गैस कंपनियां पिछले दो साल से ग्राहकों से KYC से जुड़े दस्तावेज जमा करने की अपील कर रही हैं, लेकिन इसके बाद भी बड़ी संख्या में ग्राहकों ने यह दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। केवाईसी का मकसद संबंधित कस्टमर की पूरी जानकारी जुटाना है। इससे यह पता चलता है कि कोई व्यक्ति वाकई में गैस कनेक्शन लेने के लिए एलिजिबल है या नहीं।
कौन से डॉक्युमेंट्स देना होते हैं
केवाईसी में प्रूफ ऑफ आइडेंटिटी (पीओआई) एवं प्रूफ ऑफ एड्रेस (पीओए) संबंधी दस्तावेज जमा करना होते हैं। इसमें पर्सनल डिटेल जैसे नाम, फोटोग्राफ्स, एज और रिलेटिव के नाम देना होते हैं। रेसिडेंसियल एड्रेस, फोन नंबर, ईमेल एड्रेस की डिटेल भी यहां देना होती है। इन सभी से संबंधित डॉक्युमेंट्स जमा करना होते हैं।
केवाईसी में प्रूफ ऑफ आइडेंटिटी (पीओआई) एवं प्रूफ ऑफ एड्रेस (पीओए) संबंधी दस्तावेज जमा करना होते हैं। इसमें पर्सनल डिटेल जैसे नाम, फोटोग्राफ्स, एज और रिलेटिव के नाम देना होते हैं। रेसिडेंसियल एड्रेस, फोन नंबर, ईमेल एड्रेस की डिटेल भी यहां देना होती है। इन सभी से संबंधित डॉक्युमेंट्स जमा करना होते हैं।
ये सावधानियां जरूर रखें...
* फॉर्म में रिसेंट पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ ही लगाएं।
*साइन करते समय ध्यान रखें कि फोटोग्राफ और फॉर्म दोनों पर अच्छे से हस्ताक्षर हो जाएं।
*फर्स्ट सेक्शन में आपको अपनी पर्सनल डिटेल भरना होती हैं। इसमें गैस कनेक्शन पहले से मिला हुआ है तो उसका नंबर भी डालना होगा।
फॉर्म के अगले हिस्से में रिलेशन जैसे, माता-पिता और पत्नि की जानकारी देना होती है।
*डिटेल भरने के बाद उसे एक बार ध्यान से पढ़ जरूर लें। गलत जानकारी होने पर आप बाद में मुसीबत में पड़ सकते हैं।
एड्रेस प्रूफ में इनमें से कोई भी डॉक्युमेंट चल जाएगा
*आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, पासपोर्ट, टेलीफोन या बिजली बिल, राशन कार्ड, एलआईसी पॉलिसी, हाउस रजिस्ट्रेशन डॉक्युमेंट्स।
आइडेंटिटी प्रूफ में इनमें से कोई एक डॉक्युमेंट चल जाएगा
आधार कार्ड, पासपोर्ट, पेन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, सेंट्रल या राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस।
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