महानगर का दिल कहे जाने वाले कोलकाता के धर्मतल्ला में फरवरी 14 को एक सभा के दौरान एक ही परिवार के 14 लोगों के धर्मांतरण के मामले पर सवाल पूछने पर मीडिया पर हमला किया गया. सभा का आयोजन करने वाले संगठन हिंदू संहति मंच के कार्यकर्ताओं ने मीडियाकर्मियों की जमकर पिटाई कर दी. उनके कैमरे तोड़ने की भी कोशिश की गई. पुलिस ने इस मामले में हिंदू संहति मंच के अध्यक्ष तपन घोष समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मीडिया पर हमले की कड़ी निंदा करते हुये दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है. वहीं प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया पर इस तरह से हमले को स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस मामले में कानून अपना काम करेगा. वहीं माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने इसे संघ परिवार की राजनीति करने का तरीका बताते हुए इसके पीछे उसका गोपनीय एजेंडा बताया है.
परिवार के लोगों का साक्षात्कर लेना चाहता थे मीडियाकर्मी
वहीं हिंदू संहति के मंच पर मौजूद पूर्व जनरल जीडी बख्शी ने कहा कि तपन घोष ने ऐसा कुछ नहीं किया कि उन्हें गिरफ्तार किया जाये. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना कार्य करेगा. मालूम हो कि हिंदू संहति मंच की ओर से धर्मतल्ला के रानी रासमणि एवेन्यू में फरवरी 15 दोपहर एक सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें काफी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता जमा हुए थे. सभा मंच पर तपन घोष समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी थे. उसी समय हुसैन अली नामक एक मुस्लिम परिवार के मुखिया को मंच पर बुलाया गया और उनके परिवार के 14 लोगों के धर्मांतरण की घोषणा की गयी. इसके बाद जब मीडियाकर्मियों ने हुसैन अली से उनके बारे में जानना चाहा तो संगठन के कार्यकर्ताओं ने बाधा दी और उन्हें मारना-पीटना शुरू कर दिया. उन्होंने मीडियाकर्मियों के कैमरे तोड़ने की भी कोशिश की. पुलिस ने रात को तपन घोष समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गौरतलब है कि पिछले साल बंगाल सरकार ने राज्य में असाउद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन एवं हिंदू संहति मंच के सभा करने पर रोक लगाई थी.
परिवार के लोगों का साक्षात्कर लेना चाहता थे मीडियाकर्मी
वहीं हिंदू संहति के मंच पर मौजूद पूर्व जनरल जीडी बख्शी ने कहा कि तपन घोष ने ऐसा कुछ नहीं किया कि उन्हें गिरफ्तार किया जाये. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना कार्य करेगा. मालूम हो कि हिंदू संहति मंच की ओर से धर्मतल्ला के रानी रासमणि एवेन्यू में फरवरी 15 दोपहर एक सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें काफी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता जमा हुए थे. सभा मंच पर तपन घोष समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी थे. उसी समय हुसैन अली नामक एक मुस्लिम परिवार के मुखिया को मंच पर बुलाया गया और उनके परिवार के 14 लोगों के धर्मांतरण की घोषणा की गयी. इसके बाद जब मीडियाकर्मियों ने हुसैन अली से उनके बारे में जानना चाहा तो संगठन के कार्यकर्ताओं ने बाधा दी और उन्हें मारना-पीटना शुरू कर दिया. उन्होंने मीडियाकर्मियों के कैमरे तोड़ने की भी कोशिश की. पुलिस ने रात को तपन घोष समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गौरतलब है कि पिछले साल बंगाल सरकार ने राज्य में असाउद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन एवं हिंदू संहति मंच के सभा करने पर रोक लगाई थी.
हिंदू संहति के लोग है बर्बर
वहीं शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने पत्रकारों पर हमले की निंदा करते हुये कहा कि धर्मनिरपेक्ष राज्य में कौन क्या कर रहा है, यह अलग बात है लेकिन पत्रकारों का मारना-पीटना संविधान के खिलाफ है. हिन्दू संहति मंच के लोग बर्बर हैं. जो धर्म की आड़ में राजनीतिक स्वार्थ साधते हैं, जैसे जमात इस्लाम को बदनाम करने का काम कर रहा है, वैसे ही हिन्दू संहति मंच हिंदू धर्म को बदनाम कर रहा है. मुख्यमंत्री इसके खिलाफ कठोर कदम उठायेंगी. धर्म की आड़ में बीजेपी समर्थित संगठनों की ओर से राजनीति किया जाना ठीक नहीं है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
ऐसे में प्रश्न होता है कि बीते समय में भारत में भिन्न-भिन्न स्थानों पर दलितों एवं अन्य हिन्दुओं का धर्म-परिवर्तन होने पर किसी भी मीडियाकर्मी ने धर्म-परिवर्तित लोगों से मिलने का साहस किया? यदि नहीं, फिर अब क्यों? आखिर किस मंशा से हिन्दू धर्म स्वीकार करने वाले मुस्लिमों से ही मिलना चाहतें हैं? किस षड्यंत्र को अंजाम देने की मंत्रणा की जा रही है?
ऐसे में प्रश्न होता है कि बीते समय में भारत में भिन्न-भिन्न स्थानों पर दलितों एवं अन्य हिन्दुओं का धर्म-परिवर्तन होने पर किसी भी मीडियाकर्मी ने धर्म-परिवर्तित लोगों से मिलने का साहस किया? यदि नहीं, फिर अब क्यों? आखिर किस मंशा से हिन्दू धर्म स्वीकार करने वाले मुस्लिमों से ही मिलना चाहतें हैं? किस षड्यंत्र को अंजाम देने की मंत्रणा की जा रही है?

Comments