आर.बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार
2014 लोकसभा चुनाव उपरान्त अपने एक लेख में लिखा था कि 20019 तक कांग्रेस दो भागों में बंट जाएगी, लगता है उस बात के चरितार्थ होने के अच्छे दिन शुरू हो चुके हैं। देखा गया है कि परिवार के विरुद्ध बोलने का अभी तक कोई साहस तक नहीं कर पा रहा था, लोग घुटन महसूस कर रहे थे, लेकिन शहज़ाद पूनावाला ने शंखनाद कर दिया है।
कांग्रेस के युवा नेता शहजाद पूनावाला ने एक बार फिर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला है। शहजाद पूनावाला ने कहा है कि कांग्रेस राहुल के खिलाफ डमी उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने कहा है कि ये मेरी पार्टी के लिए सबसे काला दिन है। इससे पहले भी शहजाद ने वंशवाद का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा था। शहजाद पूनावाला ने आज ट्वीट किया है, पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया है कि वंशवाद के सलाहकार शहजादा के खिलाफ डमी कैंडिडेट उतारने की सोच रहे हैं। वाकई! इतना नाटक क्यों?
उन्होंने आगे लिखा है, एक शुभचिंतक ने सलाह दी है कि "शहजाद आज कांग्रेस दफ्तर पहुंचकर दूसरे सफदर हाशमी मत बनना।" मेरी पार्टी के इतिहास में ये सबसे काला दिन है।
पीएम ने कहा, ”जहां आंतरिक लोकतंत्र नहीं है वहां आम जनता के लिए काम नहीं हो सकता। इस युवक ने बड़ी हिम्मत का काम किया है, लेकिन दुख की बात है की ऐसा कांग्रेस में हमेशा होता है।” पीएम मोदी के इस बयान के बाद शहजाद ने उनको शुक्रिया भी कहा। शहजाद ने ट्विटर पर लिखा, ”धन्यवाद प्रधानमंत्री, वंशवाद की राजनीति के खिलाफ लड़ाई जारी रखूंगा। मैं दबाव के आगे चुप नहीं होने वाला।” वहीं उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा पीएम मोदी की आलोचना की है, लेकिन आज उन्होंने मेरा नाम लिया। ये परवरिश का फर्क है।
अहंकार में डूबे शहज़ादे और नीचे से मेहनत कर ऊपर पहुंचे व्यक्ति में यही फर्क होता है। सफदर हाशमी एक कट्टर कम्युनिस्ट नाटककार, कलाकार, निर्देशक, गीतकार थे। सफदर जन नाट्य मंच और दिल्ली में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के स्थापक-सदस्य थे। हाशमी की जनवरी 1989 में दिल्ली से सटे ग़ाजियाबाद में एक नुक्कड़ नाटक ‘हल्ला बोल’ खेलते हुए हत्या कर दी गई थी। ग़ाजियाबाद नगरपालिका चुनाव के दौरान नुक्कड़ नाटक ‘हल्ला बोल’ का प्रदर्शन किया जा रहा था तभी शफदर के ग्रुप पर कांग्रेस (आई) से जुड़े कुछ लोगों ने हमला किया है। इस हमले में सफदर बुरी तरह से जख्मी हुए और उसी रात उनकी मौत हो गई।
मणिशंकर अय्यर ने पहले भी कहा ही था की कांग्रेस अध्यक्ष सिर्फ माँ बेटे में से ही बनेंगे, अब माँ ने स्वयं बेटे को कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया, अब वंशवादी पार्टी में यह कौन सी नयी बात हो गयी, सोनिया गाँधी भी तो 1998 से कांग्रेस की अध्यक्ष है, मणिशंकर अय्यर बूढ़ा हो गया कांग्रेस अध्यक्ष बनने की आस में, 2014 लोकसभा इलेक्शन से पहले मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर मोदी जी का दिल्ली तालकटोरा में चाय बेचने का स्टाल लगवा रहा था, पाकिस्तान को मोदी जी को हटवाने के लिए आतंकवादीओ से भी समझौता कर रहा था, फिर भी बेचारा कांग्रेस में पप्पू का चपरासी बन गया, तब तो कम्युनिस्ट भी हस रहे थे, अब उसने पप्पू को औरंगजेब तो बतला दिया, क्योकि उसी के बाद मुग़ल्स ख़त्म होने लगे थे, जो कि सर्वथा सत्य है, थोड़ी सद्बुद्धि अब उसे आ रही है, फिर भी चमचागिरी तो करेगा ही रैनकोट वाले बाबा की तरह, परंतु मेरे हिसाब से असली दुर्योधन की ताजपोशी हो गई है कांग्रेस रूपी कौरवों के खुद के अंदरूनी राज में, बाकि ये पप्पू रूपी दुर्योधन निसंदेह समस्त कांग्रेसी रूपी कोरवो के ताबूत में आखरी कील ठोकेगा, थोड़ा समय और जरूर लगेगा अब तो इसका सिलेक्शन हो ही गया है, वंशवादी कांग्रेस में इलेक्शन तो है ही नहीं।
