Skip to main content

क्या पाकिस्तान में तुम(मणिशंकर) मोदी की सुपारी देने गए थे ?

मोदी पर नीच वाली टिप्पणी
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
भगवत गीता में लिखा है "विनाश काले, विपरीत बुद्धि", जब कोई व्यक्ति अपने बुरे दिन देखने लगता है, तब उसे कोई ज्ञानवर्धक बातें भी शूल की भाँति चुबने समान लगने लगती है, ठीक वही स्थिति आज कांग्रेस की हो गयी है। मोदी को मुख्यमंत्री पद से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक कांग्रेस मोदी को गालियाँ ही देती रही है। इस विषय पर अगले लेख में चर्चा करते हैं।कांग्रेस सूत्रों के अनुसार  "मणिशंकर को निकालना एक नाटक लगता है। उससे ज्यादा और कुछ नहीं।" पार्टी से निलम्बित करना कोई षड्यंत्र है।  
गुजरात चुनाव में जब पहले चरण की वोटिंग का सिर्फ एक दिन शेष बचा है. ऐसे में राजनीतिक पार्टियाँ अपनी अंतिम जोर आजमाइश कर रही हैं. पीएम मोदी पर नीच वाली टिप्पणी करने के बाद कांग्रेस ने भले मणिशंकर अय्यर को निलंबित कर दिया हो, लेकिन भाजपा इस मुद्दे को यूं ही नहीं जाने देना चाहती. पीएम मोदी भाभर की रैली में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया है कि जब यहाँ बाढ़ आई थी तो कांग्रेस विधायक बंगलुरु में मौज कर रहे थे. जबकि भाजपा के नेता और मुख्यमंत्री लोगों की मदद कर रहे थे. मोदी ने सवाल पूछा, ‘जो दुःख में साथ नहीं रहा उसे आप माफ़ करेंगे क्या?’
मोदी ने कहा, कांग्रेस को सिर्फ सत्ता से मतलब है. जब लोग बाढ़ में डूब रहे थे तो कांग्रेसी विधायक बंगलुरु के स्वीमिंग पूल में डुबकियां लगा रहे थे. नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा, जब वे मोरबी में आई थीं तो मुंह पर रुमाल रखकर आई थीं.
नरेन्द्र मोदी ने कहा, हमने वो जिंदगी जी है जिसमें एक तरफ रेगिस्तान और दूसरी पाकिस्तान था. इस बॉर्डर की सुरक्षा जरूरी है. मणिशंकर पर हमला करते हुए पीएम ने पूछा, ‘तुमने मुझे गाली दी या गुजरात को? गाली की बात मैं नहीं करूंगा. गुजरात की जनता 14 तारीख को हिसाब करेगी.’
जब सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की, तो लोग खुश थे. लेकिन कांग्रेस को दिक्कत थी. इसलिए हमसे सवाल पूछा जा रहा था कि क्या ये वास्तव में हुई थी या नहीं. डोकलाम हुआ तो इन्होंने हमसे बात करने के बजाय चीन से बात की.
blob:https://ultima.bhaskar.com/35bdf800-15db-41dd-be4f-9078a2f666ec
मोदी पर नीच वाली टिप्पणीनरेन्द्र मोदी ने सवाल पूछा, "मोदी ने कहा, "अय्यर ने कल मेरे बारे में क्या कहा था? आपको पता है ना? मैं गाली की बात नहीं करता, क्योंकि इसे सुनने की आदत-सी हो गई है। मैं जब पीएम बना तो ये भाई पाकिस्तान गए थे। वहां पाकिस्तान के लोगों के साथ मीटिंग की थी। सोशल मीडिया में उनकी इस पाकिस्तान यात्रा का पूरा हिसाब मौजूद है। तब उन्होंने वहां पाक के लोगों से चर्चा में कहा था कि अगर आप मोदी को रास्ते से नहीं हटाएंगे तो भारत-पाक के संबंध सुधर नहीं पाएंगे। अरे भाई, अब बताओ मोदी को रास्ते से हटाने के लिए पाकिस्तान की मदद की जरूरत पड़ रही है? अब कांग्रेस को ये भी बताना चाहिए कि उसका पाकिस्तान कनेक्शन क्या है? मुझे रास्ते से हटाने का मतलब क्या है? पाक जाकर आप मुझे हटाने की बात करते हैं?''मेरे पीएम बनने पर अय्यर पाकिस्तान गए तो वहां चर्चा की, मोदी आ गया है. ये नहीं हटा तो भारत-पाकिस्तान के संबंध नहीं सुधरेंगे. पाकिस्तान में मोदी को रास्ते से हटाने की बात कर रहे थे. क्या पाकिस्तान में तुम मोदी की सुपारी देने गए थे. मेरे साथ गुजरात है मुझे कुछ नहीं होगा. कांग्रेस को ऐसी सजा दें उनमें सुधार आ जाए".
