आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दिसम्बर 28 को राज्यसभा में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल का मुद्दा उठा. सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने सदन में कहा कि दिल्ली सरकार के पास कोई शक्ति नहीं है और मुख्यमंत्री के साथ उपराज्यपाल चपरासी की तरह व्यवहार करते हैं. किसी मुख्यमंत्री के लिए यह अपमानजनक है।
माना दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के साथ करोड़ों मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कालिंदी कुंज जो दिल्ली की सीमा में आता है, मेजेंटा लाइन के उद्घाटन के अवसर पर दिल्ली के ही मुख्यमंत्री को आमन्त्रित न करना आयोजकों ने बहुत ही निंदनीय काम किया है। दुःख इस बात का है कि अभी तक किसी ने एक मुख्यमंत्री का इस तरह अनादर किए जाने पर किसी भी तरफ से क्षमा याचना नहीं हुई। कुछ भी है केजरीवाल केन्द्र शासित राज्य का मुख्यमंत्री है। जिस ओर से यह निंदनीय कार्य हुआ है, उसे जवाबदेही बनाना होगा। दूसरे अर्थों में यह दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का अपमान नहीं, समस्त दिल्ली का अपमान है।
खबरों के अनुसार सदन में यह मामला उठने के बाद केजरीवाल को कई दलों का समर्थन प्राप्त हुआ है। राज्य सभा में बृहस्पतिवार को चार पार्टियों ने दिल्ली में इन दोनों के बीच चल रही खींचतान को खत्म करने की मांग की। वहीं इसी कड़ी मेंसमाजवादी पार्टी ने कहा कि कि केंद्र सरकार के एलजी चीफ मिनिस्टर अरविंद केजरीवाल के साथ चपरासी की तरह व्यवहार करते है।
इसके बाद राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन पीजे कुरियन ने हाउसिंग एंड अरबन अफेयर्स मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी से कहा कि वो केजरीवाल और एलजी अनिल बैजल के बीच टकराव दूर करने की कोशिश करें। बता दें कि पिछले दिनों केजरीवाल को मेट्रो की मेजेंटा लाइन के इनॉगरेशन में नहीं बुलाया गया। सपा, टीएमसी समेत कई पार्टी के सांसदों ने इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाया। दूसरी ओर, एलजी ने दिल्ली सरकार के होम डिलिवरी सर्विस के फैसले पर भी रोक लगाई है।
नोएडा से कालिंदी कुंज मार्ग पर दिल्ली मेट्रो रेल सेवा के उद्घाटन समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आमंत्रित नहीं करने और दिल्ली सरकार को अधिकार देने का मुद्दा राज्यसभा में बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों ने उठाया।
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दिसम्बर 28 को राज्यसभा में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल का मुद्दा उठा. सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने सदन में कहा कि दिल्ली सरकार के पास कोई शक्ति नहीं है और मुख्यमंत्री के साथ उपराज्यपाल चपरासी की तरह व्यवहार करते हैं. किसी मुख्यमंत्री के लिए यह अपमानजनक है।
माना दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के साथ करोड़ों मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कालिंदी कुंज जो दिल्ली की सीमा में आता है, मेजेंटा लाइन के उद्घाटन के अवसर पर दिल्ली के ही मुख्यमंत्री को आमन्त्रित न करना आयोजकों ने बहुत ही निंदनीय काम किया है। दुःख इस बात का है कि अभी तक किसी ने एक मुख्यमंत्री का इस तरह अनादर किए जाने पर किसी भी तरफ से क्षमा याचना नहीं हुई। कुछ भी है केजरीवाल केन्द्र शासित राज्य का मुख्यमंत्री है। जिस ओर से यह निंदनीय कार्य हुआ है, उसे जवाबदेही बनाना होगा। दूसरे अर्थों में यह दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का अपमान नहीं, समस्त दिल्ली का अपमान है।
खबरों के अनुसार सदन में यह मामला उठने के बाद केजरीवाल को कई दलों का समर्थन प्राप्त हुआ है। राज्य सभा में बृहस्पतिवार को चार पार्टियों ने दिल्ली में इन दोनों के बीच चल रही खींचतान को खत्म करने की मांग की। वहीं इसी कड़ी मेंसमाजवादी पार्टी ने कहा कि कि केंद्र सरकार के एलजी चीफ मिनिस्टर अरविंद केजरीवाल के साथ चपरासी की तरह व्यवहार करते है।
इसके बाद राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन पीजे कुरियन ने हाउसिंग एंड अरबन अफेयर्स मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी से कहा कि वो केजरीवाल और एलजी अनिल बैजल के बीच टकराव दूर करने की कोशिश करें। बता दें कि पिछले दिनों केजरीवाल को मेट्रो की मेजेंटा लाइन के इनॉगरेशन में नहीं बुलाया गया। सपा, टीएमसी समेत कई पार्टी के सांसदों ने इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाया। दूसरी ओर, एलजी ने दिल्ली सरकार के होम डिलिवरी सर्विस के फैसले पर भी रोक लगाई है।
राज्यसभा में यूं शुरू हुआ मामला