कोई नहीं उतरा राहुल के विरुद्ध
आखिरकार वह पल आ ही गया है, जिसका कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पिछले काफी अरसे से इंतज़ार था। राहुल गांधी ने दिसम्बर 4 को पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर दिया है। इस दौरान उनके साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि राहुल गांधी के अलावा किसी और ने नामांकन नहीं भरा है। एक से ज्यादा नामांकन होने पर ही चुनाव होगा। कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के समर्थन में 89 नामांकन भरे गए है। राहुल गांधी के समर्थन में कुल 890 प्रस्तावक है।
2014 लोकसभा चुनाव उपरान्त अपने एक लेख में लिखा था कि 20019 तक कांग्रेस दो भागों में बंट जाएगी, लगता है उस बात के चरितार्थ होने के अच्छे दिन शुरू हो चुके हैं। देखा गया है कि परिवार के विरुद्ध बोलने का अभी तक कोई साहस तक नहीं कर पा रहा था, लोग घुटन महसूस कर रहे थे, लेकिन शहज़ाद पूनावाला ने शंखनाद कर दिया है।
कांग्रेस के युवा नेता शहजाद पूनावाला ने एक बार फिर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला है। शहजाद पूनावाला ने कहा है कि कांग्रेस राहुल के खिलाफ डमी उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने कहा है कि ये मेरी पार्टी के लिए सबसे काला दिन है। इससे पहले भी शहजाद ने वंशवाद का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा था। शहजाद पूनावाला ने आज ट्वीट किया है, पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया है कि वंशवाद के सलाहकार शहजादा के खिलाफ डमी कैंडिडेट उतारने की सोच रहे हैं। वाकई! इतना नाटक क्यों?
उन्होंने आगे लिखा है, एक शुभचिंतक ने सलाह दी है कि "शहजाद आज कांग्रेस दफ्तर पहुंचकर दूसरे सफदर हाशमी मत बनना।" मेरी पार्टी के इतिहास में ये सबसे काला दिन है।
गुजरात में पहले चरण के लिए 9 तारीख को वोट डाले जाएंगे. उसके लिए चुनाव प्रचार आज गुरुवार की शाम को थम जाएगा. बीजेपी की तरफ से खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो राहुल गांधी कांग्रेस के सारथी बन रणनीति तैयार कर अपने-अपने खेमों को मजबूत करने में लगे हुए हैं. गुजरात में बीजेपी में पिछले दो दशकों से राज कर रही है. लंबे समय से सत्ता में बने रहने की चुनौती और अंदरूनी विरोध का सामना कर रही भाजपा के सामने राहुल गांधी का रोज नया अवतार एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है. भाजपा, कांग्रेस के गढ़ में सैंध लगाकर उसे ढहाने की रणनीति पर लगातार काम कर रही है. चुनावों से पहले कांग्रेस में हुई बड़ी टूट उसी की परिणीति थी. अब भाजपा ने एक नई बिसात बिछाई है और उस बिसात पर मौहरा बनाया है कांग्रेस के वंशवाद के लिए एक सीधी चुनौती करने वाले शहजाद पूनावाला. पार्टी सूत्र बताते हैं कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पूनावाला के विरोध को कैश करने की रणनीति बनाने में जुटा हुआ है.
