राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने जनवरी 3 को कांग्रेस सहित अन्य विरोधी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि इस समय देश को तोड़ने के लिए ‘ब्रेकिंग इंडिया ब्रिगेड’ सक्रिय है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में संघ की समन्वय बैठक में हिस्सा लेने आए संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कांग्रेस द्वारा महाराष्ट्र में जारी हिंसा के पीछे संघ का हाथ होने के लगाए गए आरोप का जवाब देते हुए कहा, “संघ पर आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी आदत है, इसमें कुछ नया नहीं है। इस समय ब्रेकिंग इंडिया ब्रिगेड देश को तोड़ने का काम कर रही है। यह ब्रिगेड भाषा और जाति के नाम पर तोड़ने के प्रयास में लगी है।”
उन्होंने कहा, “हिन्दू समाज जब भी एक होता है और यह (ब्रेकिंग इंडिया ब्रिगेड ) तोड़ने का काम शुरू कर देते हैं। जब इनके राजनीतिक हित पूरे नहीं होते, तो वे संघ पर आरोप लगाने लगते हैं।” उज्जैन माधव सेवा न्यास में वैद्य ने संवाददाताओं से बात करते हुए उज्जैन में संघ की हो रही बैठक के बारे में बताया कि हर वर्ष दो बार समन्वय बैठक होती है जिसमें से एक उज्जैन में चल रही है।
उन्होंने कहा, “हिन्दू समाज जब भी एक होता है और यह (ब्रेकिंग इंडिया ब्रिगेड ) तोड़ने का काम शुरू कर देते हैं। जब इनके राजनीतिक हित पूरे नहीं होते, तो वे संघ पर आरोप लगाने लगते हैं।” उज्जैन माधव सेवा न्यास में वैद्य ने संवाददाताओं से बात करते हुए उज्जैन में संघ की हो रही बैठक के बारे में बताया कि हर वर्ष दो बार समन्वय बैठक होती है जिसमें से एक उज्जैन में चल रही है।
स्वदेशी जागरण मंच, भाजपा, किसान मोर्चा, भारतीय किसान संघ के साथ दो दिनी बैठक बुधवार और गुरुवार को चलेगी। इस बैठक के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत भी उज्जैन में ही हैं। बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत 30 दिसंबर से उज्जैन में हैं। बीते चार दिनों में उन्होंने विभिन्न प्रकल्पों से जुड़े लोगों के साथ बैठकें की, साथ ही वर्तमान हालात पर चर्चा कर आगामी रणनीति को तैयार करने पर जोर दिया।
हिंदुत्व को अपना ही मजहब समझें मुसलमान--एमजी वैद्य
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ओर से हिंदुत्व पर दिए गए बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी थमा भी नहीं है कि संघ के एक और प्रभावशाली व्यक्ति ने इस पर टिप्पणी कर दी है। संघ विचारक एमजी वैद्य ने जनवरी 2 को कहा कि हिंदू होने के लिए किसी को अपना धर्म छोड़ने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मुसलमान हिंदुत्व को अपना ही मजहब समझें। इससे पहले मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत के सभी मुस्लिम भी हिंदू ही हैं।
एएनआई से बात करते हुए संघ के वयोवृद्ध विचारक एमजी वैद्य ने हिंदुत्व के मुद्दे पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा, ‘हिंदू होने के लिए मुसलमानों को कुरान छोड़ने की जरूरत नहीं है। वे बस हिंदुत्व को अपना ही मजहब समझें।’ उन्होंने आगे कहा कि जो व्यक्ति मंदिर नहीं जाता है वह भी हिंदू है। ऐसे में हर किसी को हिंदू होने का अर्थ समझना चाहिए। इससे पहले एक इंटरव्यू में एमजी वैद्य ने कहा था कि राष्ट्र सर्वोच्च है और राष्ट्र का नाम हिंदू राष्ट्र है। एक ‘हिंदू राष्ट्र’ में अल्पसंख्यकों के लिए स्थान की बात पर उन्होंने कहा था कि वे भी राष्ट्र का हिस्सा हो सकते हैं। राष्ट्र में लोग शामिल होते हैं और लोग ही राष्ट्र है। उन्होंने बताया था कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के माध्यम से संघ में भी मुस्लिम लोग शामिल हैं। उनके मुताबिक, संघ की मेघालय शाखा में तो 95 फीसद तक तक ईसाई सदस्य शामिल हैं। मालूम हो कि एमजी वैद्य 17 वर्षों तक एक ईसाई स्कूल में बच्चों को पढ़ाया भी था।
एमजी वैद्य का यह बयान ऐसे समय आया है जब मोहन भागवत के बयान को लेकर हंगामा मचा हुअा है। आरएसएस प्रमुख ने रविवार को पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था, ‘भारत के मुस्लिम भी हिंदू ही हैं। हमारी किसी से कोई शत्रुता नहीं है। हम सबका कल्याण चाहते हैं।’ उनके इस बयान को लेकर खासकर धार्मिक नेताओं में हलचल मच गई थी। कुद हिंदू धर्मगुरुओं ने इसका समर्थन किया था तो कुछ ने विरोध जताया था।
जाति, क्षेत्र या भाषा से नहीं बल्कि हिन्दुत्व से बदलेगा समाज--भैय्याजी जोशी
हिन्दू समाज की एकजुटता पर बल देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश सदाशिव राव जोशी उर्फ भैय्याजी जोशी ने कहा है कि समाज एकजुट होकर गैर हिन्दू ताकतों के षड्यंत्रों को नाकाम करे,अन्यथा राष्ट्र वैभवशाली नहीं बन पाएगा। मेरठ में आयोजित राष्ट्रोदय कार्यक्रम में जोशी ने कहा, ‘‘संघ सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन चला रहा है। तो ऐसे में जाति, क्षेत्र, भाषा की आवाज उठाने से नहीं, बल्कि हिन्दुत्व से समाज बदलेगा।’’
अगले वर्ष फरवरी में होने वाले राष्ट्रोदय समागम के पूर्वाभ्यास के दौरान जोशी ने कहा, ‘‘गौरक्षा को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। गौरक्षा आंदोलन मुसलमानों और इसाइसों के खिलाफ नहीं है। गौरक्षा देश की अस्मिता के साथ जुड़ा है। इसे बेवजह सांप्रदायिक मुद्दा बनाया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि जो लोग गौरक्षा जैसे देश की अस्मिता से जुड़े मुद्दों को सांप्रदायिक मामला बताकर असंतोष फैलाते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ समाज को जागरूक करना होगा।
प्रदूषण, कन्या भ्रूण हत्या, छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों पर हमला बोलते हुए जोशी ने कहा, ‘‘दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या, पर्यावरण प्रदूषण जैसी बीमारी समाज का पतन कर रही हैं। इन समस्याओं को सरकार कानून बनाकर दूर नहीं कर सकती, इसके लिए समाज को आगे आना होगा। इसके लिए मानसिकता में परिर्वतन करना होगा।’’ स्वच्छ भारत अभियान पर भी सवाल उठाते हुए जोशी ने कहा कि विज्ञापन और पत्रक बांटने से स्वच्छता का कार्य नहीं होगा, बल्कि हमें खुद को बदलकर सरकार की देश को स्वच्छ करने की मंशा को साकार करना होगा।



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