| संजय काकड़े ने दावा किया है कि उनके द्वारा कराए सर्वे में राज्य में भाजपा विरोधी लहर है |
आर.बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार
गुजरात चुनाव के दिसम्बर 18 को नतीजे आ रहे हैं. नतीजों से पहले ज्यादातर एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत के दावे किए गए हैं। लेकिन खुद पार्टी नेता इस जीत पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। राज्यसभा सांसद संजय काकड़े ने दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं जीतेगी। काकड़े ने दावा किया कि पूर्ण बहुमत को भूल जाइए, पार्टी को सरकार बनाने तक के लिए पर्याप्त सीटें नहीं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचेगी. उन्होंने कहा कि यदि फिर भी पार्टी ने राज्य में सत्ता कायम रखी तो भी यह सिर्फ और सिर्फ नरेंद्र मोदी के चलते होगी।
संजय काकड़े के मुताबिक भाजपा सबसे लंबे समय तक गुजरात में सत्ताधारी पार्टी रही है और इसी वजह से सरकार के खिलाफ माहौल पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा मुस्लिम समुदाय भी भाजपा से नाखुश है।
पीएम मोदी को लेकर हुई बातचीत में संजय काकड़े ने कहा, “जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, वह राज्य से जुड़े मुद्दों पर उस तरह से ध्यान नहीं दे सके हैं जैसे सीएम रहते हुए दे पाते थे। साथ ही पिछले तीन साल में ऐसा कोई उम्मीदवार नहीं हुआ जो सीएम के पद पर मोदी की जगह ले सके।”
इसके अलावा भाजपा सांसद ने हार्दिक पटेल की सेक्स सीडी जारी करने को भी गलत बताया है। उनका मानना है कि इस तरह से हार्दिक से निपटने की कोशिश एक गलत कदम था।
गुजरात चुनाव के दिसम्बर 18 को नतीजे आ रहे हैं. नतीजों से पहले ज्यादातर एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत के दावे किए गए हैं। लेकिन खुद पार्टी नेता इस जीत पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। राज्यसभा सांसद संजय काकड़े ने दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं जीतेगी। काकड़े ने दावा किया कि पूर्ण बहुमत को भूल जाइए, पार्टी को सरकार बनाने तक के लिए पर्याप्त सीटें नहीं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचेगी. उन्होंने कहा कि यदि फिर भी पार्टी ने राज्य में सत्ता कायम रखी तो भी यह सिर्फ और सिर्फ नरेंद्र मोदी के चलते होगी।
संजय काकड़े के मुताबिक भाजपा सबसे लंबे समय तक गुजरात में सत्ताधारी पार्टी रही है और इसी वजह से सरकार के खिलाफ माहौल पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा मुस्लिम समुदाय भी भाजपा से नाखुश है।
पीएम मोदी को लेकर हुई बातचीत में संजय काकड़े ने कहा, “जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, वह राज्य से जुड़े मुद्दों पर उस तरह से ध्यान नहीं दे सके हैं जैसे सीएम रहते हुए दे पाते थे। साथ ही पिछले तीन साल में ऐसा कोई उम्मीदवार नहीं हुआ जो सीएम के पद पर मोदी की जगह ले सके।”
इसके अलावा भाजपा सांसद ने हार्दिक पटेल की सेक्स सीडी जारी करने को भी गलत बताया है। उनका मानना है कि इस तरह से हार्दिक से निपटने की कोशिश एक गलत कदम था।
काकड़े ने दावा किया कि उनकी टीम ने गुजरात में एक सर्वेक्षण किया है और उनका दावा सर्वेक्षण के नतीजों पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘मैंने छह लोगों की एक टीम गुजरात भेजी थी। वे ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में गए जहां वे लोग किसानों, चालकों, वेटरों और श्रमिकों से मिले. उनके सर्वेक्षण के आधार पर और खुद के अवलोकन से मुझे लगता है कि भाजपा को गुजरात में पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा।’
काकड़े ने अपने अनुमान के लिए भाजपा सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के खिलाफ नकरात्मक भावना की भाजपा को कीमत चुकानी पड़ सकती है। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि पिछली कुछ रैलियों में पार्टी नेताओं ने विकास पर एक शब्द नहीं बोला। काकड़े महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद है। वह निर्दलीय सांसद चुने गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।
उधर, एग्जिट पोल का अनुमान है कि भारतीय जनता पार्टी 104 से 114 सीटें जीतकर अपने गढ़ को बरकरार रखेगी। कांग्रेस को 65 से 75 सीटें जीतने की उम्मीद है, जबकि अन्य को केवल 2 से 4 सीटें मिलेंगी. गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होते ही विभिन्न न्यूज चैनलों के एग्जिट पोल आए, जिसमें लगातार छठी बार इस राज्य में बीजेपी सरकार बनती दिख रही है।