उन्होंने कहा, "श्रीमान मणिशंकर अय्यर ने आज कहा कि मोदी नीच है। मोदी नीच जाति का है। क्या यही भारत की महान परंपरा है? ये गुजरात का अपमान है। मुझे तो मौत का सौदागर तक कहा जा चुका है। गुजरात की संतानें इस तरह की भाषा का तब जवाब दे देगी, जब चुनाव के दौरान कमल का बटन दबेगा। मुझे भले ही नीच कहा है, लेकिन आप लोग अपनी गरिमा मत छोड़िएगा।"
पीएम ने ये भी कहा, लोगों को भाजपा और कांग्रेस में फर्क पता है. पहले गुजरात में आए-दिन कर्फ्यू लगता था, लेकिन अब नहीं लगता. हमारी सरकार ने सुरक्षा और शांति पर काम किया. सभी को सुरक्षा चाहिए. कांग्रेस के तीन स्वभाव हैं- अटकाना-लटकाना-भटकाना. कांग्रेस पहले काम अटकाती है. नर्मदा पर कांग्रेस ने रोड़े लगाए, लेकिन भाजपा ने इस पर काम किया.
पीएम मोदी बोले, नर्मदा की वजह से जगह-जगह खेतों में पानी पहुंचाया, क्या भाजपा को लोग भूलेंगे. यहां मैं साइकिल से घूमने आता था और रात को मंदिर में रुकता था. यहां के सोलर पार्क ने पूरे देश को दिशा दिखाई. किसानों के पैसे बचाने के लिए हमने सोलर पंप का अभियान चलाया.
पीएम मोदी बोले, ‘जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और सोनिया गांधी सरकार चला रही थीं तो यूरिया को लेकर मैंने पत्र लिखे, लेकिन जवाब नहीं मिलता था. जब मैं पीएम बना तो कई राज्य के सीएम मुझे चिट्ठी लिखते हैं. मैंने अधिकारियों को बुलाया. उन्होंने पूछा कि आपको कैसे खबर मिलती है. अधिकारियों से मैंने कहा, जमीन पर काम करके आया हूं, ऊपर से नहीं आया. हमने नीम कोटिंग का काम शुरू किया, सभी शिकायतें दूर हो गईं.
पीएम मोदी ने ये भी कहा, गांधीनगर का लड्डू और नई दिल्ली का लड्डू, दोनों हाथ में लड्डू हैं. जब भी आप दिल्ली जाते हैं तो अब आपका नरेंद्र भाई वहां है. क्याऐसा मौका कभी मिलेगा?
गुजरात में दूसरे चरण के लिए 14 तारीख को वोट डाले जाएंगे. इसमें 14 जिलों की 93 सीटों पर वोटिंग होगी. इनमें अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, मेहसाणा, पाटन, जैसे बड़े जिले आते हैं.
यादों के झरोखों से :--
आज मणिशंकर अय्यर ने माननीय प्रधानमंत्री को अपशब्द कहे हैं, चलिए आपको आज इस अय्यर की एक कहानी सुनाता हूँ।
बात नवम्बर 2000 की है... चित्रकार सतीश गुजराल ने वरिष्ठ पत्रकार एच.के.दुआ के विवाह की ख़ुशी में दिल्ली में एक पार्टी का आयोजन किया था... पार्टी में दिल्ली के ख्यात विख्यात लोग पहुंचे थे... कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर भी पार्टी की शोभा बढ़ाने आये हुए थे।
जैसा कि दिल्ली की पार्टियों में होता है, शराब अपने पूरे शबाब पर थी... अब पार्टी में मुफ्त की दारु मिले तो दारुबाज़ तो पगलाएंगे ही... तो साहब, खान्ग्रेसी मणिशंकर अय्यर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ... सर जी शराब के नशे में धुत्त होकर अमर सिंह के पास पहुंच गए, जो उस समय समाजवादी पार्टी के एकमात्र ऐसे नेता थे जिन्हें इस तरह की social gethering में बुलाया जाता था।
