आर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार
चारा घोटाला में लालू प्रसाद को दोषी करार दिए जाने से बिहार की सियासत गरमायी हुई है। इस मामले में बरी हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा ने बड़ा बयान दे दिया है। जगन्नाथ मिश्रा ने इसके पीछे कांग्रेस नेताओं का हाथ बताया है। साथ ही मिश्रा ने यह भी बताया कि उनका नाम किसने इस घोटाला में शामिल कर दिया।
उन्होंने कहा कि एचडी देवगौड़ा ने लालू यादव को चारा घोटाले में फंसाया है। बीजेपी के ऊपर लालू और उनकी पार्टी जो आरोप लगाते हैं, वह गलत है।
पूर्व मुख्यमंत्री मिश्रा ने कहा कि जिस समय चारा घोटाले का मामला सामने आया था उस समय इंद्र कुमार गुजराल और एचडी देवगौड़ा की सरकार थी। देवगौड़ा ने ही लालू को चारा घोटाले में फंसाया। बरी होने के बाद जगन्नाथ मिश्रा ने फिर से सफाई देते हुए कहा कि इस घोटाले में मेरा नाम बेवजह शामिल किया गया था। यह सब तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी ने किया।
नीजी टीवी चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि इस मामले में मेरा कोई लेनादेना नहीं था. लेकिन मुझे सीताराम केसरी के इशारे पर फंसाया गया।
पूर्व सीएम ने कहा कि सीताराम केसरी मुझे पसन्द नहीं करते थे, इसलिए उनके इशारे पर सीबीआई ने उन्हें फंसाया। जिसका असर यह हुआ कि कांग्रेस का उत्तर भारत में पुरी तरह से सफाया हो गया. लालू यादव पर बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि चारा घोटाला मामले में पूर्व पीएम देवगौड़ा के इशारे पर फंसाया गया. महागठबंधन टूटने के बाद बिहार प्रदेश कांग्रेस में उपजे विवाद पर उनका कहना है कि कांग्रेस ने बिहार में राजद को समर्थन देना बड़ी भूल थी.
सत्ता के गलियारों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, तत्कालीन प्रधानमंत्री एच.डी.देवगौड़ा जो वास्तव में उत्तर भारत के किसी भी नेता को शिखर पर देखने के वास्तव में पक्षधर नहीं थे। जिस नेता की ऐसी संकुचित मानसिकता होगी, ऐसे नेता देश का क्या भला कर सकते हैं? और जहाँ तक चारा घोटाले की बात है कि देवगौड़ा ने ही उछाला है, इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता। इसमें दो राय नहीं, उस समय लालू की उत्तरी नेताओं में कद काफी ऊँचा हो रहा था, जो देवगौड़ा को रास नहीं आ रहा था और कांग्रेस के गुप्त समर्थन के ही कारण इसे उछाला गया था। हालाँकि सीबीआई ने उस समय लालू को बचाने का भरसक प्रयास किया था। फिर भी लालू लपेटे में आ गए क्योकि नोटों के इतने बोरे भरे थे, जिनसे एकदम हटाना वाकई बहुत मुश्किल काम था।
अगर उस समय चारा घोटाले को लेकर, लालू के पर नहीं कतरे जाते, खजाने के मामले में शायद ही कोई लालू के समक्ष होता और लालू का कद बहुत ऊँचा होता। चारा घोटाले पर कांग्रेस लालू का इस्तेमाल कर, गुमराह कर रही है। अगर कांग्रेस लालू की समर्थक होती, अपने कार्यकाल में इसे ख़त्म कर सकती थी, जो कांग्रेस ने नहीं किया और भाजपा के विरुद्ध लालू का इस्तेमाल करती रही और आज भी कर रही है। इस कटु सच्चाई को लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार, और आरजेडी को समझना होगा।
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