आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने फरवरी 5 को दावा किया कि मीडिल क्लास का बीजेपी से मोहभंग हो गया है और अगले लोकसभा चुनाव में इस पार्टी को 215 से कम सीटें मिलेंगी। भाजपा को 2014 के लोकसभा चुनाव में 282 सीटें मिली थीं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने फरवरी 5 को दावा किया कि मीडिल क्लास का बीजेपी से मोहभंग हो गया है और अगले लोकसभा चुनाव में इस पार्टी को 215 से कम सीटें मिलेंगी। भाजपा को 2014 के लोकसभा चुनाव में 282 सीटें मिली थीं।
केजरीवाल ने ट्वीट किया, ' पिछले कुछ दिनों में कई लोगों से मिला, सभी के बीच इस बात को लेकर सहमति है- बीजेपी को 215 सीटों से कम मिलेंगी, बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है, युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, मिड्ल क्लास का बीजेपी से मोहभंग हो गया है।'
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह यह दावा करते रहे हैं कि उनकी पार्टी 2019 के लोकसभा चुनाव में 2014 के चुनाव से भी ज्यादा सीटें हासिल करेगी।
केजरीवाल ने इसकी वजहें भी गिनाई हैं और बताया है कि बेरोजगारी आज सबसे बड़ा मुद्दा है और मध्य वर्ग का मोह बीजेपी से भंग हो चुका है। केजरीवाल ने ट्वीट किया, “पिछले कुछ दिनों में कई लोगों से मिला, सभी लोगों के इस बात को लेकर सहमति है कि बीजेपी 215 से कम सीटें पा रही है, बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है, युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है, मिडिल क्लास का बीजेपी से पूरी तरह से मोह भंग हो चुका है।” बता दें कि केन्द्र में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को कम से कम 272 सीटें मिलनी चाहिए। 2014 के लोकसभा चुनाव में 30 साल बाद बीजेपी ने अकेले दम पर बहुमत हासिल किया था। बीजेपी को इस चुनाव में 282 सीटें मिलीं थीं। जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 336 सीटें हासिल हुईं थीं।
केजरीवाल के इस ट्वीट पर लोग उनके पुराने ट्वीट का हवाला देकर उनसे सवाल पूछ रहे हैं। एक शख्स ने लिखा है कि गुजरात चुनाव में भी आपके सूत्र कुछ ऐसा ही बता रहे थे उन दावों का क्या हुआ। विदिता नाम की यूजर ने लिखा, “और आप की इस बार 500 सीट पर जीत, जो कि रिजल्ट बाद 500 सीट पर जमानत जप्त के नाम से मशहूर होगी।” एक यूजर ने लिखा है कि दुग्गल साहब एक बार फिर से चुनावविद् बने हैं। एक यूजर ने कहा है कि बीजेपी को छोड़िए ये बताइए कि आम आदमी पार्टी को 2019 में कितनी सीटें मिल रही है, सभी लोगों में इस बात को लेकर सहमति है कि इस बार आप को 420 सीटें मिलेंगी। बता दें कि मौजूदा सरकार का कार्यकाल मई 2019 में खत्म हो रहा है। संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो मध्य मई से पहले तक चुनाव हो जाएंगे। हालांकि कई राजनीति पंडित यह भी अनुमान लगा रहे हैं कि तय वक्त से पहले भी चुनाव हो सकते हैं। लोकसभा में बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण से ऐसे संकेत मिले थे।

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