अब आप पूछेंगे कि अय्यर भरी पार्टी में सीधा अमर सिंह के पास ही क्यों पहुंचे ? तो चलिए पहले वो सुन लीजिये, फिर उसके बाद कहानी आगे सुनना।
आपको याद होगा कि 1999 में सदन में जब वाजपेयी जी की सरकार एक वोट से गिरी थी तो सोनिया गाँधी की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था... इटली में जन्मी इस देवी का भारत के प्रधानमंत्री बनने का सपना पूरा होने जा रहा था... शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए देवी जी की माँ और बहन भी इटली से दिल्ली पहुँच चुकी थीं।
परन्तु अंतिम समय पर मुलायम सिंह यादव ने भाँजी मार दी... उन्हें लगा कि भारत का प्रधानमंत्री बनने का अधिकार केवल उसी व्यक्ति को है जिसका जन्म इस देश की मिट्टी में हुआ हो... तो सपाई नेताजी ने स्पष्ट कह दिया कि वह सोनिया गाँधी के नेतृत्व वाली किसी भी सरकार का समर्थन नहीं करेंगे।
अब सोनिया गाँधी करें भी तो क्या करें ?? मुलायम के समर्थन के बिना उनकी सरकार बन नहीं सकती थी... फिर भी मैडम जी हिम्मत जुटाकर राष्ट्रपति के पास 242 सांसदों का समर्थन पत्र ले कर चली गईं और सरकार बनाने का दावा पेश कर दिय्या... उन्होंने सोचा कि एक बार राष्ट्रपति महोदय ने उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया तो उन्हें पंद्रह-बीस दिन का समय मिल जायेगा... इस दौरान सेकुलरिज्म की दुहाई देकर मुलायम के ऊपर दबाव बनाया जायेगा और उन्हें विश्वास मत के दौरान समर्थन के लिए विवश किया जाएगा... परन्तु राष्ट्रपति के.आर.नारायणन भी विवश थे... वह दिल से चाहते हुए भी सोनिया गाँधी को सरकार बनाने का प्रस्ताव नहीं दे पा रहे थे... क्योंकि तेरह महीने पहले ही उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को तब तक प्रधानमंत्री बनने के लिए आमंत्रित नहीं किया था, जब तक कुछ खास मंत्रालय लेने के लिए कोप भवन में बैठी जयललिता ने अपने सांसदों का समर्थन पत्र उन्हें नहीं दे दिया।
तो साहब हुआ ये कि राष्ट्रपति महोदय को सोनिया गाँधी को खाली हाथ लौटाना पड़ा... सोनिया गाँधी का प्रधानमंत्री बनने का सपना चकनाचूर हो गया... कांग्रेसी नेताओं से अपने नेता का यह दुःख देखा नहीं गया... वो जब भी और जहाँ भी अवसर मिलता, खलनायक मुलायम सिंह यादव को जी भर कर कोसते।
तो चलिए, अब हम कहानी की ओर वापस चलते हैं।
सतीश गुजराल की पार्टी में पाँच पैग चढाने के बाद गांधी परिवार के चाटुकार सेवक मणिशंकर अय्यर के अन्दर का गुस्सा जोर मारने लगा... कांग्रेस की Queen के प्रति अपनी प्रतिबद्धता सिद्ध करने का यह एक सुनहरा अवसर था... तो अय्यर साहब पहुँच गए अमर सिंह के पास, जो दो-चार अन्य आगन्तुकों के साथ बातें कर रहे थे।
मणि ने अमर सिंह से कहा- “You racist ! You prevented Sonia Gandhi from becoming the Prime Minister only because she’s a foreigner.”
अमर सिंह ने सफाई दी- “I did not prevent her from becoming the PM. It was the collective decision of Samajwadi Party MPs and MLAs under Mulayam Singh’s leadership. As a spokesperson, it was my duty to articulate the party’s view.”
मणि ने जब देखा कि वह अमर सिंह को उकसाने में सफल नहीं हुए हैं तो उन्होंने सिंह पर व्यक्तिगत हमला बोला- “You are a broker of industrialists, you are Ambani’s dog.”
