आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
सैन्य तख्तापलट की कोशिशें हाल ही में जिम्बाब्वे में सामने आई थीं। हालांकि बाद में सेना पीछे हट गई और जिम्बाब्वे को नया राष्ट्रपति मिल गया।अब पाकिस्तान में भी तख्तापलट के हालात सामने आये हैं। इस्लामाबाद और कराची सहित कई शहरों में लम्बे समय से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।पुलिस से झड़प भी हुई है और इसकी मीडिया कवरेज पर भी रोक लगाई गई है। इस प्रदर्शन को खत्म करने के लिए 8500 स्पेशल पुलिस यानी इलाइट पुलिस के जवान लगाए गए है। सेना भी बुलाई जा रही है।
हाफिज सईद को रिहा करना एक सोंची-समझी योजना है। दरअसल पाकिस्तान शासक कश्मीर को ही हर मर्ज की दवा अमृतधारा समझ रहे हैं। आज तक उनकी सोंच में लेशमात्र भी अन्तर नहीं आया है। 2014 को भारत में हुए सत्ता परिवर्तन ने पाकिस्तान जनता चाहे वह PoK हो, सिंध हो या बुलुचिस्तान हो, सभी भारत के प्रधानमन्त्री की ओर बड़ी उम्मीद से देख रहे हैं। और जो आज पाकिस्तान में हालत हैं, लगता है, तत्कालीन प्रधानमन्त्री इन्दिरा गाँधी की तरह वर्तमान प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी लपकने से नहीं चूकेंगे।
सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि 2019 से पहले अयोध्या में राममन्दिर निर्माण की शुरुवात हो या न हो, लगता है, पाकिस्तान का नक्शा छोटा होने की पूरी सम्भावनाएं हैं। मोदी विरोधी हाफिज की रिहाई पर मोदी सरकार को लपेटने की कोशिश मात्र वोट बैंक नीति है, और कुछ नहीं। सभी विरोधी अच्छी तरह जानते हैं, कि "अगर लाल बहादुर शास्त्री के 18 माह के कार्यकाल से नेहरू के 18 वर्ष को भुलवा दिया था, मोदी पाकिस्तान की दुखती नब्ज को पकड़ चुके हैं, और जिस मोदी को सभी लाख अपशब्दों से भारतीय जनता को भ्रमित कर लें, परन्तु मोदी कब दुखती नब्ज को पकड़ पाकिस्तान को पटकनी दे दे, कुछ नहीं पता। क्योकि आज पाकिस्तान जनता, हाफिज जैसे कट्टरपंथियों को छोड़. मोदी की तरफ बड़ी आस भरी उम्मीद लगाए हुए हैं। कोई पाकिस्तानी नेता, सत्तारूढ़ या विपक्षी, या सेना जनता को राहत नहीं दे सकती, जो उन्हें मोदी से मिल सकती हैं।
मोदी विश्व का सबसे खतरनाक प्रधानमन्त्री
पेंटागन को सौंपी गयी इस ख़ुफ़िया सुचना का टाइटल ही है की, “अमरीका के बाद भारत दूसरा देश हो सकता है जिसने किसी पर परमाणु बम का उपयोग किया” । आपको तप पता ही है कि आजकल भारत और पाकिस्तान के बीच उरी अटैक के बाद तनाव है । सीआईए ने अपनी रिपोर्ट में इन सभी पहलुओं पर ग़ौर करके अपनी रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट में सीआईए ने भारत के PM मोदी जी की आक्रमकता और तुरंत निर्णय लेने की क्षमता के बारे में पेंटागन को सचेत किया है।
सबसे पहली बात जो कही गयी है उसके अनुसार मोदी की पहली पसंद बम है गोली नहीं है । सीआईए ने साफ़ साफ़ कहा है की, मोदी एक बेहद आक्रमक नेता के रूप में उभरे है ऐसी आक्रमकता आज से पहले भारत के किसी PM ने नहीं दिखाई है। सीआईए ने अपनी रिपोर्ट में पेंटागन को ये बताया है की मोदी की पसंद बम है गोली नहीं वो जब भी युद्ध करेंगे तो भीषण करेंगे, और बड़ा फैसला करने वाला युद्ध करेंगे छोटा मोटा युद्ध नहीं करेंगे
सीआईए ने ये भी बताया है कि मोदी ने भारत की वायु सेना को ATTACK मोड पर किया हुआ है और भारत की वायु सेना के 18 एयरबेस एकदम हाई अलर्ट पर है और दिल्ली से बस एक इशारा मिलते ही वे किसी भी देश पर हमला कर देने के लिए एकदम तैयार है।
