पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दिसम्बर 7 को गुजरात दौरे पर थे। यहां सिंह ने चुनावी सभा की। सभा से लौटते वक्त उनके लिए स्थिति उस वक्त असंमजस वाली हो गई जब एक बुजुर्ग शख्स ने उन्हें आवाज देकर रोक लिया और उनसे यूपीए सरकार के वक्त हुए घोटालों पर सवाल कर दिया। इस बुजुर्ग ने कहा कि आप अपने शासन काल के वक्त के घोटालों पर क्यों नहीं बोलते थे? जवाब में मनमोहन ने सिर्फ हाथ जोड़ लिए। बता दें कि मनमोहन सिंह ने यहां बीजेपी के शासन (राज्य और केंद्र) पर जमकर हमला बोला और जीएसटी और नोटबंदी को गलत फैसला बताया।
असल में क्या हुआ था?
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह राजकोट में थे। वह सभास्थल से लौट रहे थे, तभी बुजुर्ग मनसुखभाई ने उन्हें आवाज लगाई। मनमोहन रुके तो मनसुख ने उन्हें एक किताब दिखाकर कहा कि आपके शासन में करोड़ों रुपए के घोटाले हुए, आप उन पर क्यों नहीं बोले? इस पर मनमोहन ने हाथ जोड़ लिए।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बोला बीजेपी पर हमला
1) आर्थिक नीतियों की आलोचना की
- मनमोहन सिंह ने राजकोट में मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की। खासकर नोटबंदी और जीएसटी को गलत बताया।
- उन्होंने कहा- "नरेन्द्र मोदी पर गुजरातियों के भरोसे को तोड़ने के साथ उन्हें धोखा भी दिया है। गुजरात की जनता ने नोटबंदी के मोदी जी के फैसले का यह सोच का समर्थन किया कि उनके त्याग से शायद देश को फायदा हो जाये पर ऐसा नहीं हुआ। उनकी उम्मीदें और भरोसा टूट गया। 99% पुराने नोट बैंक में आ गए और काले धन को सफेद बना लिया गया।"
- "इससे छोटे और मझोले उद्योगों को सबसे तगड़ी चोट लगी और लाखों नौकरियां चली गईं जबकि नई नौकरियों के मौके नहीं बन रहे।"
- मनमोहन सिंह ने राजकोट में मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की। खासकर नोटबंदी और जीएसटी को गलत बताया।
- उन्होंने कहा- "नरेन्द्र मोदी पर गुजरातियों के भरोसे को तोड़ने के साथ उन्हें धोखा भी दिया है। गुजरात की जनता ने नोटबंदी के मोदी जी के फैसले का यह सोच का समर्थन किया कि उनके त्याग से शायद देश को फायदा हो जाये पर ऐसा नहीं हुआ। उनकी उम्मीदें और भरोसा टूट गया। 99% पुराने नोट बैंक में आ गए और काले धन को सफेद बना लिया गया।"
- "इससे छोटे और मझोले उद्योगों को सबसे तगड़ी चोट लगी और लाखों नौकरियां चली गईं जबकि नई नौकरियों के मौके नहीं बन रहे।"
2) मोदी करप्शन पर कार्रवाई करें
- मनमोहन ने कहा- "उनकी यूपीए सरकार के दौरान करप्शन के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होती थी और अगर मोदी जी भी भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के दावे करते हैं तो उन्हें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे की कंपनी पर लगे आरोपों समेत अन्य आरोपों की जांच करानी चाहिए।"
- मनमोहन ने कहा- "उनकी यूपीए सरकार के दौरान करप्शन के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होती थी और अगर मोदी जी भी भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के दावे करते हैं तो उन्हें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे की कंपनी पर लगे आरोपों समेत अन्य आरोपों की जांच करानी चाहिए।"
3) राम मंदिर पर कुछ भी कहने से इनकार किया
- मनमोहन सिंह ने राम मंदिर से जुड़े एक सवाल पर केवल यही कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इसलिए वह इस पर वह कुछ नहीं कहना चाहते। कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह मान्य होगा।
- मनमोहन सिंह ने राम मंदिर से जुड़े एक सवाल पर केवल यही कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इसलिए वह इस पर वह कुछ नहीं कहना चाहते। कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह मान्य होगा।
4) नर्मदा प्रोजेक्ट को लेकर मोदी मुझसे कभी नहीं मिले
- सिंह ने कहा- जहां तक मुझे ध्यान है नर्मदा प्रोजेक्ट को लेकर मोदी मुझसे प्रधानमंत्री रहते कभी नहीं मिले।
- सिंह ने कहा- जहां तक मुझे ध्यान है नर्मदा प्रोजेक्ट को लेकर मोदी मुझसे प्रधानमंत्री रहते कभी नहीं मिले।
Comments