अमर सिंह ने अपने गुस्से को काबू में रखते हुए पलटवार किया- “ये तू नहीं, शराब बोल रही है मणि शंकर ! तुझे नहीं पता, परन्तु सब देख रहे हैं कि नशे में धुत्त तेरा सारा शरीर कैसे डोल रहा है।”
जब मणि ने देखा कि उनके उकसाने का अमर सिंह पर कोई असर ही नहीं हो रहा है, तो उन्होंने सिंह को ललकारा- “What sort of a Thakur are you? You are a pimp. You are a bloody m**** f***** ”
अमर क्रोधित हो उठे... परन्तु उन्होंने संयम बनाये रखते हुए कहा- “I can also abuse your mother, but I won’t stoop so low. For God’s sake, don’t provoke the beast in me.”
इस पर भी मणि नहीं रुके... उनके सर पर तो मानो शैतान सवार था... उन्होंने कहा- “We belong to the Oxford and Cambridge set… Your leader can’t even articulate himself in English… Oh that bloody Mulayam - he looks just like me. It could be because my father visited UP at some point. Why don’t you check with Mulayam’s mother ?”
मणि की यह सड़कछाप हरकत तो अच्छे-अच्छों को हिला कर रख देती... तो अमर सिंह भला क्या चीज थे... अपने नेता की माँ के बारे में ऐसे अपशब्द सुनकर अमर सिंह के सब्र का बाँध टूट पड़ा... उन्होंने आव देखा न ताव, अय्यर की गर्दन पकड़ी और उनके ऊपर लात-घूंसों की बौछार कर दी... अय्यर पिटते रहे और लोग देखते रहे... पार्टी में उपस्थित किसी भी व्यक्ति ने अय्यर को बचाने का प्रयास नहीं किया... मानो सभी को इस शुभ दिन की वर्षों से प्रतीक्षा थी।
इस घटना के बाद मणि शंकर अय्यर तीन महीने तक सार्वजनिक जीवन से गायब रहे... यह पूरी घटना विस्तार से टाइम्स ऑफ़ इंडिया के 3 दिसम्बर 2000 के अंक में छपी थी।
बहरहाल, यह कहानी मैंने यहाँ इसलिए सुनाई ताकि जिन्हें पता नहीं था उन्हें पता लग सके कि मणि शंकर अय्यर कितने बड़े लतखोर हैं... आजकल देश में और देश के बाहर पाकिस्तान में वह जिस तरह से जयचंद की भूमिका अदा कर रहे हैं, उसे देखते हुए किसी देशभक्त ने अगर उन्हें फिर से कहीं धो डाला तो हो जाएगी मणि की लाइफ झींगा लाला।
मोदी के विरुद्ध विवादित टिप्णियाँ 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मणिशंकर अय्यर के विवादित बयान की चर्चा पूरे सियासी गलियारे में है. अय्यर के बयान से कांग्रेस को भी किनारा करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित करना पड़ा. निलंबन से पहले राहुल गांधी ने ट्वीट के ज़रिये अय्यर से माफी मांगने को कहा. अय्यर ने माफ़ी तो मांगी लेकिन वे अपना कांग्रेस से निलंबन नहीं बचा पाए.
अय्यर पहले भी मोदी के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर चुके हैं. तब उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव के समय मोदी को ‘चायवाला’ कहा था. इस गेंद को नरेन्द्र मोदी ने ऐसा लपका कि सीधे पीएम की कुर्सी पर आसीन हो गए. हालांकि अय्यर पहले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ विवादित बयान दिया हो, बल्कि नरेन्द्र मोदी के खिलाफ हमले करने वालों की लंबी लिस्ट है.
2007 के गुजरात चुनाव में सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर कहा था. इसके बाद 2014 में कर्नाटक के गुलबर्गा में एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था, ‘आप ऐसे लोगों को स्वीकार नहीं करें, जो जहर की खेती करते हैं.’
