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| इस तस्वीर में कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी मुलाकात के बाद बाहर निकल रहीं हैं। |
तस्वीरों में दिख रहा है कि कुलभूषण जाधव शीशे के पीछे है, उसकी मां और पत्नी दूसरी ओर बैठे हुए हैं, दोनों के बीच एक फोन के जरिये बात हुई।पाकिस्तान द्वारा जारी किये गये तस्वीरों में कुलभूषण जाधव काफी थके हुए और बूढ़े से दिख रहे हैं। मुलाकात के दौरान जिस ओर कुलभूषण की मां बैठी हैं वहां कई सारे इलेक्ट्रानिक्स गैजेट्स रखे हुए थे जिससे पता चलता है कि इनके बीच होने वाली सारी बातें रिकॉर्ड की जा रही थीं।
कुलभूषण जाधव के साथ लगभग 40 मिनट तक चली मुलाकात के दौरान एक शख्स लगातार पीछे खड़ा रहा और उनकी बातें सुनता रहा। पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। बताया जा रहा है कि यह शख्स ISI का अधिकारी था।इस्लामाबाद पहुंचने के बाद कुलभूषण जाधव की पत्नी चेतांकुल ने भारतीय परंपरा के मुताबिक पत्रकारों को नमस्कार कहकर अभिवादन किया।
कुलभूषण की मां अवन्ति जाधव से पत्रकारों ने सवाल पूछे लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की दिसम्बर 25 को मां और पत्नी से मुलाकात हुई. मीटिंग लगभग 47 मिनट चली. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय में मुलाकात के वक्त सब कुछ ठीक नहीं था. जाधव और उनकी पत्नी-मां के बीच एक ग्लास पार्टिशन (कांच की दीवार) थी. जाधव के सामने एक फोन था. इसका स्पीकर ऑन करके बातचीत कराई गई. कुछ दूरी पर इंडियन डिप्लोमैट जेपी सिंह थे. इस मुलाकात की खास बात यह रही कि जेपी. सिंह के सामने भी एक ग्लास पार्टिशन था. यानी वो उस बातचीत को नहीं सुन सकते थे जो, जाधव और उनकी पत्नी-मां के बीच हो रही थी. बता दें कि जाधव इंडियन नेवी के एक रिटायर्ड अफसर हैं. पाक का दावा है कि जाधव को बलूचिस्तान से अरेस्ट किया गया था. पाक मिलिट्री कोर्ट ने उन्हें अशांति फैलाने और जासूसी करने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है. हालांकि, आईसीजे ने फांसी पर रोक लगा रखी है.
जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कुलभूषण जाधव की आज सोमवार को उनकी पत्नी चेतना और मां अवंति सुधीर से मुलाकात कराई गई. खबरों के मुताबिक, 40 मिनट चली इस मुलाकात में मां और पत्नी कुलभूषण से बातें तो कर पाईं लेकिन ना तो मां अपने बेटे को गले लगा पाई और ना ही एक पत्नी अपने पति को छू पाई. मुलाकात के दौरान कुलभूषण और उसके परिवार के बीच कांच की एक मोटी दीवार थी. इस दीवार के पार वे एकदूसरे को देख सकते थे, लेकिन छू नहीं सकते. इंटरकोम फोन के जरिए बरसों से बिछड़े परिवार ने बातें कीं.
इस मुलाकात से जुड़ी खास बातें-
- इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के ऑफिस में हुई कुलभूषण जाधव और परिजनों के बीच मुलाकात.
- दोपहर 2.18 बजे पर शुरू हुई मुलाकात 2.58 बजे खत्म हुई. मुलाकात 40 मिनट तक चली.
- मुलाकात के लिए खास कमरा तैयार किया गया. शीशे की मोटी दीवार थी बीच में मुलाकात के दौरान.
- नीले रंग का कोट पहने हुए कुलभूषण ने इंटरकोम फोन से मां और पत्नी से बात की. मुलाकात को कैमरे में कैद किया गया.
