अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को उम्मीद है मामला सुलझ जाएगा. गौरतलब है कि भारत के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों जे चेलमेशवार, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसफ ने मीडिया के सामने आकर कई सवाल उठाए हैं जिससे हड़कंप मच गया है. बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने गलत बताया और कहा कि जजों को प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करनी चाहिए थी.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के चार जजों, जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने शुक्रवार को मीडिया के समक्ष चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के काम करने के तरीके पर सवाल उठाया था. जस्टिस चेलमेश्वर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के एक मामले का उल्लेख कर रहे थे, जिसमें पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट के दो शीर्ष जजों के बीच टकराव देखा गया था.
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क्या है विवाद
सुप्रीमकोर्ट के चार वरिष्ठ जजों ने प्रेस कांफ्रेंस कर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को ही कटघरे में खड़ा कर दिया. वह ऐसा न करके महाभियोग या इम्पीचमेंट भी ला सकते थे. हालांकि ऐसा उन लोगों ने नही किया और प्रेस कांफ्रेंस में दीपक मिश्रा के बाद वरिष्ठता में नंबर 2 जस्टिस जे. चेलमेश्वर ने कहा कि 20 साल बाद अपनी आत्मा बेच देने का आरोप नहीं सहना है. आख़िर क्या है इसका मतलब ? क्या सुप्रीम कोर्ट में कुछ ऐसा काम हो रहा है, जिसे कुछ जजों की आत्मा स्वीकार नहीं कर रही है ? चार जजों के इस विस्फोटक बयान की वजह क्या है ? कहीं ऐसा तो नहीं, भारतीय न्यायपालिका पर सरकार की छाया पड़ गयी है?
वजह सीबीआई जज की मौत तो नहीं
सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस की जांच कर रहे सीबीआई जज बीएच लोया की 1 दिसंबर 2014 को रहस्यमय मौत की जांच, जिस बेंच को सौपी गयी है, उसमें सुप्रीम कोर्ट के ये चार विद्रोही जज नहीं हैं. जबकि सीबीआई जज बीएच लोया के परिवार वालों का कहना था कि जज बीएच लोया को सौ करोड़ घूस देने की पेशकश की गयी थी. उनकी रहस्यमय मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया था. गौरतलब है कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस की सुनवाई में अमित शाह बरी हो गए थे. बहरहाल, सुप्रीमकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित सात पन्नों के पत्र में जजों ने कुछ मामलों के असाइनमेंट को लेकर भी नाराजगी जताई है. जजों का आरोप है कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की ओर से कुछ मामलों को चुनिंदा बेंचों और जजों को ही दिया जा रहा है.
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