2. बीके हरिप्रसाद
साल 2009 में कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने नरेंद्र मोदी को गंदी नाली का कीड़ा कहा था. गुजरात की रैलियों में नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए इसका जिक्र किया.
3. सोमा पटेल
2012 में नरेंद्र मोदी पर गुजरात के सुरेंद्रनगर से कांग्रेस नेता सोमा पटेल ने जातिगत टिप्पणी की थी.
4. अर्जुन मोडवाडिया
अक्टूबर 2012 में गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अर्जुन मोडवाडिया ने चुनावी रैली में मोदी की तुलना बंदर से की थी. मोडवाडिया ने कहा था, नरेंद्र मोदी रेबीज से पीड़ित हैं.
5. जयराम रमेश
साल 2013 में जयराम रमेश ने मोदी की तुलना भस्मासुर से की थी. रमेश ने कहा था कि मोदी ही आडवाणी को खा गये.
6. मणिशंकर अय्यर
मणिशंकर अय्यर ने 2014 के लोकसभा बाद से अहम मौकों पर नरेंद्र मोदी के खिलाफ हमले किए हैं. उनके इन बयानों ने भाजपा को कांग्रेस के खिलाफ खुलकर खेलने का मौका दिया है. 2014 के लोकसभा चुनाव में मणिशंकर ने मोदी को चायवाला कहा था. वहीँ इस बार उन्होंने मोदी को ‘नीच किस्म का आदमी’ बता डाला और फिर माफी मांगनी पड़ी.
7. आनंद शर्मा
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने नरेंद्र मोदी को अस्वस्थ मानसिकता से पीड़ित व्यक्ति कहा था. शर्मा ने कहा था कि मोदी को लगता है, उनके आने से पहले गुजरात और देश में कुछ नहीं हुआ.
8. इमरान मसूद
साल 2014 में नरेंद्र मोदी के लिए सहारनपुर से कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने विवादित शब्दों का प्रयोग किया था.
9. दिग्विजय सिंह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी ट्वीट में विवादित शब्दों का प्रयोग किया था. मोदी की तस्वीर के साथ दिग्विजय ने तीन लाइनें लिखीं थी, जिनपर बवाल मच गया था.
10. प्रमोद तिवारी
नोटबंदी पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने नरेंद्र मोदी को तानाशाह कह डाला था. जिसके बाद उनके इस बयान पर बवाल हुआ था.
11. यूथ कांग्रेस का ट्वीट
यूथ कांग्रेस की ऑन लाइन मैगजीन के एक ट्वीट ने भूचाल ला दिया था. इस ट्वीट में मोदी के चाय बेचने को लेकर यूथ कांग्रेस ने तंज कसा था.
12. राहुल गांधी
यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मोदी को लेकर विवादित बयान दिया था. उन्होंने ‘जवानों के खून की दलाली’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया था. जिसके बाद पूरे चुनाव भर ये मुद्दा हावी रहा था.
13. मनीष तिवारी
नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर इसी साल 2017 में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने विवादित ट्वीट किया था. ट्वीट में उन्होंने आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था.
14. राशिद अल्वी
अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के अनुसार नरेंद्र मोदी को कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने ‘मोस्ट स्टुपिड पीएम’ बताया था.
15. रेणुका चौधरी
नरेंद्र मोदी को कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने वायरस बताया था.