- मुलाकात के दौरान भारतीय उप उच्चायुक्त जेपी सिंह और पाकिस्तान की ओर से भारत की निदेशक डॉ. फारिया मौजूद थीं.
- विदेश मंत्रालाय के आसपास आतंक निरोधी दस्ते, शार्प शूटर्स और पाकिस्तानी रेंजर्स को तैनात किया गया है.
- इलाके में केवल सुरक्षाकर्मियों और मीडिया को ही जाने की इजाजत दी गई थी.
- शाम साढ़े छह बजे ओमान एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से मस्कट होते हुए भारत की ओर रवाना हुए.
- मां और पत्नी पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग पहुंची थीं. वहां से सफेद लैंड क्रूजर गाड़ी में कड़ी सुरक्षा के बीच विदेश मंत्रालय पहुंचीं.
- मुलाकात के बाद शाम साढ़े छह बजे ओमान एयरपोर्ट से मस्कट होते हुए भारत के लिए रवाना.
पाक ने दी मीडिया को इजाजत, भारत का इनकार
पाकिस्तान के अखबार द ट्रिब्यून के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जाधव की पत्नी और मां को इंटरनेशनल और नेशनल मीडिया से बातचीत की इजाजत दी थी. लेकिन, भारत ने इस पर रोक लगा दी है. पाकिस्तान के अफसरों ने कहा कि हम चाहते थे कि दोनों महिलाएं मीडिया से बातचीत करें लेकिन भारत ऐसा नहीं चाहता. एक अफसर ने कहा कि हम कुछ भी नहीं छुपाना चाहते. लेकिन, फैसला तो भारत को करना है.
क्या यह कॉन्स्यूलर एक्सेस है
पाक के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जाधव की मां-पत्नी और मां से मुलाकात को कॉन्स्यूलर एक्सेस कहा है. उन्होंने जियो न्यूज से कहा कि ये कॉन्स्यूलर एक्सेस ही तो है.
क्या यह कॉन्स्यूलर एक्सेस है
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| पाकिस्तान कुलभूषण की माँ और पत्नी |
नहीं. ख्वाजा आसिफ गलत बयानी कर रहे हैं. ये सही है कि जाधव की मां-पत्नी को मुलाकात की इजाजत दी गई है. ये भी सही है कि इस दौरान इस्लामाबाद में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर जेपी. सिंह उस कमरे में मौजूद रहेंगे. लेकिन, सूत्र बताते हैं कि वो जाधव से बातचीत नहीं कर सकेंगे.
फिर कॉन्स्यूलर एक्सेस कैसे हो सकता है
कॉन्स्यूलर एक्सेस का मतलब यह है कि पाकिस्तान इंडियन डिप्लोमैट्स को जाधव से बातचीत की इजाजत दे. इस दौरान कोई दखलंदाजी ना हो. मुलाकात की शर्तें पहले से तय हों और जाधव को इंडियन हाई कमीशन डायरेक्ट लीगल असिस्टेंस (सीधी कानूनी मदद) मुहैया कराये. इस मामले में कतई ऐसा नहीं हो रहा है.
मंत्री के बात को मंत्रालय ने खारिज कर दिया खारिज
जब मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मुलाकात को कॉन्स्यूलर एक्सेस कहा तो कुछ घंटे बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने मीडिया से कहा कि ये कॉन्स्यूलर एक्सेस नहीं है.
25 दिसंबर को फांसी देने की थी अफवाह
इस तरह की अफवाहें फैल रहीं थीं कि 25 दिसंबर को पत्नी और मुलाकात के बाद जाधव को जल्द फांसी दी जा सकती है. इस बारे में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर मोहम्मद फैजल ने कहा था कि मैं आपको भरोसा दिलाना चाहते हैं जाधव को जल्द फांसी नहीं दी जायेगी. इस तरह की अफवाहें फैल रहीं थीं कि 25 दिसंबर को पत्नी और मुलाकात के बाद जाधव को जल्द फांसी दी जा सकती है. मोहम्मद फैजल ने कहा था कि मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि जाधव को जल्द फांसी दिये जाने का कोई खतरा नहीं है. हमने इंसानियत के आधार पर कमांडर जाधव की पत्नी और मां को उनसे मुलाकात की मंजूरी दी है. जाधव की दया याचिका (मर्सी पिटीशन) पेंडिंग है.