विभिन्न चैनलों के एग्जिट पोल पर नजर डालें तो बीजेपी गुजरात की 182 सीटों में 100 से ज्यादा सीटें जीतती दिख रही है, वहीं कांग्रेस को 50-60 सीटें मिलती दिख रही है। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में गुजरात में फिर से कमल खिलता नजर आ रहा है। गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 99 से 113 और कांग्रेस को 68 से 82 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
संजय काकरे को सुन आभास होता है कि संजय चुनावों में निश्चित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलग्न रहे हैं। क्योकि इस तरह की बात ऐसे से लोग बोल सकते हैं। प्रदेश पदाधिकारियों को संजय की गतिविधियों पर निगाह रखनी चाहिए।
उधर, एग्जिट पोल का अनुमान है कि भारतीय जनता पार्टी 104 से 114 सीटें जीतकर अपने गढ़ को बरकरार रखेगी। कांग्रेस को 65 से 75 सीटें जीतने की उम्मीद है, जबकि अन्य को केवल 2 से 4 सीटें मिलेंगी. गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होते ही विभिन्न न्यूज चैनलों के एग्जिट पोल आए, जिसमें लगातार छठी बार इस राज्य में बीजेपी सरकार बनती दिख रही है।
विभिन्न चैनलों के एग्जिट पोल पर नजर डालें तो बीजेपी गुजरात की 182 सीटों में 100 से ज्यादा सीटें जीतती दिख रही है, वहीं कांग्रेस को 50-60 सीटें मिलती दिख रही है। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में गुजरात में फिर से कमल खिलता नजर आ रहा है। गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 99 से 113 और कांग्रेस को 68 से 82 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
संजय काकरे को सुन आभास होता है कि संजय चुनावों में निश्चित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलग्न रहे हैं। क्योकि इस तरह की बात ऐसे से लोग बोल सकते हैं। प्रदेश पदाधिकारियों को संजय की गतिविधियों पर निगाह रखनी चाहिए।
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक संजय का ये भी दावा है कि गुजरात में कांग्रेस मेजॉरिटी के आसपास पहुंच जाएगी।
- "अगर गुजरात में बीजेपी को फिर से सत्ता पाने में कामयाब होती है तो वह केवल नरेंद्र मोदी के कारण होगा।''
- काकड़े का कहना है कि उनकी टीम ने गुजरात में सर्वे किया है। इसी आधार पर वे बीजेपी की हार की बात कह रहे हैं।
- "अगर गुजरात में बीजेपी को फिर से सत्ता पाने में कामयाब होती है तो वह केवल नरेंद्र मोदी के कारण होगा।''
- काकड़े का कहना है कि उनकी टीम ने गुजरात में सर्वे किया है। इसी आधार पर वे बीजेपी की हार की बात कह रहे हैं।
और क्या कहते हैं काकड़े?
- "मैंने गुजरात में 6 लोगों की टीम भेजी थी। ये लोग गांवों में गए और किसानों, ड्राइवरों और मजदूरों से मिले। सर्वे और मेरा अनुमान कहता है कि बीजेपी को मेजॉरिटी नहीं मिलेगी।''
- "गुजरात में बीजेपी बीते 22 साल से सत्ता में है। आजादी के बाद से अगर किसी पार्टी ने किसी राज्य (वेस्ट बंगाल) में 25 साल राज किया तो वो कम्युनिस्ट पार्टी थी। गुजरात में बीजेपी को सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कम्बेंसी फेक्टर) का नुकसान उठाना पड़ेगा।''
- "गुजरात में बीजेपी बीते 22 साल से सत्ता में है। आजादी के बाद से अगर किसी पार्टी ने किसी राज्य (वेस्ट बंगाल) में 25 साल राज किया तो वो कम्युनिस्ट पार्टी थी। गुजरात में बीजेपी को सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कम्बेंसी फेक्टर) का नुकसान उठाना पड़ेगा।''
बीजेपी नेताओं ने विकास की बात नहीं की
- काकड़े कहते हैं कि चुनाव प्रचार के आखिरी फेज में बीजेपी नेताओं ने विकास की भी बात नहीं की।
- "बीजेपी नेताओं ने अपनी सभाओं में न तो इम्प्लॉईमेंट की बात की और न ही बीते 3 साल में सरकार के किसी बड़े फैसले को बताया।''
- "रैलियों का मकसद विपक्ष पर निशाना साधना और वोटरों से केवल भावनात्मक अपील करना था।''
- "बीजेपी नेताओं ने अपनी सभाओं में न तो इम्प्लॉईमेंट की बात की और न ही बीते 3 साल में सरकार के किसी बड़े फैसले को बताया।''
- "रैलियों का मकसद विपक्ष पर निशाना साधना और वोटरों से केवल भावनात्मक अपील करना था।''
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