Comments

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

Popular posts from this blog

भोजपुरी एक्ट्रेस त्रिशा कर मधु का MMS…सोशल मीडिया पर हुआ लीक

सोशल मीडिया पर भोजपुरी एक्ट्रेस और सिंगर त्रिशा कर मधु का MMS लीक हो गया है, जिससे वो बहुत आहत हैं, एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है, त्रिशा मधु ने इस बात को कबूल किया है कि वीडियो उन्होंने ही बनाया है लेकिन इस बात पर यकीन नहीं था कि उन्हें धोखा मिलेगा। गौरतलब है कि हाल ही में त्रिशा का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें वह एक शख्स के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रही थीं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद अभिनेत्री ने इसे डिलीट करने की गुहार लगाई साथ ही भोजपुरी इंडस्ट्री के लोगों पर उन्हें बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया। त्रिशा मधु कर ने अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो के साथ पोस्ट लिखा है जिसमें कहा, आप लोग बोल रहे हैं कि खुद वीडियो बनाई है। हां, हम दोनों ने वीडियो बनाया थ। पर मुझे ये नहीं मालूम था कि कल को मेरे साथ धोखा होने वाला है। कोई किसी को गिराने के लिए इतना नीचे तक गिर जाएगा, यह नहीं पता था। इससे पहले त्रिशा ने वायरल हो रहे वीडियो पर अपना गुस्सा जाहिर किया था और कहा था कि उनको बदनाम करने को साजिश की जा रही है। त्रिशा मधु कर ने सोशल मीडिया पर ए...

राखी सावंत की सेक्सी वीडियो वायरल

बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन राखी सावंत हमेशा अपनी अजीबो गरीब हरकत से सोशल मिडिया पर छाई रहती हैं। लेकिन इस बार वह अपनी बोल्ड फोटो के लिए चर्चे में हैं. उन्होंने हाल ही में एक बोल्ड फोटो शेयर की जिसमें वह एकदम कहर ढाह रही हैं. फोटो के साथ-साथ वह कभी अपने क्लीवेज पर बना टैटू का वीडियो शेयर करती हैं तो कभी स्नैपचैट का फिल्टर लगाकर वीडियो पोस्ट करती हैं. वह अपने अधिकतर फोटो और वीडियो में अपने क्लीवेज फ्लांट करती दिखती हैं. राखी के वीडियो को देखकर उनके फॉलोवर्स के होश उड़ जाते हैं. इसी के चलते उनकी फोटो और वीडियो पर बहुत सारे कमेंट आते हैं. राखी अपने बयानों की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहती हैं.राखी अक्सर अपने रिलेशनशिप को लेकर हमेशा चर्चा में बनी रहतीं हैं. राखी कभी दीपक कलाल से शादी और लाइव हनीमून जैसे बयान देती हैं तो कभी चुपचाप शादी रचाकर फैंस को हैरान कर देती हैं. हंलाकि उनके पति को अजतक राखी के अलावा किसी ने नहीं देखा है. वह अपने पति के हाथों में हाथ डाले फोटो शेयर करती हैं लेकिन फोटो में पति का हाथ ही दिखता है, शक्ल नहीं. इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर राखी जो भी शेयर करती हैं वह भी चर्चा ...

Netflix फैला रहा हिन्दू घृणा : ‘हल्लिलूय्याह’ बन गया ‘अनंत आनंदम्’, बच्चों का यौन शोषण करने वाला हिन्दू बाबा

                             Netflix लो वेब सीरीज 'राणा नायडू' में वेंकटेश और राणा दग्गुबती भारत में आजकल गालियों और सेक्स को ही वेब सीरीज मान लिया गया है। इसमें अगर हिन्दू घृणा का छौंक लग जाए तो फिर कहना ही क्या। चाहे ‘पाताल लोक’ में पंडित के मुँह से माँ की गाली बुलवाने वाला दृश्य हो या फिर ‘मिर्जापुर’ में ब्राह्मण को लालची बता कर उसे उठा कर भगाने का, OTT पर धड़ाधड़ रिलीज हो रहे ये वेब सीरीज इन मामलों में निराश नहीं करते। ऐसी ही एक नई वेब सीरीज Netflix पर आई है, ‘राणा नायडू’ नाम की। हिन्दू भावनाओं के प्रति जितनी जागरूकता सरकार और हिन्दुओं में देखी जा रही है, उतनी कभी नहीं। 70 के दशक में वैश्यवृत्ति पर आधारित निर्माता-निर्देशक राम दयाल की फिल्म 'प्रभात' का प्रदर्शन हुआ, जिसे विश्व हिन्दू परिषद द्वारा नायक और नायिका के राम एवं सीता होने पर आपत्ति करने राम दयाल को दोनों के नाम परिवर्तित होने को मजबूर होना पड़ा था। इसके अलावा कई फिल्में आयी जिनमें हिन्दू मंदिरो को बदनाम किया जाता रहा है। यही कारण है कि राहुल गाँधी द्वा...