आर.बी.एल.निगम
60 के दशक में निर्माता-निर्देशक के. आसिफ के सदाबहार फिल्म "मुग़ल-ए-आज़म" प्रदर्शित हुई थी, इस फिल्म के सारे ही गीत आज भी चर्चित है। इन्ही गीतों में एक गीत था "प्यार किया तो डरना क्या ...." जिसे फिल्म कलाकारों ने ही चरितार्थ कर दिया।
60 के दशक में निर्माता-निर्देशक के. आसिफ के सदाबहार फिल्म "मुग़ल-ए-आज़म" प्रदर्शित हुई थी, इस फिल्म के सारे ही गीत आज भी चर्चित है। इन्ही गीतों में एक गीत था "प्यार किया तो डरना क्या ...." जिसे फिल्म कलाकारों ने ही चरितार्थ कर दिया।
प्यार दुनिया का सबसे अच्छा शब्द है, सबसे अच्छी भावना है. जब प्यार किसी को होता हे तो वो दुनिया में फैली नकारात्मकता से कोसो दूर रहते है। माना जाता है कि प्यार एक ऐसा एहसास है जो रंग-रूप, अमीरी-गरीबी, ऊँच-नीच और जाति-धर्म के भेदभाव को नहीं मानता।
प्यार में सिर्फ अपने जीवनसाथी के साथ ही रहने का मन करता है, चाहे कोई रुकावट ही क्यों न हो बस आपका जीवनसाथी आपके साथ हो। बॉलीवुड में भी कई ऐसी जोड़ियाँ है जिन्होंने अलग अलग धर्मो के होते हुए भी प्यार किया और शादी भी की। चलिए आपको बताते है कुछ इन्ही जोड़ियों के बारे में..
सुनील दत्त और नर्गिस
सबसे पहले बात करते है सुनील दत्त और नर्गिस की जोड़ी की, जो कि अपने समय की सबसे अच्छी जोड़ी थी।सुनील दत्त हिन्दू फैमिली से थे और नर्गिस मुस्लिम फैमिली से फिर भी, दोनों में प्यार हुआ और शादी भी, वह भी बहुत ही अजीब शर्त जितने पर।
वैसे सुनील दत्त से शादी करने से पूर्व नर्गिस और राजकपूर के बीच रोमांस काफी चर्चित था। राजकपूर की पत्नी कृष्णा अपने परिवार को टूटते देख, घर छोड़ कर गयीं ही थी कि ससुर पृथ्वीराज कपूर अपनी बहु को लेकर नर्गिस के पास गयीं और नर्गिस ने अपने प्यार को टूटते परिवार को पुनः एक करने के लिए कुर्बान कर दिया।
नर्गिस के चाहने वालों की एक लम्बी लाइन लगी थी, कि महबूब खान ने नर्गिस को अपनी फिल्म "मदर इंडिया" में काम करने करने का आग्रह किया। फिल्म पटकथा पढ़, मेहबूब के आगे एक शर्त रखी कि "फिल्म में आग दृश्य असली होगा और जो मुझे इस आग में से शादी/निकाह करुँगी।" जैसे ही इस शर्त ने आग की तरह फ़ैलना शुरू किया, इनके आशिकों की लगी लम्बी लाइन समाप्त हो गयी और बचे बलि का बकरा सुनील दत्त, जिन्होंने इस शर्त को स्वीकार करते हुए महबूब को फिल्म में काम करने की हाँ कर दी। फिल्म में सुनील ने नर्गिस के पुत्र बिरजू का अभिनय किया था। इनका विवाहित जीवन बहुत सुखद रहा, लेकिन नर्गिस के देहान्त पर अन्तिम संस्कार के समय भाई अनवर ने विवाद खड़ा कर दिया। खैर, वह तो अब इतिहास बन गया। इन दोनों में इतना अटूट प्यार था कि नर्गिस की दर्दनाक मृत्यु से दुखी सुनील ने फिल्म "दर्द का रिश्ता" का निर्माण किया। फिल्म भी ऐसी दर्दनाक कि फिल्म समीक्षक भी दंग रह गए। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि सुनील दत्त इतनी दर्दनाक फिल्म भी बना सकता है।
फिल्म "मदर इंडिया" में आग वाली शर्त पर स्मरण होती है एक और शर्त। वह है अभिनेता, निर्माता-निर्देशक गुरुदत्त की फिल्म "साहिब,बीबी और गुलाम", इस फिल्म में नायिका मीना कुमारी को शराबी की तरह अभिनय करते गीत "ना जाओ सइयां छुड़ा के बहियाँ, कसम तुम्हारी मै रो पड़ूँगी..." गीत मीना के व्यक्तिगत जीवन को चरितार्थ कर रहा था। मीना ने गुरुदत्त से गीत का फिल्मांकन शराब पीकर करने को कहा। गुरुदत्त ने फिल्मांकन उपरान्त शराब देने को कहा,लेकिन मीना ने कहा फिल्मांकन होगा तो शराब पीकर वरना नहीं। आखिरकार, मीना की ज़िद को निर्माता-निर्देशक को शर्त को स्वीकार करना पड़ा था।
खैर अब आते है विषय पर:

