आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई एफडीआई के विरोध में बरेली में वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला दहन किया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। आम आदमी पार्टी बरेली के जिला संयोजक ई० नवनीत अग्रवाल ने कहा, यह सिर्फ विदेशी निवेश को भारत में लाने की कोशिश है। उन्होंने सवाल पूछा कि मेक इन इंडिया का नारा देने वाली मोदी सरकार आखिर विदेशी कंपनियों पर इतनी मेहरबान क्यों है।
विदेशियों की यूपीए सरकार विदेशियों के लिए काम कर रही है -- नरेन्द्र मोदी, तत्कालीन गुजरात मुख्यमंत्री
नवनीत ने कहा कि हैरानी की बात है कि जब यूपीए सरकार 49 फीसदी एफडीआई लाई थी। उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम थे। उन्होंने यूपीए सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि विदेशियों की सरकार विदेशियों के लिए काम कर रही है। उस समय भाजपा ने सड़क से लेकर संसद तक विरोध करते कहा करती थी कि एफडीआई आने से देश के छोटे-बड़े प्रभावित होंगे, उनके लिए जीविका चलाना कठिन हो जाएगा। परिणाम जगजाहिर है, भारत में हर चीज़ चीन से आनी शुरू हो गयी। जिसके चलने की कोई गारण्टी नहीं होती। मरण जनता का हो रहा है। चीन भारत नागरिकों पर डाका मारता रहा।
इतना ही, एक तरफ संघ समर्थित स्वदेशी जागरण मंच विदेशी उत्पाद के बहिष्कार के लिए प्रचार-प्रसार कर रही है और उन्ही के सहयोग से बनी मोदी सरकार विदेशी व्यापारियों को बुला रही है, यह कौन-सी दोगली नीति खेली जा रही है। क्या यह सरकार की दोगली नीति को नहीं दर्शाता?
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