जानें जाधव को कब सुनाई गई थी फांसी की सजा
पाकिस्तान आर्मी का दावा है कि जाधव इंडियन एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रा) के लिये जासूसी कर रहे थे. उन्हें बलूचिस्तान प्रांत से पकड़ा गया. इसके बाद पाक आर्मी के फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल ने अप्रैल में फांसी की सजा सुनाई थी. इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने 18 मई, 2017 को फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी. पाकिस्तान को कुछ और शर्तें पूरी करने को कहा.
जानें क्या है कुलभूषण जाधव मामला
पाक की मिलिट्री कोर्ट ने जाधव को जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है. भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था. इंडियन नेवी से रिटायरमेंट के बाद वे ईरान में बिजनेस कर रहे थे. हालांकि, पाक का दावा है कि जाधव को बलूचिस्तान से तीन मार्च 2016 को गिरफ्तार किया गया था. पाकिस्तान ने जाधव पर बलूचिस्तान में अशांति फैलाने और जासूसी का आरोप लगाया है.
पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कुलभूषण जाधव की उनकी मां और पत्नी के साथ हाईप्रोफाइल मुलाकात के बाद पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में कुलभूषण इस मुलाकात के लिए पाकिस्तान सरकार का शुक्रिया अदा कर रहे हैं. हालांकि यह वीडियो मुलाकात से दो दिन पहले का बताया जा रहा है. खास बात यह है कि इस वीडियो को चार कट में एडिट करके जारी किया गया है. विदेश मामलों के जानकार इस मुलाकात को पाकिस्तान का हाईप्रोफाइल ड्रामा बता रहे हैं.
मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फजल ने मीडिया से कहा कि इस्लाम शांति और प्रेम का धर्म है इसी आधार पर मानवता के आधार पर उन्होंने भारत की अपील को मंजूर किया कि जाधव की परिवार से मुलाकात कराई जाए. इस दौरान प्रवक्ता ने दुबई स्थित जर्मन हॉस्पिटल की ओर से वह सर्टिफिकेट भी जारी किया गया, जिसमें कुलभूषण को पूरी तरह से स्वस्थ्य बताया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है, जो कुछ भी वह सभी के सामने है. उन्होंने कहा कि अब मानवता की मिसाल पेश करते हुए भारत को भी कश्मीर मामले ऐसे ही कदम उठाने जाने चाहिए, क्योंकि वहां लंबे समय से बेनुगाहों का खून बहाया जा रहा है.
इस वीडियो को विदेश मंत्रालय में लगी बड़ी स्क्रीन पर चलाया गया था. पाकिस्तान ने इस मुलाकात को अपनी उदारवादी नीति के तौर पर पेश किया है. पाक सरकार ने कहा कि वह इस मुलाकात को पाकिस्तान के कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना के जन्मदिवस पर एक इंसानियत के नाते करवा रहा है. इस पर पाक ने भारत सरकार को सलाह दे डाली कि वह भी कश्मीर मामले में ऐसी ही उदारवादी नीति का पालन करे.
इस मुलाकात को लेकर पाकिस्तान ने एक शानदार स्क्रिट तैयार की. इस स्क्रिट को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की कट्टरवाद और आतंकवाद के तौर बनी छवि को साफ करने के तौर पर देखा जा रहा है. क्योंकि जो मुलाकात आयोजित की गई उसमें मुलाकात में जैसा कुछ भी नहीं था.
जाधव और परिवार के बीच मुलाकात इस्लामाबाद स्थित विदेश मंत्रालय में संपन्न हुई. दोपहर 2.18 बजे शुरू हुई मुलाकात ठीक 40 मिनट तक चली. इस मुलाकात के लिए विदेश मंत्रालय में एक विशेष कमरा तैयार किया गया था. जिसे कांच की मोटी दीवार में विभाजित किया गया.






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