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| किस तरह एक फर्जी स्टिंग ने अध्यापिका उमा खुराना को प्रताड़ित किया गया |
जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी वही महापुरुष हैं
जिन्होंने पांच वर्ष पूर्व (नवम्बर 29, 2012) को उनके एक रिपोर्टर प्रकाश सिंह द्वारा किया गया
दिल्ली की महिला स्कूल शिक्षिका उमा खुराना का फर्जी स्टिंग ऑपरेशन दिखा कर
पूरे मीडिया जगत को शर्मिंदा कर दिया था. इसके बाद नवीन जिंदल ने इस फर्जी
स्टिंग करने वाले रिपोर्टर की खूबियों को पहचान अपना मीडिया सलाहकार बना
लिया था इसके साथ ही प्रकाश सिंह नवीन जिंदल का साया बन गया. यही नहीं
सुधीर चौधरी द्वारा टेलीविजन पर चेहरा दिखाने को लालायित कई महिलाओं का यौन
शोषण किये जाने की चर्चाएँ भी जोरों पर है. सूत्र बताते हैं कि सुधीर
चौधरी भी नवीन जिंदल का करीबी रह चुका है.
गौरतलब है कि सन दो हज़ार सात में प्रकाश सिंह रिपोर्टर
की मदद से तैयार किए गए स्टिंग में शिक्षिका उमा खुराना को स्कूली छात्राओं
को सेक्स के लिए ग्राहकों को पेश करते हुए दिखाया गया था. खबर उस समय लाइव
टीवी न्यूज चैनल पर प्रसारित की गई थी. सुधीर तब इस चैनल के सीईओ थे.
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| प्रकाश सिंह नवीन जिंदल के हेलिकॉप्टर में उड़ते हुए |
खबर के बाद तुर्कमान गेट स्थित सरकारी स्कूल के बाहर
जमकर हंगामा हुआ था. भीड़ ने उमा खुराना को जान से मारने का प्रयास किया
था. दबाव के बाद पुलिस ने उमा को गिरफ्तार कर लिया था. छानबीन के बाद उमा
को बेकसूर पाया गया. फर्जी स्टिंग के आरोप में प्रकाश को गिरफ्तार करके
उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया. सुधीर को पूरी घटना का सूत्रधार बताया
गया.
28 अगस्त 2007 को लाइव टीवी न्यूज़ चैनल पर स्टिंग
ऑपरेशन की खबर प्रसारित कर दी गई. खबर चलते ही तुर्कमान गेट स्थित सरकारी
स्कूल के बाहर जमकर हंगामा हुआ. गुस्साई भीड़ ने उमा खुराना को स्कूल के
बाहर खींचकर सड़क पर न केवल जान से मारने का प्रयास ही किया बल्कि सरे राह
उसके कपडे फाड़ कर उसे नग्न तक कर दिया था. मौके पर पहुंची पुलिस पर भी भीड़
ने पथराव कर दिया. पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई. लोगों के दबाव में
पुलिस ने छात्राओं से सेक्स रैकेट चलवाने के आरोप में उमा खुराना को
गिरफ्तार कर लिया.
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| मीडिया का कलंकित चेहरा: सुधीर चौधरी |
जांच के बाद स्टिंग ऑपरेशन फर्जी पाया गया. छानबीन में
पुलिस के सामने जो तथ्य सामने आए उसमें पता चला कि यह फर्जी स्टिंग पूर्वी
दिल्ली निवासी चिटफंडये वीरेंद्र अरोड़ा के कहने पर हुआ. चिट फंड का धंधा
करने वाले वीरेंद्र की उमा के साथ रुपयों का कुछ लेनदेन था. योजना के तहत
उसने प्रकाश सिंह के साथ मिलकर फर्जी तरीके से उमा को सेक्स के लिए रुपयों
की बात करते हुए दिखाया.
यहां तक स्टिंग में 15 साल की एक लड़की को भी ग्राहक को
पेश करते हुए दिखाया गया. स्टिंग फर्जी पाए जाने पर वीरेंद्र और प्रकाश
सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. सुधीर की स्टिंग ऑपरेशन में बड़ी फजीहत हुई.
बाद में खबर प्रसारित करने वाले न्यूज चैनल पर एक महीने का प्रतिबंध भी
लगा दिया गया. जांच में पाया गया कि टीआरपी बढ़ाने के लिए फर्जी तरीके से
सारा ड्रामा रचा गया. उमा ने निजी चैनल पर मानहानि का दावा भी किया.(साभार: मीडिया दरबार)



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