीडियो पर अपना गुस्सा जाहिर किया था और कहा था कि उनको बदनाम करने को साजिश की जा रही है। त्रिशा मधु कर ने सोशल मीडिया पर ए...

राखी सावंत की सेक्सी वीडियो वायरल

बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन राखी सावंत हमेशा अपनी अजीबो गरीब हरकत से सोशल मिडिया पर छाई रहती हैं। लेकिन इस बार वह अपनी बोल्ड फोटो के लिए चर्चे में हैं. उन्होंने हाल ही में एक बोल्ड फोटो शेयर की जिसमें वह एकदम कहर ढाह रही हैं. फोटो के साथ-साथ वह कभी अपने क्लीवेज पर बना टैटू का वीडियो शेयर करती हैं तो कभी स्नैपचैट का फिल्टर लगाकर वीडियो पोस्ट करती हैं. वह अपने अधिकतर फोटो और वीडियो में अपने क्लीवेज फ्लांट करती दिखती हैं. राखी के वीडियो को देखकर उनके फॉलोवर्स के होश उड़ जाते हैं. इसी के चलते उनकी फोटो और वीडियो पर बहुत सारे कमेंट आते हैं. राखी अपने बयानों की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहती हैं.राखी अक्सर अपने रिलेशनशिप को लेकर हमेशा चर्चा में बनी रहतीं हैं. राखी कभी दीपक कलाल से शादी और लाइव हनीमून जैसे बयान देती हैं तो कभी चुपचाप शादी रचाकर फैंस को हैरान कर देती हैं. हंलाकि उनके पति को अजतक राखी के अलावा किसी ने नहीं देखा है. वह अपने पति के हाथों में हाथ डाले फोटो शेयर करती हैं लेकिन फोटो में पति का हाथ ही दिखता है, शक्ल नहीं. इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर राखी जो भी शेयर करती हैं वह भी चर्चा ...

Netflix फैला रहा हिन्दू घृणा : ‘हल्लिलूय्याह’ बन गया ‘अनंत आनंदम्’, बच्चों का यौन शोषण करने वाला हिन्दू बाबा

                             Netflix लो वेब सीरीज 'राणा नायडू' में वेंकटेश और राणा दग्गुबती भारत में आजकल गालियों और सेक्स को ही वेब सीरीज मान लिया गया है। इसमें अगर हिन्दू घृणा का छौंक लग जाए तो फिर कहना ही क्या। चाहे ‘पाताल लोक’ में पंडित के मुँह से माँ की गाली बुलवाने वाला दृश्य हो या फिर ‘मिर्जापुर’ में ब्राह्मण को लालची बता कर उसे उठा कर भगाने का, OTT पर धड़ाधड़ रिलीज हो रहे ये वेब सीरीज इन मामलों में निराश नहीं करते। ऐसी ही एक नई वेब सीरीज Netflix पर आई है, ‘राणा नायडू’ नाम की। हिन्दू भावनाओं के प्रति जितनी जागरूकता सरकार और हिन्दुओं में देखी जा रही है, उतनी कभी नहीं। 70 के दशक में वैश्यवृत्ति पर आधारित निर्माता-निर्देशक राम दयाल की फिल्म 'प्रभात' का प्रदर्शन हुआ, जिसे विश्व हिन्दू परिषद द्वारा नायक और नायिका के राम एवं सीता होने पर आपत्ति करने राम दयाल को दोनों के नाम परिवर्तित होने को मजबूर होना पड़ा था। इसके अलावा कई फिल्में आयी जिनमें हिन्दू मंदिरो को बदनाम किया जाता रहा है। यही कारण है कि राहुल गाँधी द्वा...