आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
देश में जब भी कोई कांड होता है, पहले तो पीड़ित को ही दोषी ठहराया जाता है, और जब चुनाव पास होते हैं, उस स्थिति में एक पार्टी दूसरी पार्टी की लापरवाही को उछाल अपनी रोटियाँ सेंकना शुरू कर देती हैं। जैसा बवाना कांड में हो रहा है।
भ्रष्टाचार का रोना सब पार्टियाँ रोती हैं, लेकिन समाप्त कोई नहीं करना चाहती।सड़क पर कोई हादसा हुआ, सीधा आरोप चालक पर लगता है। कोई मकान गिरता है, सीधा आरोप मकान मालिक पर लगता है कि नींव कमजोर होते हुए अवैध निर्माण कर लिया, जिस कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस से लेकर नगर निगम तक अपने ऊपर कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेगा कि निर्माण के दौरान हमने रिश्वत ली थी। किसी ने शिकायत कर दी, निर्माण रुकवाने में पुलिस को फिर पैसा। विवाद समाप्त होने पर निर्माण शुरू करते समय फिर पैसा।
हैरानी की बात यह है कि जब भी देश में किसी भी सदन का चुनाव होता है, हर पार्टी भ्रष्टाचार दूर करने का लॉलीपॉप जनता को देते हैं, लेकिन दूर आज तक नहीं हुआ है। कोई भी सार्वजनिक कार्यालय ऐसा नहीं है, जहाँ बिना रिश्वत दिए काम होता हो। नगर निगम के बारे में तो कुछ कहना अँधेरे को सूरज की रौशनी कहने समान होगा। देखिए :--
भवन विभाग,नगर निगम, आसफ अली रोड, नई दिल्ली में शतक पुराने मकान के जोखिम भरे हिस्से के चित्रों सहित, नक़्शे को बदले बिना बनवाने की आज्ञा के लिए जनवरी 2008 में आवेदन किया था, जो आज तक नहीं मिली, क्यों?
कुछ दशक पूर्व तक नगर निगम का भवन विभाग वर्षा ऋतु पूर्व पुराने मकानों का निरीक्षण कर भवन के झड़झड़ हिस्से के निमार्ण हेतु नोटिस देता था, जो नागरिकों को रिश्वत से मुक्त रखने में सहायक होता था। परन्तु आज पुराने मकानों में निकली बालकनी को नीचे ज़मीन से मकानों में मिला लिया गया है, यानि अतिक्रमण और नगर निगम खामोश है। रिश्वत का पुलिस और भवन विभाग(नगर निगम) का चोली दामन का साथ है। जिस दिन नगर निगम पार्षद से लेकर महापौर और आयुक्त स्वयं निरीक्षण करने निकलेंगे, शायद अपने कार्यकाल में समाप्त कर पाएँ। यह कोई आरोप नहीं, कटु सत्य है, जिसे प्रमाणित करने स्वयं जनता को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलवाने वालों को ही हरकत आना पड़ेगा, क्योकि उन्हें भी मालूम है, कि दिल्ली में कितना अधिक अतिक्रमण हो चुका है। लेकिन केवल कुछ ही क्षेत्रों में कार्यवाही कर वाहवाही लूट, जनता को भ्रमित करते हैं और जनता भी भ्रमित हो जाती है। यदि समस्त पार्टियाँ भ्रष्टाचार के वास्तव में विरुद्ध हैं, किसी हादसा के होने पर सम्बन्धित अधिकारीयों,-- चाहे वह पुलिस हो या निगम या फिर कोई अन्य विभाग--, के खातों की क्यों नहीं जाँच करवायी जाती? बिना रिश्वत के न कोई अवैध निर्माण हो सकता है और न ही कोई अवैध कारखाना। जहाँ तक पुलिस की बात है, "अगर आप घर में कोई फर्श, छत या दीवार ठीक करवा रहे है, भवन विभाग नहीं आएगा लेकिन पुलिस सूँघती हुई पहुँच जाएगी और डरा-धमका कर फर्श,दीवार या छत के आकार के हिसाब से नोट लेने का प्रयास करते हैं, और अधिकतर केसों में सफल ही होते हैं।
देश में अब कोई दूसरा बवाना न हो, दिल्ली सरकार और नगर निगम को अधिकारियों के खातों की जाँच के आदेश देने होंगे, अन्यथा पता नहीं कितने बवाना भविष्य में मुखरित होंगे। जनता वोट देती है, सुख-सुविधाओं के लिए न की भ्रष्टाचार की आग में झुलसने के लिए।