केवल यही नहीं CIA ने अपनी रिपोर्ट में पेंटागन को ये भी बताया की भारत ने अपने सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों (सुखोई) पर परमाणु युक्त ब्रह्मोस भी load करके अटैक की पोजीशन में तैनात किये हुए है।
इस रिपोर्ट में पाकिस्तान के अस्तित्व के ख़त्म होने के ख़तरे को चेताते हुए सीआईए ने कहा है की, पाकिस्तान की केवल एक और ग़लत हरकत दुनिया के इतिहास में बड़ा बदलाव ला सकती है क्योंकि ऐसा बिलकुल संभव है की भारत पाकिस्तान के परमाणु हमले का इंतज़ार ना करे बल्कि ख़ुद हाई पहले हमला कर दे ऐसी सूरत में पाकिस्तान का अस्तिव भयंकर ख़तरे में पड़ जाएगा ।
CIA द्वारा पेंटागन को दी गयी इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि, भारत की मौजूदा सरकार ज़बरदस्त, तुरंत और एतिहासिक फैसला ले सकती है, सम्भावना ये है की इस बार युद्ध भारत की तरफ से ही शुरू हो जाए और ऐसे हालात है की युद्ध छोटा मोटा और केवल गोली-बारी से नहीं बल्कि बम से हो सकता है और इससे पाकिस्तान का नामोनिशान दुनिया से मिट जाने की पूरी सम्भावना है ।
हो सकता है इस रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार पर पाकिस्तान के साथ नरमी बरतने का दवाब बनाने की कोशिस की जाए जैसा अमेरिका पहले भी दूसरे देशों के साथ करता रहा है लेकिन हम ये कहना चाहते हैं कि इस बार अमेरिका का पाला मोदी जी से पड़ा है तो उसको अपनी किसी भी प्रकार की चालबाज़ियों से पहले मोदी जी के काम करने और जवाब देने के तरीक़ों को समझना चाहिए ।
पाकिस्तान के फैजाबाद में 8 नवंबर से प्रदर्शन हो रहे है। प्रदर्शनकारी क़ानून मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे है। उधर, पुलिस ने इस प्रदर्शन को ख़त्म करने को लेकर समय सीमा दी थी। सुरक्षा जवानों ने टेंट हटा दिए हैं और लोगों के समूह खदेड़े हैं। कोर्ट ने फैजाबाद को खाली करवाने का आदेश दिया था। इस बवाल में घायलों की संख्या बढ़ने के आसार है।
आशंका है कि प्रदर्शनकारी पहले से कार्रवाई के लिए तैयार थे। उनके पास से भारी संख्या में डंडे और पत्थर मिले हैं। प्रदर्शन जब शुरू हुआ, तब कम लोग थे. धीरे-धीरे संख्या बढती गई। दक्षिण पश्चिमी शहर क्वेटा में बम विस्फोट भी हुआ है, जिसमें चार लोगों की मौत हुई है और 13 घायल हो गए हैं. प्रदर्शनकारी अपनी धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने को आरोप लगा रहे हैं.
जिस तरह के हालात पाकिस्तान में बनते हुए दिखाई दे रहे हैं, उस तरह के हालात तख्तापलट के संकेत देते हैं. तख्तापलट को कुछ बिन्दुओं से समझा जा सकता है.
- शहरों में प्रदर्शन होने लगते हैं.
- राष्ट्रपति की ओर से बयान आने बंद हो जाते हैं. उन्हें नज़रबंद कर दिया जाता है.
- शहरों में सेना घुसने लगती है.
- सरकारी मीडिया कवरेज पर सेना का नियंत्रण हो जाता है.
- पूरी तरह कब्ज़ा होने तक सेना तख्तापलट का ऐलान नहीं करती.
पाकिस्तान मामले में भी यही हालात सामने आ रहे हैं. मीडिया की कवरेज पर बैन लगाया जा रहा है. हाल ही में हाफिज सईद के रिहा होने के बाद उसके भाषण की कवरेज पर रोक लगा दी गई. इसके बाद अब इस प्रदर्शन की मीडिया कवरेज पर भी बैन लगा दिया गया है. शहरों में सेना ने भी घुसना शुरू कर दिया है. हिंसक झडपें भी शुरू हो गई हैं. हालांकि इसे सीधे तौर पर तख्तापलट की ही कोशिश नहीं कहा जा सकता. क्योंकि पाकिस्तान में सरकार और आर्मी के बीच तनाव की बातें जो अब तक आ रही थीं, फिलहाल वे शांत हैं.
