
आर.बी. एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
तमिल अभिनेता कमल हासन को हिंदू आतंकी शब्द दोहराने और दक्षिणपंथियों को हिन्दू आतंकवादी कहने के एक दिन बाद, वाराणसी में अभिनेता के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए मानहानि का मामला दर्ज किया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में बताई गयी है।
हसन को भारतीय दंड संहिता के खंड 500 (मानहानि के लिए सजा), 511, 298 (धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाई), 295-ए (धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने का इरादा), और 505-सी (वर्गों के बीच घृणात्मक शत्रुता बढ़ाने की कोशिश) के तहत केस दर्ज किया गया है।
हसन ने कहा था कि अतीत में संवाद करने के लिए दक्षिणपंथियों ने हिंसा का सहारा लिया हुआ है जिसके कारण उनको यह बात पता नहीं है की उन्होंने हिन्दू आतंकवाद की बात को सच साबित किया है।
साप्ताहिक आनंद Vikatan में अपने स्तंभ में हसन लिखा था कि हिंदू चरमपंथियों पहले अपने बिंदु को आगे बढ़ाने के लिए एक बातचीत आयोजित में विश्वास करते थे, वे अब हिंसा में लिप्त हो रहे हैं।
“पिछले हिन्दू दाएं-विंग समूहों में हिंसा में शामिल नहीं होता, लेकिन वे अपने दलीलों पर विपरीत दलों के साथ वार्ता करेंगे। लेकिन यह पुरानी रणनीति हार गई थी और उन्होंने जो कुछ किया है वह मांसपेशियों की शक्ति का इस्तेमाल करते हैं।”,उन्होंने लिखा।
अभिनेता ने आगे कहा कि तमिलनाडु एक बार फिर सामाजिक न्याय के लिए एक उदाहरण बन जाएगा और केरल को “मार्ग दिखा रहा है” उसके लिए बधाई दी।
उनकी टिप्पणियां एक ऐसे वक्त में आती हैं जब सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के उनके प्रशंसकों और नेताओं ने ‘भव्य घोषणा’ के लिए इंतजार कर रहे हैं तो वे 7 नवंबर को अपना जन्मदिन मनाते हैं।
कमल हासन ने कहा, “राइट-विंग किसी को यह नहीं कह सकता कि वहां हिंदू आतंकवादियों की स्थिति नहीं हैं क्योंकि आतंकवाद उनके शिविर में भी फैल गया है। ऐसी आतंकवादी गतिविधियां उनकी मदद करने के लिए नहीं जा रही हैं।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हसन की टिप्पणियां ठीक नहीं थी। वरिष्ठ भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा कि हसन को बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “उनकी मानसिक स्थिति अस्थिर है, उन्हें अस्पताल में इलाज करना चाहिए। ऐसे बदनाम प्रकृति की राजनीति ठीक नहीं है। उनके पास कोई सबूत नहीं है,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस नेता दिनेश गंडुराओ भी आगे आ गए हैं और हसन के हिंदू आतंकवाद पर अपना रुख दोहराया। उन्होंने कहा की हिन्दू आतंकवाद होता है।
हसन ने कहा था कि अतीत में संवाद करने के लिए दक्षिणपंथियों ने हिंसा का सहारा लिया हुआ है जिसके कारण उनको यह बात पता नहीं है की उन्होंने हिन्दू आतंकवाद की बात को सच साबित किया है।
साप्ताहिक आनंद Vikatan में अपने स्तंभ में हसन लिखा था कि हिंदू चरमपंथियों पहले अपने बिंदु को आगे बढ़ाने के लिए एक बातचीत आयोजित में विश्वास करते थे, वे अब हिंसा में लिप्त हो रहे हैं।
“पिछले हिन्दू दाएं-विंग समूहों में हिंसा में शामिल नहीं होता, लेकिन वे अपने दलीलों पर विपरीत दलों के साथ वार्ता करेंगे। लेकिन यह पुरानी रणनीति हार गई थी और उन्होंने जो कुछ किया है वह मांसपेशियों की शक्ति का इस्तेमाल करते हैं।”,उन्होंने लिखा।
अभिनेता ने आगे कहा कि तमिलनाडु एक बार फिर सामाजिक न्याय के लिए एक उदाहरण बन जाएगा और केरल को “मार्ग दिखा रहा है” उसके लिए बधाई दी।
उनकी टिप्पणियां एक ऐसे वक्त में आती हैं जब सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के उनके प्रशंसकों और नेताओं ने ‘भव्य घोषणा’ के लिए इंतजार कर रहे हैं तो वे 7 नवंबर को अपना जन्मदिन मनाते हैं।
कमल हासन ने कहा, “राइट-विंग किसी को यह नहीं कह सकता कि वहां हिंदू आतंकवादियों की स्थिति नहीं हैं क्योंकि आतंकवाद उनके शिविर में भी फैल गया है। ऐसी आतंकवादी गतिविधियां उनकी मदद करने के लिए नहीं जा रही हैं।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हसन की टिप्पणियां ठीक नहीं थी। वरिष्ठ भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा कि हसन को बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “उनकी मानसिक स्थिति अस्थिर है, उन्हें अस्पताल में इलाज करना चाहिए। ऐसे बदनाम प्रकृति की राजनीति ठीक नहीं है। उनके पास कोई सबूत नहीं है,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस नेता दिनेश गंडुराओ भी आगे आ गए हैं और हसन के हिंदू आतंकवाद पर अपना रुख दोहराया। उन्होंने कहा की हिन्दू आतंकवाद होता है।
एक कहावत है जो कमाल,दिनेश गांडुराओ और प्रकाश राज पर शत-प्रतिशत सटीक बैठती है : "एक मछली सारे तालाब को गन्दा कर देती हैं।" इन जैसे लोग अपनी राजनीतिक महत्वकांशाओं खातिर कब क्या बकवास कर जाएँ कुछ नहीं पता।
इससे पहले एक अन्य अभिनेता ने कमल हासन के बयान का समर्थन किया। एक ट्वीट में प्रकाश राज ने पूछा, “यदि धर्म के नाम पर डर पैदा हो .. संस्कृति … मानसिकता आतंकित नहीं है … तो यह क्या है?"
