| जब काफी देर तक गाड़ी नहीं आई तो इससे इस्लामाबाद में भारत के डिप्टी हाईकमिश्नर जेपी. सिंह नाराज नजर आए। |
| जाधव की पत्नी और मां से उनकी मुलाकात के वक्त कांच की दीवार बीच में थी। |
दूर था मीडिया, चीखकर पूछ रहा था सवाल
| पाकिस्तान की फॉरेन मिनिस्ट्री के गेट पर सोमवार को जाधव की मां अवंतिका और उनकी पत्नी चेतना। |
- इस्लामाबाद में पाकिस्तान की फॉरेन मिनिस्ट्री है। यहीं अवंतिका और चेतना ने कुलभूषण जाधव से मुलाकात की थी। मुलाकात के पहले और बाद में दोनों को साजिशन फॉरेन मिनिस्ट्री के इस दफ्तर के बाहर कुछ देर इंतजार कराया गया।
- कुछ दूरी पर पाकिस्तानी मीडिया था। मीडिया के लोग अवंतिका और चेतना से चीख-चीखकर सवाल कर रहे थे। उन्हें मालूम था कि जवाब नहीं मिलेगा। लेकिन, मकसद सवाल पूछना नहीं, बल्कि बेइज्जती करना था।
- कुछ दूरी पर पाकिस्तानी मीडिया था। मीडिया के लोग अवंतिका और चेतना से चीख-चीखकर सवाल कर रहे थे। उन्हें मालूम था कि जवाब नहीं मिलेगा। लेकिन, मकसद सवाल पूछना नहीं, बल्कि बेइज्जती करना था।
किस तरह के सवाल किए गए?
- पाक मीडिया ने जाधव की मां और पत्नी से जो सवाल किए वो परेशान करने वाले थे। भारतीय विदेश मंत्रालय भी इस बारे में बयान जारी कर चुका है।
अवलोकन करिये :--
- पाकिस्तानी मीडिया ने जाधव की मां को ही ज्यादा टारगेट किया। चीखकर उनसे पूछा- कातिल बेटे से मिलने के बाद क्या कहेंगी आप? कातिल बेटे से मुलाकात कैसी रही जी? फिर एक महिला पत्रकार की आवाज आती है। वो कहती है- हजारों पाकिस्तानियों का खून बहाने वाले से मिलने के बाद क्या कहेंगी आप? कुछ और साफ सुनाई ना देने वाली आवाजें भी आती हैं। एक में कहा जाता है- पाकिस्तानियों का दिल बहुत बड़ा है, वो कातिलों को मिलाता है।
अवलोकन करिये :--
सब साजिशन किया गया
- जाधव की मां और पत्नी को जानबूझकर गाड़ी का इंतजार कराया गया। इसका मकसद था कि वो पाकिस्तान मीडिया की बातें सुन सकें। क्योंकि, भारत ने ये पहले ही साफ कर दिया था कि दोनों मीडिया से बात नहीं करेंगी। लिहाजा, ये घटिया तरीका अपनाया गया।
जेपी सिंह ने क्या किया?
- चेतना और अवंतिका के साथ इस्लामाबाद में इंडियन डिप्टी हाई कमिश्नर जेपी. सिंह भी थे। जब पाकिस्तानी मीडिया चीख-चीखकर सवाल कर रहा था तो सिंह दोनों महिलाओं को एक बार फिर दफ्तर के अंदर ले गए। कुछ देर बाद ये फिर बाहर आए।
- गाड़ी ना आने पर सिंह खफा दिखे। उन्होंने हाथ हिलाकर वहां मौजूद पाकिस्तान फॉरेन मिनिस्ट्री के स्टाफ से कुछ कहा भी। इसके बाद एक व्हाइट एसयूवी वहां आई। इसी गाड़ी से सिंह दोनों महिलाओं को लेकर इंडियन एम्बेसी लेकर गए।
- गाड़ी ना आने पर सिंह खफा दिखे। उन्होंने हाथ हिलाकर वहां मौजूद पाकिस्तान फॉरेन मिनिस्ट्री के स्टाफ से कुछ कहा भी। इसके बाद एक व्हाइट एसयूवी वहां आई। इसी गाड़ी से सिंह दोनों महिलाओं को लेकर इंडियन एम्बेसी लेकर गए।
पाकिस्तान के हाई कमिश्नर ने नहीं दिए जवाब
- बुधवार को पाकिस्तान के हाई कमिश्नर सोहेल महमूद से जब न्यूज एजेंसी ने पाकिस्तानी मीडिया की जाधव की मां और पत्नी से बदसलूकी का सवाल करना चाहा तो वो बिना जवाब दिए अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए।
- भारत पहले ही साफ कर चुका है कि वो इन सवालों के जवाब पाकिस्तान से जरूर मांगेगा।
- भारत पहले ही साफ कर चुका है कि वो इन सवालों के जवाब पाकिस्तान से जरूर मांगेगा।
मंगलसूत्र और जूतियां उतरवाईं
- भारत ने इस्लामाबाद में कुलभूषण जाधव से उनकी मां और पत्नी की मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के रवैये पर सख्त एतराज जताया था। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को साफ किया कि इस मुलाकात में यकीन करने लायक जैसा कुछ नहीं है। दोनों देशों के बीच जो एग्रीमेंट हुआ था, उसके उलट पाकिस्तान का तरीका बेहद खराब था। मुलाकात के पहले जाधव की पत्नी चेतना से पाकिस्तान की फॉरेन मिनिस्ट्री में मंगलसूत्र और जूतियां उतरवा ली गईं।
कब हुई थी जाधव और उनकी मां-पत्नी की मुलाकात
- पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की सोमवार को मां और पत्नी से मुलाकात हुई थी। यह मीटिंग 47 मिनट चली। पाकिस्तान की फॉरेन मिनिस्ट्री में मुलाकात के वक्त सब कुछ ठीक नहीं था। जाधव और उनकी पत्नी चेतना-मां अवंतिका के बीच एक ग्लास पार्टिशन (कांच की दीवार) थी। जाधव के सामने एक फोन था। इसका स्पीकर ऑन करके बातचीत कराई गई।
- कुछ दूरी पर इंडियन डिप्लोमैट जेपी सिंह थे। खास बात ये है कि सिंह के सामने भी एक ग्लास पार्टिशन था। यानी वो उस बातचीत को नहीं सुन सकते थे, जो जाधव और उनकी पत्नी-मां के बीच हो रही थी। जब मुलाकात खत्म हो गई, तो पाकिस्तान ने जाधव का नया वीडियो जारी किया। इसमें जाधव कथित तौर पर मीटिंग अरेंज करने के लिए पाकिस्तान सरकार का शुक्रिया अदा करते नजर आते हैं।
क्या है मामला?
- पाकिस्तान आर्मी का दावा है कि जाधव इंडियन एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के लिए जासूसी कर रहे थे। उन्हें बलूचिस्तान प्रांत से पकड़ा गया। इसके बाद पाक आर्मी के फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) ने अप्रैल में फांसी की सजा सुनाई थी।
- इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने 18 मई, 2017 को फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी। पाकिस्तान को कुछ और शर्तें पूरी करने को कहा।
भारत का क्या कहना है?
- भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था। इंडियन नेवी से रिटायरमेंट के बाद वे ईरान में बिजनेस कर रहे थे। हालांकि, पाक का दावा है कि जाधव को बलूचिस्तान से 3 मार्च 2016 को अरेस्ट किया गया था। पाकिस्तान ने जाधव पर बलूचिस्तान में अशांति फैलाने और जासूसी का आरोप लगाया है।
Comments