पाकिस्तान हमारा पानी पीता है, फिर भी हम गुलाम-- PoK से उठी आवाज़
पाकिस्तान के खिलाफ पीओके में उठी नाराजगी शनिवार को उस वक्त और बढ़ गई, जब विरोध कर रहे नेता तौकीर गिलानी ने कश्मीर पर उसके हक को नकार दिया. तौकीर के मुताबिक, ये कहां लिखा है कि कश्मीर पाकिस्तान में है. ये पाक की मुस्लिम कॉन्फ्रेंस का प्रोपेगेंडा है, जिसकी कोई बुनियाद नहीं है. उन्होंने कहा कि हमारे बॉथरूम पर भी लोग लिख कर जाते हैं कि कश्मीर बनेगा पाकिस्तान.
Where is it written that Kashmir is Pakistan's? No agreement says so. This is non-sense & is a propaganda by Muslim Conference & their paid stooges. Even on our bathroom doors they have written 'Kashmir banega Pakistan': PoK leader Tauqeer Gilani in Muzaffarabad, PoK pic.twitter.com/JKjcYp5qUh
Bakwas-baazi ki inteha hoti hai! TV pe aake kehte hain Kashmiri namak-haram hain, hum to Rs.20 deke tumhara namak khareedte hain jisko duniya mein koi nahi khareedta, arey tum to paani bhi hamara peete ho: PoK leader Tauqeer Gilani on Pakistan in Muzaffarabad, PoK
तौकीर गिलानी ने पीओके के मुजफ्फराबाद में कहा कि मीरवाइज उमर फारुख और सज्जाद लोन के पिता की हत्या के पीछे पाकिस्तानियों का हाथ है. इतना ही नहीं, लिब्रेशन फ्रंट के मारे गए 650 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार जिहादियों को भी पाकिस्तान का सपोर्ट मिला हुआ है। गिलानी ने कहा, ‘पाकिस्तान इस हद तक गिर चुका है कि वो स्वतंत्रता सेनानियों के शवों को झंडे से लपेटने के लिए 30 हजार रुपये तक लेता है। तौकिर ने कहा कि कश्मीरियों को नमकहराम कहा जाता है, हम तो 20 रुपये में इनका नमक खरीदते हैं, जिसको दुनिया में कोई नहीं खरीदता। साथ ही ये पाकिस्तानी तो पानी भी हमारा पीते है।’
पाकिस्तान में होते इन उपद्रवों से जनता का ध्यान भटकाने की दृष्टि से ही हाफिज सईद को रिहा किया गया है। 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमइंड आतंकी हाफिज सईद ने कहा कि वह कश्मीर को जल्द आजाद कराएगा और भारत उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। बुधवार को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद की रिहाई का आदेश दिया है। हाफिज जनवरी से नजरबंद था। नजरबंदी की मियाद को तीन महीने बढ़ाने के सरकार के आग्रह को खारिज करते हुए बोर्ड ने बुधवार को सईद की रिहाई का आदेश दिया।
हाफिज की रिहाई
बोर्ड ने कहा, अगर जमात-उद-दावा का प्रमुख हाफिज सईद किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो उसकी रिहाई का आदेश दिया जाता है।हाफिज की नजरबंदी
पिछले महीने बोर्ड ने सईद की हिरासत 30 दिनों के लिए बढ़ाने की इजाजत दी थी और यह मियाद इस सप्ताह पूरी हो जाएगी।हाफिज के साथ ये भी थे नजरबंद
बोर्ड के आदेश के बाद सईद की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। इस साल 31 जनवरी को सईद और चार साथियों अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी कासिफ हुसैन को पंजाब की सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून-1997 और आतंकवाद विरोधी कानून की चौथी अनुसूची के तहत 90 दिनों के लिए नजरबंद किया था।हाफिज पर करोड़ों का इनाम
सईद के चार साथियों को अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में रिहा कर दिया गया था। अमेरिका ने सईद पर एक करोड़ डॉलर का ईनाम घोषित कर रखा है।
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