साल 2017 के आखिरी महीने से ही देश में आग लगने की कई घटनाए हो चुकी है, जिसमें झुलस कर अनेकों लोग अपनी जान भी गँवा चुके हैं। जहाँ पहले मुंबई के एक पब और स्टूडियो में भीषण आग लग चुकी है, वहीँ अब देश की राजधानी में भी ऐसा ही मामला सामने आया है, दरअसल यहाँ पर बवाना में जनवरी 20 को एक पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग में झुलसकर 17 लोगों की मौत हो गयी है।
| फायर ब्रिगेड के मुताबिक, आग एक प्लास्ट्रिक फैक्ट्री से लगनी शुरू हुई। |
इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पांच-पांच लाख रुपये, जबकि घायलों को 1-1 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान कर चुके हैं, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस दुखद घटना पर दुख प्रकट किया है।
अवलोकन करें:--
वहीं, भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री मालिक मनोज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दिल्ली सरकार ने जांच के ऑर्डर दिए हैं। 17 मौतों पर दिल्ली महिला आयोग ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम को नोटिस भेजने का फैसला लिया है।
बवाना इंडस्ट्रियल एरिया की पटाखा फैक्ट्री में शनिवार रात 17 लोगों के जिंदा जलने के बाद बीजेपी और आप के बीच जमकर राजनीति हुई। एमसीडी (नॉर्थ) की मेयर और बीजेपी नेता प्रीति अग्रवाल (42) हादसे के बाद मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटना पर गुस्सा जताते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गैर-मौजूदगी पर सवाल भी उठाए। लेकिन इसके कुछ ही घंटे बाद मेयर का वीडियो वायरल हो गया। जिसमें वो अपने करीबी से कहती दिखीं, ''इस फैक्ट्री की लाइसेंसिंग हमारे पास है, इसलिए हम कुछ नहीं बोल सकते।'' इस दौरान कुछ रिपोर्टर मेयर की बाइट के लिए सामने खड़े थे। उधर, बीजेपी ने मेयर का बचाव करते हुए वीडियो को फेक बताया।
केजरीवाल ने रीट्वीट किया मेयर का वीडियो
- आम आदमी पार्टी ने बिना देरी किए वीडियो को ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया और मुख्यमंत्री केजरीवाल पर हमला बोल रहीं मेयर प्रीति अग्रवाल और बीजेपी पर पलटवार किया। केजरी ने भी इसे रीट्वीट किया।
- रात को बवाना पहुंचे केजरीवाल ने कहा, ''ये बहुत दर्दनाक हादसा है। सरकार ने इसकी पूरी जांच के आर्डर दिए हैं। इसमें पता चलेगा कि कैसे फैक्ट्री को लाइसेंस मिला, किन लोगों ने इसकी परमिशन दी और आखिर हादसा कैसे हुआ?''
- इसके साथ ही सीएम केजरीवाल हादसे में जख्मी लोगों से मिले। सरकार ने मरने वालों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 1-1 लाख रुपए की मदद देने का एलान किया।
- रात को बवाना पहुंचे केजरीवाल ने कहा, ''ये बहुत दर्दनाक हादसा है। सरकार ने इसकी पूरी जांच के आर्डर दिए हैं। इसमें पता चलेगा कि कैसे फैक्ट्री को लाइसेंस मिला, किन लोगों ने इसकी परमिशन दी और आखिर हादसा कैसे हुआ?''
- इसके साथ ही सीएम केजरीवाल हादसे में जख्मी लोगों से मिले। सरकार ने मरने वालों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 1-1 लाख रुपए की मदद देने का एलान किया।
मेयर ने सफाई में क्या कहा?
