
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
एक समय में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खास एक तृणमूल में सबसे कद्दावर नेता मुकुल राय आज (नवम्बर 3) को भाजपा में शामिल हो गए। सारी अटकलों को दरकिनार करते हुये मुकुल राय ने भाजपा मुख्यालय नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, बंगाल में भाजपा के प्रभारी कैलाश विजय वर्गीय की उपस्थिति में भाजपा का दामन थाम लिया। मौके पर मुकुल राय ने कहा कि तृणमूल का गठन बंगाल में वामफ्रंट और कांग्रेस के साथ लड़ाई करने के लिये हुई थी। अब बंगाल में 2021 में बीजेपी की सरकार बनेगी। बाद में उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और रेल मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात की। बता दें कि भाजपा पश्चिम बंगाल में अपनी जड़ें जमाने की कोशिशों में जुटी है। इसी कड़ी में बीजेपी ने ममता के दाहिना हाथ कहे जाने वाले मुकुल रॉय को अपने पाले में किया है।
17 दिसंबर 1997 को हुआ था तृणमूल का गठन
श्री राय ने बताया कि 17 दिसंबर 1997 को तृणमूल कांग्रेस का गठन हुआ था। उस समय अगर भाजपा तृणमूल के साथ खड़ी नहीं होती तो आज जिस जगह पर तृणमूल है, वहां खड़ी नहीं होती। मुकुल राय अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य थे एवं महासचिव के पद पर भी रह चुके है। मुकुल के भाजपा में शामिल हो जाने से बंगाल में भाजपा को मजबूती मिलेगी। बीजेपी की तारीफ करते हुए मुकुल रॉय ने कहा कि बीजेपी कम्यूनल नहीं सेक्यूलर पार्टी है। उन्होंने कहा कि साल 1997 में टीएमसी का गठन हुआ और 1998 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। बाद में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में टीएमसी शामिल भी हुई थी। रॉय ने कहा कि अब बीजेपी पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज होगी।
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क्या मुकुल घोटाला मुक्त हो गए है?
अब सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर क्या उनकी निगाह मुख्यमंत्री या फिर उप-मुख्यमंत्री की कुर्सी है? दूसरे, यह कि शारदा चिटफण्ड घोटाले में जो उनका नाम शामिल है, क्या उस घोटाले से उनका नाम निकालकर उन्हें गंगाजल की तरह पवित्र समझा जाएगा? या घोटाले की जाँच में उन्हें किसी तरह की कोई नरमी नहीं बरती जाएगी? वास्तव में राजनीति की चौपड़ में न कोई किसी का मित्र और न ही कोई शत्रु। शारदा घोटाले में मुकुल को घसीटने पर ममता ने भाजपा पर खूब प्रहार किए और भाजपा ममता को विचलित करने में मुकुल पर नकेल कसती रही। दूसरे, क्या मुकुल राय अपने आपको निर्दोष सिद्ध करने के लिए ममता और पार्टी के अन्य सदस्यों के घोटालों को उजागर करेंगे? क्या मुकुल बंगाल में हो रहे तुष्टिकरण एवंम रोहिंग्य मुसलमानो को बसाए एवं उनको छुपाए जाने के स्थानों को जगजाहिर करेंगे? वैसे भाजपा अब मुकुल का ममता के विरुद्ध प्रयोग कर ममता को हाशिए पर लाकर मुकुल को घोटाला मुक्त करेगी।
वास्तव में आज अवसरवादिता इतनी बढ़ गयी है, कि नेता मालपुए खाने के इतने आदी हो चुके हैं, जिसका कोई हिसाब नहीं। खाने की थाली में घी कम होते देख, तुरन्त पाला बदल लेते हैं।
बंगाल में भाजपा होगी मजबूत
भाजपा नेता रविशंकर ने कहा है कि मुकुल राय ने भाजपा में बिना शर्त शामिल होने की इच्छा व्यक्त की थी। मुकुल राय तृणमूल कांग्रेस की स्थापना से लेकर दशकों तक संसद में रहे है। बेशक उनके भाजपा में शामिल होने से पश्चिम बंगाल का जनाधार बढ़ेगा। साथ ही भाजपा वहां और मजबूत होगी।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा फ़ाइल पर हस्ताक्षर किए जाने के तत्काल बाद केंद्र सरकार ने मुकुल रॉय को 31 अक्टूबर की दोपहर वाई प्लस कैटेगरी सुरक्षा मुहैया कराई है। हालांकि इनके विरोधी इसे महत्व नही देते हुए कह रहे हैं कि इन्होंने सुरक्षा की मांग की थी, इसमें इतना खास क्या है? दूसरी तरफ इनके समर्थकों का दलील है कि कोई भी सुरक्षा मांगेगा उसे मिल जाएगा क्या? वैसे तृणमूल कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इसे बेहद गंभीरता से ले रहा है।
तृणमूल छोड़ने के बाद असुरक्षित थे मुकुल
दीवाली के पहले मुकुल रॉय पश्चिम बंगाल भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय से मिले थे। उस मुलाकात के दौरान मुकुल रॉय ने बंगाल के बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के तहत असुरक्षा की आशंका व्यक्त की थी।स्थानीय थाने से संपर्क करने के बाद 31 अक्टूबर की दोपहर वाई प्लस सुरक्षा मुहैया करा दी गयी। मुकुल रॉय को हर जगह यह सुरक्षा सुविधा उपलब्ध होगी.
