आर.बी.एल.निगम
दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने निर्भया की पांचवी बरसी पर चार पन्नों का एक लंबा चौड़ा भावुक पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा है। इस पत्र के माध्यम से स्वाति जयहिंद ने अब तक के अपने कार्यकाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए गए कायरे और देश की राजधानी को ‘‘रेप कैपिटल’ बनने और यहां आए दिन छोटी-छोटी बच्चियों के साथ होने वाली बलात्कार की घटनाओं के बारे में बताया है।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में स्वाति जयहिंद ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश की राजधानी दिल्ली पूरी दुनिया में ‘‘रेप कैपिटल’ के नाम से बदनाम हो गई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर दिन तीन बच्चियों के साथ बालात्कार हो रहा है। हाल ही में डेढ़ साल की एक बच्ची से बालात्कार हुआ। एक साल की एक बच्ची से गैंगरेप हुआ और बाल दिवस पर एक डेढ़ साल की बच्ची से गैंगरेप की घटना घटी। इन सब बच्चियों के घण्टों आपरेशन चले। मैं इन सभी बच्चियों से मिलकर आई हूँ और इनका दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। यह बच्चियां इतनी छोटी हैं कि अपनी आप बीती ठीक से बयां भी नहीं कर सकतीं पर इनकी आँखें मुझसे और पूरे तंत्र से कई सवाल कर रही हैं जिनके जवाब देना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मैंने अपने कार्यकाल के दौरान यह महसूस किया कि अपराधियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध करने को लेकर कोई डर नहीं है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 2012 से लेकर 2014 तक महिलाओं के साथ 31,446 अपराध दर्ज किए गए और उनमें से केवल 150 मामलों में ही सजाएं हुई हैं। सच तो यह है कि हमारे देश में किसी अपराधी को अपराध करने से डर नहीं लगता है। अपराधियों को लगता है कि अगर वह किसी महिला या बच्ची के साथ कुछ भी करेंगे तो वह इस व्यवस्था में बहुत ही आसानी से बच जाएंगे।
बहुत दु:ख की बात है कि निर्भया की पांचवी बरसी कल है और अभी तक निर्भया तक को इस देश में न्याय नहीं मिला। निर्भया की माँ आज भी धक्के खा रही हैं कि किसी भी तरह उनकी प्यारी बेटी को न्याय मिल सके। यह किसी एक निर्भया की लड़ाई नहीं है, यह पूरे देश में ऐसी हज़ारों निर्भया की लड़ाई है जो इस वक्त न्याय की आस में बैठी हैं। ऐसे में जब तक इन अपराधों के लिए हर हाल में और तुरंत सजाएं होना शुरू नहीं होंगी, मुझे लगता तब तक कुछ नहीं बदलेगा।
उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री से गुजारिश की है कि पूरे देश में ऐसा क़ानून लागू किया जाए जिससे छोटी बच्चियों के बलात्कार के अपराधियों को हर हाल में और 6 महीने के अन्दर सजा-ए-मौत हो। साथ ही दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए तुरंत एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए जो इस दिशा में निर्णायक कदम उठा सके। निर्भया फण्ड को भी राज्यों में बांटने की अपील की गई है जिससे केंद्र सरकार इस फंड को खर्च न करने के पाप से मुक्त हो।
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