- मेयर प्रीति अग्रवाल ने रविवार को वीडियो पर सफाई देते हुए कहा, ''मेरा एक वीडियो वायरल कर दिया गया, जिसे मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी रीट्वीट किया। उस वक्त में मौके पर पहुंचकर अपने साथियों से जानकारी ले रही थी। मेरे कहने का मतलब था कि इस वक्त हमें दुर्भाग्यपूर्ण हादसे पर कुछ नहीं बोलना चाहिए।''
- ''वीडियो को गलत तरीके से पेश करने और वायरल किए जाने पर केजरीवाल माफी मांगें। क्या एक फेक वीडियो को इस तरह से वायरल कर वह जनता को गुमराह करना चाहते हैं? मैं इसकी निंदा करती हूं।''
- ''वीडियो को गलत तरीके से पेश करने और वायरल किए जाने पर केजरीवाल माफी मांगें। क्या एक फेक वीडियो को इस तरह से वायरल कर वह जनता को गुमराह करना चाहते हैं? मैं इसकी निंदा करती हूं।''
BJP ने मेयर का बचाव किया
- दिल्ली बीजेपी के चीफ मनोज तिवारी ने कहा कि प्रीति अग्रवाल अफसरों से सिर्फ ये पूछ रही थीं कि फैक्ट्री किसके अंडर में आती है। हालांकि, बातचीत साफ नहीं हैं, सिर्फ 'ये फैक्ट्री' ही साफ सुनाई दे रहा है। बीजेपी पर निशाना साधने और आरोप लगाने के लिए कुछ लोग फेक वीडियो को वायरल कर रहे हैं।
दिल्ली की फैक्ट्री में 17 लोग जिंदा जले; BJP मेयर बोलीं- लाइसेंसिंग हमारे पास है, कुछ नहीं बोलेंगे, वीडियो वायरल
DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 21, 2018, 04:37 PM IST
DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 21, 2018, 04:37 PM IST
नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया की पटाखा फैक्ट्री में शनिवार रात लगी आग में 17 लोग जिंदा जल गए।
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प्रीति अग्रवाल नॉर्थ एमसीडी की मेयर हैं। शनिवार को आग हादसे के बाद उनका वीडियो वायरल हुआ।
नई दिल्ली.बवाना इंडस्ट्रियल एरिया की पटाखा फैक्ट्री में शनिवार रात 17 लोगों के जिंदा जलने के बाद बीजेपी और आप के बीच जमकर राजनीति हुई। एमसीडी (नॉर्थ) की मेयर और बीजेपी नेता प्रीति अग्रवाल (42) हादसे के बाद मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटना पर गुस्सा जताते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गैर-मौजूदगी पर सवाल भी उठाए। लेकिन इसके कुछ ही घंटे बाद मेयर का वीडियो वायरल हो गया। जिसमें वो अपने करीबी से कहती दिखीं, ''इस फैक्ट्री की लाइसेंसिंग हमारे पास है, इसलिए हम कुछ नहीं बोल सकते।'' इस दौरान कुछ रिपोर्टर मेयर की बाइट के लिए सामने खड़े थे। उधर, बीजेपी ने मेयर का बचाव करते हुए वीडियो को फेक बताया।
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प्रीति अग्रवाल नॉर्थ एमसीडी की मेयर हैं। शनिवार को आग हादसे के बाद उनका वीडियो वायरल हुआ।
नई दिल्ली.बवाना इंडस्ट्रियल एरिया की पटाखा फैक्ट्री में शनिवार रात 17 लोगों के जिंदा जलने के बाद बीजेपी और आप के बीच जमकर राजनीति हुई। एमसीडी (नॉर्थ) की मेयर और बीजेपी नेता प्रीति अग्रवाल (42) हादसे के बाद मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटना पर गुस्सा जताते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गैर-मौजूदगी पर सवाल भी उठाए। लेकिन इसके कुछ ही घंटे बाद मेयर का वीडियो वायरल हो गया। जिसमें वो अपने करीबी से कहती दिखीं, ''इस फैक्ट्री की लाइसेंसिंग हमारे पास है, इसलिए हम कुछ नहीं बोल सकते।'' इस दौरान कुछ रिपोर्टर मेयर की बाइट के लिए सामने खड़े थे। उधर, बीजेपी ने मेयर का बचाव करते हुए वीडियो को फेक बताया।
| दमकल कर्मियों को आग बुझाने के लिए साढ़े तीन घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। |
केजरीवाल ने रीट्वीट किया मेयर का वीडियो
- आम आदमी पार्टी ने बिना देरी किए वीडियो को ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया और मुख्यमंत्री केजरीवाल पर हमला बोल रहीं मेयर प्रीति अग्रवाल और बीजेपी पर पलटवार किया। केजरी ने भी इसे रीट्वीट किया।
- रात को बवाना पहुंचे केजरीवाल ने कहा, ''ये बहुत दर्दनाक हादसा है। सरकार ने इसकी पूरी जांच के आर्डर दिए हैं। इसमें पता चलेगा कि कैसे फैक्ट्री को लाइसेंस मिला, किन लोगों ने इसकी परमिशन दी और आखिर हादसा कैसे हुआ?''
- इसके साथ ही सीएम केजरीवाल हादसे में जख्मी लोगों से मिले। सरकार ने मरने वालों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 1-1 लाख रुपए की मदद देने का एलान किया। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...)
- आम आदमी पार्टी ने बिना देरी किए वीडियो को ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया और मुख्यमंत्री केजरीवाल पर हमला बोल रहीं मेयर प्रीति अग्रवाल और बीजेपी पर पलटवार किया। केजरी ने भी इसे रीट्वीट किया।
- रात को बवाना पहुंचे केजरीवाल ने कहा, ''ये बहुत दर्दनाक हादसा है। सरकार ने इसकी पूरी जांच के आर्डर दिए हैं। इसमें पता चलेगा कि कैसे फैक्ट्री को लाइसेंस मिला, किन लोगों ने इसकी परमिशन दी और आखिर हादसा कैसे हुआ?''