धर्मेन्द्र– हेमामालनी
धर्मेन्द्र– हेमामालनी की जोड़ी को कौन नहीं जानता होगा. धर्मेन्द्र पहले से ही शादीशुदा थे, जब उन्हें हेमा मालिनी से प्यार हुआ. धर्मेन्द्र सिख परिवार से थे और हेमा हिन्दू थी।
इन दोनों को एकान्त में रासलीला करते देख कई मीडियाकर्मियों को धर्मेन्द्र के गुस्से का सामना भी करना पड़ा था।पता नहीं कितने कैमरे तोड़े गए।

सलीम और सुशीला
सलमान खान के पिता सलीम और उनकी पार्टनर सुशीला के बारे में तो आप जानते ही होंगे. सलीम खान एक मुस्लिम है और सुशीला एक हिन्दू. इसकी प्रवाह न करते हुए इन्होने एक दुसरे से प्यार किया और शादी भी कि और अपना जीवन सुखी तरह से जी रहे है.
शाहरुख़ और गौरी
बॉलीवुड के किंग खान कहे जाने वाले शाहरुख़ और गौरी के चर्चे भी खूब सुने होंगे. आपको बता दे कि गौरी वास्तव में एक हिन्दू फैमिली से थी, पर धर्म की परवाह किए बिना इनका प्रेम परवान चढ़ा और दोनों ने शादी भी की.

सैफ और अमृता
पिता मंसूर अली ने भी हिन्दू शर्मिला टैगोर से शादी की तो बेटे ने भी गैर मुस्लिम अमृता सिंह से शादी कर पिता की राह चली. मगर ये शादी 13 साल ही चली और अंत सैफ ने करीना से दूसरी शादी कर ली.
सुनील शेट्टी और माना
सुनील शेट्टी ने अपने बचपन की फ्रेंड माना से शादी की है जो कि मुस्लिम है। ठीक इसी तरह मनोज वाजपेयी ने अपनी पहली पत्नी से तलाक के बाद फ़िल्म करीब की एक्ट्रेस नेहा से शादी की है। बता दें कि नेहा का असली नाम शबाना है जो कि मुस्लिम है।
इस श्रेणी में सम्मिलित हैं : – आदित्य पांचोली- जरीना वाहब, आयशा टाकिया- फरहान आजमी, राज बब्बर- नादिरा, वहीदा रहमान और कमलजीत, इमरान हाशमी – परवीन शाहनी, नसीरुद्दीन शाह-रत्ना पाठक, आमिर खान-किरण जैसे मशहूर कपल है जो दो अलग अलग धर्मों के बावजूद शादी के बंधन में बंधे।
कई कलाकार ऐसे भी रहे जिनका प्यार धर्म के कारण परवान नहीं चढ़ पाया। उनमे देव आनंद-सुरैया, शत्रुघन सिन्हा-रीना रॉय (मुस्लिम) आदि कई कलाकार हैं।
(लेखक द्वारा "भारतीय फिल्मोद्योग--एक विवेचन" का लेखन किया है।)
(लेखक द्वारा "भारतीय फिल्मोद्योग--एक विवेचन" का लेखन किया है।)


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