पूनावाला भी 8 दिसंबर को प्रधानमंत्री अपने गृह जनपद राजकेट में राहुल के खिलाफ प्रचार अभियान शुरू करने जा रहे हैं. हार्दिक पटेल को साथ लेकर जिस तरह कांग्रेस ने भाजपा के राजनीतिक समीकरण बिगाड़ने की कोशिश की है उसी तरह भाजपा भी शहजाद पूनावालाके विरोध को हवा देकर कांग्रेस के सामने चुनौती पेश करने की जद्दोजहद में है.
शहजाद पूनावाला ने कहा है कि वह कांग्रेस में वंशवाद को खत्म करने के लिए संघर्ष करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि वे 8 दिसंबर को राजकोट में कांग्रेस के औरंगजेब के खिलाफ बिगुल फूंकेंगे. वह एक प्रेस कांफ्रेंस करेंगे जिसकी थीम होगी 'असली कांग्रेस बचाओ, वंशवाद को हटाओ'.
पूनावाला ने बताया, 'उनका यह अभियान राष्ट्रीय स्तर का होगा और इस अभियान में मेरी विचारधारा से सहमति रखने वाले कांग्रेसी शामिल होंगे.'पूनावाला का यह अभियान केवल गुजरात चुनाव तक ही सीमित नहीं रहेगा. 2019 में आम चुनाव के दौरान वह उत्तर प्रदेश के अमेठी में भी इसी रणनीति पर काम करेंगे.
पूनावाला ने बताया, 'उनका यह अभियान राष्ट्रीय स्तर का होगा और इस अभियान में मेरी विचारधारा से सहमति रखने वाले कांग्रेसी शामिल होंगे.'पूनावाला का यह अभियान केवल गुजरात चुनाव तक ही सीमित नहीं रहेगा. 2019 में आम चुनाव के दौरान वह उत्तर प्रदेश के अमेठी में भी इसी रणनीति पर काम करेंगे.
पूनावाला ने DNA के साथ खास बातचीत में कहा, 'राहुल गांधी कांग्रेस के इतिहास में पहले अवैध और असंवैधानिक अध्यक्ष होंगे. इसलिए इस दिन को वह एक काला दिवस (Black Day) के रूप में मनाएंगे.' उन्होंने बताया, 'जब राहुल को अध्यक्ष घोषित किया जाएगा, उस दिन हजारों कांग्रेसी सोशल मीडिया पर प्रोफाइल फोटो को बदलकर उस स्थान को काला कर देंगे. मेरे समर्थक पूरे देश में काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करेंगे और राजकोट से शुरू होने वाला यह प्रदर्शन 2019 में अमेठी में जाकर खत्म होगा.' पूनावाला ने कहा कि हम लोकसभा में कांग्रेस की जीत के लिए दिन-रात एक करते हुए खूब मेहनत करेंगे, लेकिन अमेठी में वह कांग्रेस के औरंगजेब के खिलाफ काम करेंगे.
