विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया द्वारा बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ तोगड़िया को उनके पद से हटाने की योजना बना रहा है। तोगड़िया के अलावा आरएसएस ने भारतीय मजदूर संघ के जनरल सेक्रेटरी विरजेश उपाध्याय और वीएचपी के अध्यक्ष राघव रेड्डी को उनके पद से मुक्त करने की योजना बनाई है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि आरएसएस के पदाधिकारी यह देखकर खुश नहीं हैं कि ये तीन लोग अपना खुद का एजेंडा चलाते हुए सरकार को शर्मिंदा कर रहे हैं।इतना ही नहीं इन दोनों संगठन का संघ की विचारधारा के प्रचार के लिए उपयोग नहीं किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद की कार्यकारी बैठक फरवरी के अंत तक आयोजित की जाएगी, जहां पर आरएसएस परिषद के फिर से चुनाव करने को लेकर दवाब बनाएगा ताकि राघव रेड्डी को हटाकर नए अध्यक्ष का चुनाव किया जा सके। इसके साथ ही रेड्डी के तोगड़िया समेत अन्य समर्थकों को भी हटाने की पूरी योजना बनाई जा रही है। आरएसएस ने उन सभी लोगों को संघ से बाहर का रास्ता दिखाने का निर्णय लिया है, जो कि बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सामने आए हैं।
संघ चाहता है कि उनके संगठन सरकार के साथ टकराव करने से बचें और अगर कोई मतभेद हैं तो उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह 2019 के आम चुनाव हैं। आपको बता दें कि हाल ही में प्रवीण तोगड़िया ने आरोप लगाया था कि उन्हें पुलिस एंकाउंटर में मारने की योजना बनाई जा रही है। इससे पहले भी तोगड़िया और विरजेश उपाध्याय बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और पीएम मोदी को कई मुद्दों को लेकर उनके खिलाफ बोल चुके हैं। इसके अलावा उन अधिकारियों की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने पाटीदार कोटा प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया था।
जबकि संघ सूत्रों के अनुसार, "यदि किन्ही भी परिस्थितियों में संघ ऐसा कदम उठाता है, सम्भव है, वह कहीं संघ और भाजपा को जरुरत से महंगा न पड़ जाए। क्योकि अभी जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहाँ संघ का बहुत काम भी है। अगर चुनावों में भाजपा के विरुद्ध प्रचार करने से भाजपा को नुकसान भी हो सकता है। वैसे डॉ
जो तोगड़िया के साथ हुआ वो मेरे साथ भी हो सकता है--श्री राम सेना के संस्थापक
![]() |
| श्री राम सेना के संस्थापक प्रमोद मुथालिक |
विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया द्वारा किसी से जान का खतरा होने के बाद अब श्री राम सेना के संस्थापक प्रमोद मुथालिक ने आरोप लगाया है कि आरएसएस के कुछ पूर्व साथियों से उन्हें जान का खतरा है। न्यूज़ 18 को दिए इंटरव्यू में प्रमोद मुथालिक ने कहा “मैं अपने दुश्मनों को बहुत अच्छे से जानता हूं। कांग्रेस, बुद्धिजीवी और कम्यूनिस्ट्स मेरे दुश्मन हैं लेकिन इनके बारे में सब जानते हैं। ये लोग मेरे खिलाफ काम करते हैं। मैं केवल उन लोगों को लेकर चिंतित हूं जो मेरे अपने हैं और मुझे नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा “वे पीछे से वार करने में बहुत अच्छे हैं। प्रवीण तोगड़िया के साथ जो हुआ वह मेरे साथ भी हो सकता है।” प्रमोद मुथालिक ने सीधे तौर पर आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा “कर्नाटक के वरिष्ठ आरएसएस नेता मंगेश भेंडे मुझे पसंद नहीं करते। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर और धरवाड़ सांसद प्रहलाद जोशी का समर्थन प्राप्त है। वे मुझे उत्तरी कर्नाटका में नहीं चाहते हैं। मेरे पीछे मेरे अपने ही लोग हैं। उन्हें मेरी लोकप्रियता पसंद नहीं है। उन्हें यह बिलकुल भी पसंद नहीं है कि किसी को नाम और शोहरत मिले।”
मुथालिक ने कहा “मैंने उनके साथ और उनके बिना बहुत उपलब्धियां हासिल की हैं और इसलिए मुझे जबरन संगठन छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था।” आपको बता दें कि प्रमोद मुथालिक कर्नाटक में आरएसएस और बजरंग दल के तेजतर्रार नेता हुआ करते थे। दशक पहले उन्होंने संगठन छोड़ खुद का श्री राम सेना संगठन बना लिया था। हाल ही में मुथालिक कर्नाटक यूनिट चीफ के तौर पर शिव सेना में शामिल हुए हैं। वहीं प्रमोद मुथालिक के आरोपों पर बीजेपी और आरएसएस के नेताओं से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

Comments