तस्वीर में आप देख सकते है, विश्वरूपम का विरोध करते मुस्लिम संगठन, फिल्म के बारे में जैसे ही तमिलनाडु और केरल में मुस्लिम संगठनो को पता चला, उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया, जगह जगह कमल हसन के पुतले जलाये जाने लगे, राजनीतिक दबाव बनाया जाने लगा, कांग्रेस और वामपंथी नेता साथ ही PFI, मुस्लिम लीग जैसे जिहादी संगठन कमल हसन का विरोध करने लगे, कमल हसन को जान से मारने की धमकी के अलावा बेटी से बलात्कार की भी धमकियाँ दी जाने लगी थी।
इससे पहले एक अन्य अभिनेता ने कमल हासन के बयान का समर्थन किया। एक ट्वीट में प्रकाश राज ने पूछा, “यदि धर्म के नाम पर डर पैदा हो .. संस्कृति … मानसिकता आतंकित नहीं है … तो यह क्या है?"
2013 में रोकर कमल हसन ने कहा था, "मुझे कट्टरपंथी मुस्लिमो से बचाओ, वरना देश छोड़ दूंगा"
भारत में हिन्दुओं की याददाश्त बहुत ही कमजोर होती है, वह तो ये भी भूल गया है की वो हिन्दू है या नहीं, अधिकतर हिन्दुओ से पूछो तो कहेंगे "आई एम ह्यूमन", अरे भैया हिन्दू भी ह्यूमन ही होता है, अगर कोई हिन्दू है तो इसका मतलब ये नहीं की वह एनिमल हो गया है, वो भी ह्यूमन ही होता है, खैर।
आज कमल हसन हिन्दुओ को आतंकवादी बता रहे है, असहिष्णु बता रहे है, हिंसक बता रहे है, पर हमे कमल हसन की 2013 वाली शक्ल याद आ गयी, आपकी याददास्त को दुरुस्त करते हुए हम विस्तारपूर्वक बताते हैं। बात साल 2013 की है, कमल हसन ने एक फिल्म बनाई थी, जिसके निर्माता भी वही थे, इस फिल्म का नाम था विश्वरूपम, इस फिल्म में आतंकवाद के दृश्य थे, आतंकवाद की कहानी पर ये फिल्म आधारित थी, कमल हसन ने इस फिल्म को बनाने में मार्किट से भी बहुत पैसा उठाया था, काफी खर्चा किया था।
पहले से फिल्म में बहुत पैसा लगा चुके कमल हसन की स्थिति टाइट होने लगी, कट्टरपंथियों के साथ तो वैसे भी राजनेता होते है, कमल हसन की फिल्म को बैन करने की भी बातें होने लगी, फिल्म के रिलीज से पहले बहुत बुरी स्थिति हो गयी थी कमल हसन की, और इसी के बाद कमल हसन एक दिन सामने आये और रोते हुए उन्होंने कहा की, मैंने इस फिल्म में अपना सबकुछ लगा दिया है, और मुझे कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनो से बचाओ, वरना मैं देश छोड़ने पर मजबूर हो जाऊंगा, 2013 में रो रो कर कमल हसन ने खुद को कट्टरपंथी मुस्लिमो से बचाने की अपील की थी।
जैसे तैसे कमल हसन की फिल्म रिलीज़ हुई और सभी मुस्लिमो ने उसका बहिष्कार किया, कमल हसन को सुरक्षा तक देना पड़ा, केरल और तमिलनाडु के मुस्लिम बहुल इलाकों में तो उनकी फिल्म कभी रिलीज ही नहीं हो सकी, हिन्दुओ ने कमल हसन की फिल्म देखी और फिल्म हिट हुई, और कमल हसन की कमाई हुई अन्यथा उनकी आर्थिक स्थिति टाइट हो गयी थी।
और आज वो कमल हसन जो 2013 में कट्टरपंथी मुस्लिमो के कारण रो रहे थे, देश छोड़ने की बात कर रहे थे, वो राजनीति में आने के लिए हिन्दुओ को आतंकी बता रहे है, साफ़ होता है की 2013 में हिन्दुओ ने जो कमल हसन का साथ दिया था, हिन्दुओ से वो बड़ी भूल हो गयी थी।
क्योकि जिस शख्स को हम मनोरंजन का चाची 420 समझकर बैठे हुए थे, वो तो अब्दुल 786 निकला।
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