- इसके साथ ही सीएम केजरीवाल हादसे में जख्मी लोगों से मिले। सरकार ने मरने वालों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 1-1 लाख रुपए की मदद देने का एलान किया। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...)
मेयर ने सफाई में क्या कहा?
- मेयर प्रीति अग्रवाल ने रविवार को वीडियो पर सफाई देते हुए कहा, ''मेरा एक वीडियो वायरल कर दिया गया, जिसे मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी रीट्वीट किया। उस वक्त में मौके पर पहुंचकर अपने साथियों से जानकारी ले रही थी। मेरे कहने का मतलब था कि इस वक्त हमें दुर्भाग्यपूर्ण हादसे पर कुछ नहीं बोलना चाहिए।''
- ''वीडियो को गलत तरीके से पेश करने और वायरल किए जाने पर केजरीवाल माफी मांगें। क्या एक फेक वीडियो को इस तरह से वायरल कर वह जनता को गुमराह करना चाहते हैं? मैं इसकी निंदा करती हूं।''
- मेयर प्रीति अग्रवाल ने रविवार को वीडियो पर सफाई देते हुए कहा, ''मेरा एक वीडियो वायरल कर दिया गया, जिसे मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी रीट्वीट किया। उस वक्त में मौके पर पहुंचकर अपने साथियों से जानकारी ले रही थी। मेरे कहने का मतलब था कि इस वक्त हमें दुर्भाग्यपूर्ण हादसे पर कुछ नहीं बोलना चाहिए।''
- ''वीडियो को गलत तरीके से पेश करने और वायरल किए जाने पर केजरीवाल माफी मांगें। क्या एक फेक वीडियो को इस तरह से वायरल कर वह जनता को गुमराह करना चाहते हैं? मैं इसकी निंदा करती हूं।''
BJP ने मेयर का बचाव किया
- दिल्ली बीजेपी के चीफ मनोज तिवारी ने कहा कि प्रीति अग्रवाल अफसरों से सिर्फ ये पूछ रही थीं कि फैक्ट्री किसके अंडर में आती है। हालांकि, बातचीत साफ नहीं हैं, सिर्फ 'ये फैक्ट्री' ही साफ सुनाई दे रहा है। बीजेपी पर निशाना साधने और आरोप लगाने के लिए कुछ लोग फेक वीडियो को वायरल कर रहे हैं।
- दिल्ली बीजेपी के चीफ मनोज तिवारी ने कहा कि प्रीति अग्रवाल अफसरों से सिर्फ ये पूछ रही थीं कि फैक्ट्री किसके अंडर में आती है। हालांकि, बातचीत साफ नहीं हैं, सिर्फ 'ये फैक्ट्री' ही साफ सुनाई दे रहा है। बीजेपी पर निशाना साधने और आरोप लगाने के लिए कुछ लोग फेक वीडियो को वायरल कर रहे हैं।
फैक्ट्रियों को MCD देती है लाइसेंस
- बता दें कि बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में लाइसेंस नॉर्थ एमसीडी से दिया जाता है। पुलिस के मुताबिक, जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ, वह कुछ दिन पहले ही शुरू की गई थी। यहां ग्राउंड फ्लोर पर प्लास्टिक के खिलौने और फर्स्ट फ्लोर पर पटाखे बनाए जाते थे। सबसे ऊपरी फ्लोर पर कुछ लोग रहते भी थे।
- डीसीपी रोहिणी, रजनीश गुप्ता ने बताया कि फैक्ट्री के मालिक मनोज जैन को गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही के मामले में गिरफ्तार किया है। इसकी भी जांच की जा रही है कि क्या उन्होंने पटाखे बनाने का लाइसेंस लिया था?
- बता दें कि बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में लाइसेंस नॉर्थ एमसीडी से दिया जाता है। पुलिस के मुताबिक, जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ, वह कुछ दिन पहले ही शुरू की गई थी। यहां ग्राउंड फ्लोर पर प्लास्टिक के खिलौने और फर्स्ट फ्लोर पर पटाखे बनाए जाते थे। सबसे ऊपरी फ्लोर पर कुछ लोग रहते भी थे।
- डीसीपी रोहिणी, रजनीश गुप्ता ने बताया कि फैक्ट्री के मालिक मनोज जैन को गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही के मामले में गिरफ्तार किया है। इसकी भी जांच की जा रही है कि क्या उन्होंने पटाखे बनाने का लाइसेंस लिया था?

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