राहुल गाँधी को चुनौती देंगे
इतना ही नहीं पूनावाला राहुल की ताजपोशी को कानूनी तौर पर चुनौती देने की भी योजना बना रहे हैं. इसके लिए वह पूर्व चुनाव आयुक्तों से सलाह ले रहे हैं कि किस आधार पर राहुल की अध्यक्षता को कोर्ट में चुनौती दी जा सके. बता दें कि शहजाद पूनावाला महाराष्ट्र कांग्रेस में सचिव पद पर हैं और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी के चुने जाने को चुनौती दी थी. उन्होंने कहा था कि राहुल का चुनाव, चुनाव नहीं चयन है. शहजाद के इस बयान के बाद उनके परिवार में भी संकट खड़ा हो गया था. उनके भाई ने शहजाद से सभी रिश्ते खत्म करने की घोषणा की थी.
गौरतलब है कि कल गुजरात में रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहजाद पूनावाला के बयान का जिक्र करते हुए कहा था, ”शहजाद नाम के एक युवक ने कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को लेकर अपनी आवाज उठाई थी, शहजाद महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेता है। कांग्रेस में उस युवक की आवाज दबाने की कोशिश हुई और सोशल मीडिया ग्रूप से उसे निकाल दिया गया।पीएम ने कहा, ”जहां आंतरिक लोकतंत्र नहीं है वहां आम जनता के लिए काम नहीं हो सकता। इस युवक ने बड़ी हिम्मत का काम किया है, लेकिन दुख की बात है की ऐसा कांग्रेस में हमेशा होता है।” पीएम मोदी के इस बयान के बाद शहजाद ने उनको शुक्रिया भी कहा। शहजाद ने ट्विटर पर लिखा, ”धन्यवाद प्रधानमंत्री, वंशवाद की राजनीति के खिलाफ लड़ाई जारी रखूंगा। मैं दबाव के आगे चुप नहीं होने वाला।” वहीं उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा पीएम मोदी की आलोचना की है, लेकिन आज उन्होंने मेरा नाम लिया। ये परवरिश का फर्क है।
अहंकार में डूबे शहज़ादे और नीचे से मेहनत कर ऊपर पहुंचे व्यक्ति में यही फर्क होता है। सफदर हाशमी एक कट्टर कम्युनिस्ट नाटककार, कलाकार, निर्देशक, गीतकार थे। सफदर जन नाट्य मंच और दिल्ली में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के स्थापक-सदस्य थे। हाशमी की जनवरी 1989 में दिल्ली से सटे ग़ाजियाबाद में एक नुक्कड़ नाटक ‘हल्ला बोल’ खेलते हुए हत्या कर दी गई थी। ग़ाजियाबाद नगरपालिका चुनाव के दौरान नुक्कड़ नाटक ‘हल्ला बोल’ का प्रदर्शन किया जा रहा था तभी शफदर के ग्रुप पर कांग्रेस (आई) से जुड़े कुछ लोगों ने हमला किया है। इस हमले में सफदर बुरी तरह से जख्मी हुए और उसी रात उनकी मौत हो गई।
मणिशंकर अय्यर ने पहले भी कहा ही था की कांग्रेस अध्यक्ष सिर्फ माँ बेटे में से ही बनेंगे, अब माँ ने स्वयं बेटे को कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया, अब वंशवादी पार्टी में यह कौन सी नयी बात हो गयी, सोनिया गाँधी भी तो 1998 से कांग्रेस की अध्यक्ष है, मणिशंकर अय्यर बूढ़ा हो गया कांग्रेस अध्यक्ष बनने की आस में, 2014 लोकसभा इलेक्शन से पहले मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर मोदी जी का दिल्ली तालकटोरा में चाय बेचने का स्टाल लगवा रहा था, पाकिस्तान को मोदी जी को हटवाने के लिए आतंकवादीओ से भी समझौता कर रहा था, फिर भी बेचारा कांग्रेस में पप्पू का चपरासी बन गया, तब तो कम्युनिस्ट भी हस रहे थे, अब उसने पप्पू को औरंगजेब तो बतला दिया, क्योकि उसी के बाद मुग़ल्स ख़त्म होने लगे थे, जो कि सर्वथा सत्य है, थोड़ी सद्बुद्धि अब उसे आ रही है, फिर भी चमचागिरी तो करेगा ही रैनकोट वाले बाबा की तरह, परंतु मेरे हिसाब से असली दुर्योधन की ताजपोशी हो गई है कांग्रेस रूपी कौरवों के खुद के अंदरूनी राज में, बाकि ये पप्पू रूपी दुर्योधन निसंदेह समस्त कांग्रेसी रूपी कोरवो के ताबूत में आखरी कील ठोकेगा, थोड़ा समय और जरूर लगेगा अब तो इसका सिलेक्शन हो ही गया है, वंशवादी कांग्रेस में इलेक्शन तो है ही नहीं।