राज्यसभा में दिल्ली विशेष उपबंध संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा के नेता रामगोपाल यादव ने दिल्ली मेट्रो की एक महत्वपूर्ण सेवा के उद्घाटन में दिल्ली के मुख्यमंत्री को नही बुलाने को गलत परंपरा की शुरुआत कहा. उनका कहना था कि हर व्यक्ति कह रहा है कि यह गलत था।
राज्यसभा में दिल्ली विशेष उपबंध संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा के नेता रामगोपाल यादव ने दिल्ली मेट्रो की एक महत्वपूर्ण सेवा के उद्घाटन में दिल्ली के मुख्यमंत्री को नही बुलाने को गलत परंपरा की शुरुआत कहा. उनका कहना था कि हर व्यक्ति कह रहा है कि यह गलत था।
केंद्रीय मंत्री को सौंपा टकराव दूर करने का जिम्मा
- दरअसल, राज्यसभा में गुरुवार को दिल्ली में अवैध कॉलोनियों से जुड़े बिल पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान कई सांसदों ने केजरीवाल को मेट्रो की मेजेंटा लाइन के इनॉगरेशन प्रोग्राम में नहीं बुलाने का मुद्दा उठाया। कुछ ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के बीच अधिकारों की लड़ाई का भी जिक्र किया।
- इस पर डिप्टी चेयरमैन कुरियन ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी से कहा कि कृपया आप दोनों के बीच टकराव का हल निकालने की कोशिश करें। पुरी ने कहा कि 40 साल की पब्लिक सेक्टर लाइफ में मैंने आतंकवादियों तक से समझौते के लिए बातचीत की कोशिश की। लेकिन मेरे लिए यह बड़ा चैलेंज होगा, दोनों को लंच पर बुलाकर कोई हल निकालूंगा।
- इस पर डिप्टी चेयरमैन कुरियन ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी से कहा कि कृपया आप दोनों के बीच टकराव का हल निकालने की कोशिश करें। पुरी ने कहा कि 40 साल की पब्लिक सेक्टर लाइफ में मैंने आतंकवादियों तक से समझौते के लिए बातचीत की कोशिश की। लेकिन मेरे लिए यह बड़ा चैलेंज होगा, दोनों को लंच पर बुलाकर कोई हल निकालूंगा।
प्रोग्राम में सीएम को नहीं बुलाना गलत परंपरा: सांसद
- सांसद राज गोपाल वर्मा ने कहा कि मुझे बताया गया कि मेट्रो के यूपी में पड़ने वाले सेक्शन का इनॉगरेशन हुआ है तो मैं चुप रहा। लेकिन सभी लोग इस बात के विरोध में हैं कि जब दिल्ली मेट्रो ने इसे बनाया है तो वहां के सीएम को क्यों नहीं बुलाया। यह गलत परंपरा है।
- उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार प्रोग्राम में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था, क्योंकि इसमें राज्य के सीएम को नहीं बुलाया गया था। आज भी इसी परंपरा को फॉलो किया जाना चाहिए।
- इसी दौरान टीएमसी, सीपीएम, सीपीआईएम सांसद भी इनविटेशन नहीं देने के मुद्दे पर केजरीवाल के सपोर्ट में आ गए। सीपीएम के टीके रंगराजन ने कहा कि दिल्ली की तरह पुड्डुचेरी में भी उपराज्यपाल का राज चल रहा है।
- उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार प्रोग्राम में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था, क्योंकि इसमें राज्य के सीएम को नहीं बुलाया गया था। आज भी इसी परंपरा को फॉलो किया जाना चाहिए।
- इसी दौरान टीएमसी, सीपीएम, सीपीआईएम सांसद भी इनविटेशन नहीं देने के मुद्दे पर केजरीवाल के सपोर्ट में आ गए। सीपीएम के टीके रंगराजन ने कहा कि दिल्ली की तरह पुड्डुचेरी में भी उपराज्यपाल का राज चल रहा है।
केजरी के साथ चपरासी की तरह बर्ताब करते हैं LG: अग्रवाल
- केंद्रीय मंत्री और दिल्ली के सांसद विजय गोयल ने आप सरकार के द्वारा अवैध कॉलोनियों को रेग्यूलर नहीं करने का मुद्दा उठाया। इससे जुड़े बिल पर चर्चा में समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल भी शामिल हुए।
- अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार को काम करने और फैसले लेने की आजादी नहीं है। उपराज्यपाल दिल्ली के सीएम के साथ एक चपरासी की तरह बर्ताव करते हैं। दिल्ली में एक चुनी हुई सरकार है, उसे काम करने का अधिकार मिले। क्यों बीजेपी नहीं चाहती है कि दिल्ली भी बनारस की तरह मॉडल सिटी बने।
- अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार को काम करने और फैसले लेने की आजादी नहीं है। उपराज्यपाल दिल्ली के सीएम के साथ एक चपरासी की तरह बर्ताव करते हैं। दिल्ली में एक चुनी हुई सरकार है, उसे काम करने का अधिकार मिले। क्यों बीजेपी नहीं चाहती है कि दिल्ली भी बनारस की तरह मॉडल सिटी बने।
कब हुआ था मेट्रो की मेजेंटा लाइन का इनॉगरेशन?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को दिल्ली की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो की शुरुआत की थी। मेजेंटा लाइन नोएडा के बॉटनिकल गार्डन को साउथ दिल्ली के कालकाजी से जोड़ती है। इस प्रोग्राम को यूपी सरकार ने आयोजित किया था। इसमें केजरीवाल को नहीं बुलाने पर आप सरकार ने इसे दिल्ली की जनता का अपमान बताया था।
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