मुकुल रॉय ने दिल्ली से किया है फोन
मुकुल रॉय ने काचरापाड़ा सहित पूरे बंगाल में अपने करीबी लोगों को दिल्ली से फोन किया है और कहा है कि वह भी फोन के जरिये अपने लोगों को बताएँ। फोन के जरिये ही सभी कोई एक दूसरे को बताये की मुकुल रॉय अब बीजेपी के साथ हैं। सभी तैयार हो जाओ और बीजेपी को मजबूत करने में जुट जाओ। जो जहां भी है वहां के नेता और कार्यकर्ताओं से मिले, वहां पार्टी के कार्यक्रम में शामिल हों। बंगाल एक और परिवर्तन मांग रहा है और मैं आ रहा हूँ।
दुर्गा पूजा से पहले मुकुल रॉय ने झटका देते हुए तृणमूल कांग्रेस छोड़ने का एलान किया था। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था। मुकुल का नाम शारदा चिटफंड घोटाले में भी आ चुका है। क्या मुकुल राय ने घोटालों से विचलित होकर ममता का दामन छोड़ा है, या बंगाल में बढ़ती हिन्दू विरोधी मुहिम? जहाँ तक हिन्दू विरोधी मुहिम की बात है, यह तो ममता के मुख्यमन्त्री बनने के बाद से ही चल रही है। सम्भव है, आज मोदी लहर की लपेट में बंगाल को आता देख, अपनी धूमिल होती छवि एवं कुर्सी की भूख मिटाने के लिए पार्टी छोड़ी ? यूपीए सरकार-2 में मुकुल रॉय 20 मार्च 2012 से 21 सितंबर 2012 तक रेल मंत्री रह चुके हैं। उन्हें ममता ने तब रेल मंत्री बनवाया था जब उनकी ही पार्टी के दिनेश त्रिवेदी ने बतौर रेल मंत्री रेल बजट में यात्री किराया बढ़ाने का एलान किया था।
दुर्गा पूजा से पहले मुकुल रॉय ने झटका देते हुए तृणमूल कांग्रेस छोड़ने का एलान किया था। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था। मुकुल का नाम शारदा चिटफंड घोटाले में भी आ चुका है। क्या मुकुल राय ने घोटालों से विचलित होकर ममता का दामन छोड़ा है, या बंगाल में बढ़ती हिन्दू विरोधी मुहिम? जहाँ तक हिन्दू विरोधी मुहिम की बात है, यह तो ममता के मुख्यमन्त्री बनने के बाद से ही चल रही है। सम्भव है, आज मोदी लहर की लपेट में बंगाल को आता देख, अपनी धूमिल होती छवि एवं कुर्सी की भूख मिटाने के लिए पार्टी छोड़ी ? यूपीए सरकार-2 में मुकुल रॉय 20 मार्च 2012 से 21 सितंबर 2012 तक रेल मंत्री रह चुके हैं। उन्हें ममता ने तब रेल मंत्री बनवाया था जब उनकी ही पार्टी के दिनेश त्रिवेदी ने बतौर रेल मंत्री रेल बजट में यात्री किराया बढ़ाने का एलान किया था।
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