कोई नहीं उतरा राहुल के विरुद्ध
आखिरकार वह पल आ ही गया है, जिसका कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पिछले काफी अरसे से इंतज़ार था। राहुल गांधी ने दिसम्बर 4 को पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर दिया है। इस दौरान उनके साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि राहुल गांधी के अलावा किसी और ने नामांकन नहीं भरा है। एक से ज्यादा नामांकन होने पर ही चुनाव होगा। कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के समर्थन में 89 नामांकन भरे गए है। राहुल गांधी के समर्थन में कुल 890 प्रस्तावक है।
राहुल की अगुवाई में बढ़ेंगे आगे
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राहुल गांधी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमने नॉमिनेशन फाइल कर दिया है, लोगों की सेवा करने की ओर एक और कदम है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने अध्यक्ष पद की भूमिका शानदार तरीके से निभाई है, अब राहुल भी उसी को आगे बढ़ाएंगे। राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस आगे बढ़ेगी।
पता नहीं, मनमोहन सिंह किस दुनियाँ में है, अब कोई इनसे पूछे "चुनावों में जहाँ-जहाँ प्रचार किया, पार्टी की क्या हालत हुई है?" शायद पार्टी इस भ्रम में
राहुल के साथ है पार्टी
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सर्वसम्मति से राहुल को अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव पास हुए हैं. कांग्रेस हमेशा सोच समझकर निर्णय करती है. उन्होंने कहा कि ये फैसला हमने चार साल पहले ही कर लिया था, जब जयपुर में उन्हें उपाध्यक्ष चुना गया था. कांग्रेस एकजुट होकर राहुल गांधी के साथ खड़ी है.
भाजपा का अध्यक्ष आरएसएस तय करता है
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को जवाब देना चाहिए कि क्या उनकी पार्टी में लोकतंत्र है. सोनिया जी ने ही पहले प्रस्ताव पर साइन किए हैं. उन्होंने कहा कि सभी को गुजरात चुनाव के नतीजों का इंतजार करना चाहिए, पीएम की रैलियों में कुर्सियां खाली हैं. बीजेपी का तो अध्यक्ष भी आरएसएस तय करता है.
पहले सेट के लिए ये बने प्रस्तावक
राहुल गांधी के लिए पहले सेट के लिए कांग्रेस नेता अहमद पटेल, पुडुचेरी नारायण सामी, पूर्व दिल्ली सीएम शीला दीक्षित, मोतीलाल वोरा, कमलनाथ, मोहसिना किदवई, तरुण गोगोई और अशोक गहलोत प्रस्तावक बने.
सोनिया-मनमोहन-प्रणब से मुलाकात
नामांकन करने से पहले राहुल ने अपनी मां सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की. गुजरात विधानसभा में कांग्रेस की वापसी की राह देख रहे कार्यकर्ताओं में वोटिंग से ठीक पहले नया जोश भर सकता है. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राहुल को तिलक भी लगाया.
यह लगभग दो दशक बाद है, जब कांग्रेस पार्टी को उसका नया पार्टी अध्यक्ष बनेगा. मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी 1998 से पार्टी की कमान संभाल रही हैं.
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