वित्त मंत्री अरुण जेटली फरवरी में पेश होने वाले बजट में बैंक डिपॉजिटर्स को बड़ी राहत दे सकते हैं। इसके तहत 10 हजार रुपए की लिमिट सरकार बढ़ा सकती है। अभी अकाउंट होल्डर्स को बैंक में डिपॉजिट पैसे पर 10 हजार रुपए से ज्यादा ब्याज मिलने पर इनकम टैक्स देना पड़ता है। सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्री करीब 20 साल पहले तय की गई इस लिमिट में इजाफा कर सकते हैं। जिससे कि एक बड़े क्लास को राहत मिल सके।
कैसे मिलेगी राहत?
मौजूदा इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, किसी भी बैंक अकाउंट होल्डर्स को 10 हजार रुपए से ज्यादा ब्याज पर इनकम टैक्स चुकाना होता है। दस हजार रुपए का कैलकुलेशन उसके सभी तरह के अकाउंट्स पर मिलने वाले ब्याज राशि को जोड़कर किया जाता है। यानी अगर किसी व्यक्ति का बैंक में सेविंग अकाउंट, एफडी, आरडी जैसे अलग अकाउंट है, तो ब्याज का कैलकुलेशन सभी अकाउंट पर मिले ब्याज का टोटल कर किया जाता है। अगर फाइनेंशियल ईयर में यह राशि 10 हजार रुपए से ज्यादा होती है तो एक्स्ट्रा राशि को अकाउंट होल्डर्स की इनकम माना जाता है। सूत्रों के अनुसार फरवरी में पेश होने वाले बजट में सरकार इस लिमिट को बढ़ा सकती हैं।
बैंकों ने रखी है डिमांड
फाइनेंस मिनिस्ट्री से moneybhaskar.com को मिली जानकारी के अनुसार, इस संबंध में बैंकों ने सरकार से कहा है कि इस लिमिट को बढ़ाया जाय। ऐसा इसलिए है क्योंकि 10 हजार रुपए तक टैक्स छूट की लिमिट साल 1997 में तय की गई थी। जिसे अब बढ़ाया जाना चाहिए। ऐसा इसलिए है कि 20 साल में इन्फ्लेशन और ब्याज दरों को देखते हुए इसे बढ़ाया जाना चाहिए। बैंकर्स ने खास तौर पर सीनियर सिटीजन और पेंशनर्स के लिए अलग से छूट की भी मांग की है। जिससे कि एक बड़े वर्ग को राहत मिल सके।
1.61 लाख रु रखने वाले को भी देना पड़ता है टैक्स
मौजूदा प्रावधान के अनुसार, अगर अभी कोई व्यक्ति बैंक 1.61 लाख रुपए की भी एफडी एक साल के लिए करता है, तो उस पर दस हजार रुपए से ज्यादा का ब्याज बन जाता है। ऐसे में उस पर इनकम टैक्स की देनदारी बनती है। आम तौर मिडिल क्लास फैमिली में किसी भी अकाउंट होल्डर्स के पास सेविंग अकाउंट के साथ-साथ एक-दो लाख रुपए की एफडी होती ही है। जिससे उस पर आसानी से टैक्स देनदारी बन जाती है।
भारतीयों का इस तरह बैंकों में जमा है पैसा
अकाउंट
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कुल अकाउंट
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कुल जमा
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औसत रकम प्रति अकाउंट
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एफडी और आरडी
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23.9 करोड़
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61 लाख करोड़
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254391 रु
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सेविंग अकाउंट
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135.1 करोड़
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27 लाख करोड़
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19759 रु
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करंट अकाउंट
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5.7 करोड़
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9 लाख करोड़
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1,51,163 रु
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(साभार)
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