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कासगंज: चंदन गुप्‍ता की हत्‍या का मुख्‍य आरोपी सलीम गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के कासगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए युवक चंदन गुप्ता की हत्या का आरोपी सलीम गिरफ्तार कर लिया गया है। सलीम को कासगंज से ही गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पिछले चार दिनों से सलीम की तलाश कर रही थी। सलीम को खोजने के लिए एसटीएफ को भी जिम्मेदारी दी गई थी। 

दरअसल, गणतंत्र दिवस के दिन कासगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा में 22 वर्षीय चंदन की मौत हो गई थी। इसमें सलीम को मुख्य आरोपी बनाया गया था। कहा जा रहा है कि सलीम ने ही छत से चंदन के ऊपर गोली चलाई थी। 26 जनवरी के दिन कुछ लोगों द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा के दौरान ही दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी। यह झड़प देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि इसने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया। दोनों गुटों के बीच हुई इस झड़प में जहां चंदन की मौत हो गई थी तो वहीं अकरम नाम के एक शख्स की एक आंख फूट गई थी।

कासगंज के डीएम आरपी सिंह ने चंदन की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा करते हुए इस बात की जानकारी दी थी कि छत से गोली चलाई गई थी। पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोप में करीब 118 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी बाकी थी। सलीम को खोजते हुए पुलिस उसके घर भी गई थी, लेकिन वहां ताला लगा था।
पुलिस ने ताला तोड़कर घर की छानबीन भी की थी। 26 जनवरी के दिन कुछ लोगों द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा के दौरान ही दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी। यह झड़प देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि इसने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया।

आज बहुत खून उबल रहा है आपका--डिबेट में उबल पड़ीं एंकर ने पैनलिस्‍ट से कहा

यूपी के कासगंज में हुई हिंसा के आरोपियों को पकड़ने और इस घटना की असली वजह पता करने में पुलिस जुटी हुई है। मीडिया में इस तरह की खबरें आईं कि विवाद ‘भारत माता की जय’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ जैसे नारों को लेकर शुरू हुआ, जिसके बाद हुई फायरिंग में चंदन नाम के युवक की मौत हो गई। हालांकि, कासगंज के डीएम यह कह चुके हैं कि असली वजह का फिलहाल पता नहीं चल सका है और इस मामले में जांच चल रही है। डीएम के मुताबिक, शुरुआती तौर पर यही पता चला है कि गोली मुस्लिम शख्स की छत से चली थी। उन्होंने आशंका जताई थी कि गोली शायद दोनों तरफ से चली थी, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच के बाद ही असल तस्वीर सामने आएगी। इस बीच, कासगंज के डीएम के एक चैनल पर दी गई इस जानकारी को लेकर एक अन्य टीवी डिबेट में इतनी गर्मागर्म बहस हुई कि पैनलिस्ट तो पैनलिस्ट, एंकर भी आपा खोती नजर आईं। कांग्रेस प्रवक्ता प्रेम चंद्र मिश्रा को शांत कराते कराते एंकर रूबिका लियाकत को कहना पड़ा- ‘बहुत खून उबल रहा है आपका।’
जी न्यूज पर होने वाले टीवी डिबेट ‘ताल ठोक के’ का संचालन एंकर रूबिका लियाकत कर रही थीं। इस बहस में बीजेपी की ओर से संबित पात्रा, कांग्रेस से प्रेम चंद्र मिश्रा, विश्व हिंदू परिषद से विजय शंकर तिवारी, एसपी से राजकुमार भाटी और इस्लामिक स्कॉलर रिजवान अहमद शामिल हुए थे। रिजवान के मुताबिक, इस टकराव में पूरा नुकसान अल्पसंख्यक समुदाय का ही होना है। उनका मानना है कि अल्पसंख्यकों को सीधा सा संदेश है, अगर नैशनलिज्म के आइडिया को नहीं स्वीकार किया तो मुख्यधारा से कट जाओ। डिबेट के दौरान इस बात पर बहस छिड़ी कि डीएम ने असल में कहा क्या था। एसपी प्रवक्ता ने कहा कि डीएम के मुताबिक गोलियां दोनों तरफ से चलने की आशंका है। वहीं, संबित का मानना था कि डीएम ने ऐसा कुछ नहीं कहा। संबित ने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि मृतक को गुंडा कहा जा रहा है। वहीं, कांग्रस प्रवक्ता का मानना था कि विवाद के वक्त मुस्लिम पक्ष झंडा फहरा रहा था। उनके सामने पाकिस्तान का जिक्र करके उन्हें छेड़ा गया।
एंकर ने कहा कि डीएम का पक्ष जानने के लिए उनको फोन मिलाया जा रहा है। उधर, बहस बढ़ी तो संबित ने ‘टेंपररी जनेऊधारी’ के जरिए कांग्रेस प्रवक्ता पर तंज मारा। वहीं, विहिप प्रवक्ता ने कांग्रेसी पैनलिस्ट को गद्दार तक कह डाला। बात इतनी बढ़ी कि कांग्रेस प्रवक्ता ने एंकर के रोकने के बावजूद बोलना जारी रखा। उधर, संबित ने तंज मारना जारी रखा। उन्होंने कांग्रेसी और सपा प्रवक्ता को ‘जयचंद’ तक कह डाला। उन्होंने कहा, ‘जो यहां जयचंद बैठे हुए हैं, उनकी वजह से ही हिंदुस्तान के टुकड़े हुए हैं। देश इन जयचंदों को जवाब देगा।’ बहस इतनी तीखी हो चली कि एंकर को कार्यक्रम निपटाना पड़ा।

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