आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
गुरुग्राम के रेयान स्कूल में हुये प्रद्युम्न मर्डर केस में 11वीं के एक छात्र की गिरफ्तारी के बाद सनसनीखेज खुलासा सामने आया है या वास्तविक घटना से ध्यान भटकाया जा रहा है? इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गयी थी। सीबीआई की मानें तो हरियाणा पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक कुमार को मासूम पद्युम्न के खून के मामले में जुर्म कबूल करने के लिये जबरन मजबूर किया था। यहां तक कि अशोक कुमार से सफेद कोरे कागज पर भी पुलिस ने जबरन हस्ताक्षर करवा लिये थे। पुलिस के डर और दबाव में आकर अशोक ने बच्चे को मारने की बात का मीडिया में बयान दे दिया था।
ड्राइवर को गुरुग्राम पुलिस ने किया था मजबूर
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इस केस में गिरफ्तार किये गये आरोपी बस कंडक्टर से जब पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि हरियाणा पुलिस ने इस बात के लिये मजबूर किया कि वो इस जुर्म को कबूल कर ले। उसने दबाव में आकर मीडिया के सामने आकर कहा कि उसने प्रद्युम्न की हत्या की थी। इतना ही नहीं पुलिस ने अशोक कुमार से कोरे कागज पर साईन भी करा कर रख लिया था।
कोताही बरतने वाले पर होगी कार्रवाई
हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर ने इस मामले में कहा है कि जांच के बाद ही किसी मामले की सच्चाई सामने आती है। इस मामले में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। दूसरी ओर हरियाणा के डीजीपी बीएस संधू ने कहा है कि प्रद्युम्न मर्डर केस मामले में हुई पुलिस जांच में कोई खामी नहीं है। हमने पूरी प्रामाणिक जांच करने के बाद ही इसे सीबीआई को सौंपा है। इस मामले में किसी अधिकारी की मिलीभगत के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई बात सामने आती है या किसी ने कोताही की है, तो रिपोर्ट के आधार पर उस पर कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी के पास कोई ठोस जवाब नहीं
सीबीआई ने आरोपी छात्र से हत्या करने के लिये इस्तेमाल में लाया गया एक चाकू बरामद किया है। ऐसे में अब प्रश्न उठ रहा है कि गुरुग्राम पुलिस ने स्कूल के बस कंडक्टर से जो चाकू बरामद किया था, वह कहां से आया था? इस सवाल पर डीजीपी बीएस संधू से कोई ठोस जवाब नहीं। उन्होंने कहा उस वक्त जो जांच में मिला था, उसके आधार पर कार्रवाही की गई थी।
स्कूल के 11वीं के एक छात्र ने की है प्रद्युम्न की हत्या
दूसरी ओर सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा कि घटना स्थल के सबूतों, वैज्ञानिक सबूतों, फारेंसिक विश्लेषण, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की विस्तार से जांच के बाद ही सीबीआई ने स्कूल के ही 11वीं के एक छात्र को इस मामले में गिरफ्तार किया है। सीबीआई निदेशक ने अलग-अलग टीमों को इस बात के निर्देश दिये थे कि एक निश्चित समय में इस मामले की जांच करके सही परिणाम जल्द से जल्द दें।
स्कूल को बंद कर परीक्षा को टलवाना चाहता था छात्र
मालूम हो कि सीबीआई ने हरियाणा पुलिस से पूरी तरह से अलग जांच पड़ताल करने के बाद रेयान स्कूल के ही 11वीं एक छात्र को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। जिसे जुवेनाइल कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। सीबीआई की जांच प्रक्रिया गुरुग्राम पुलिस की जांच प्रक्रिया से पूरी तरह अलग है। इसमें प्रद्युम्न ठाकुर के हत्या का आरोपी 11वीं के एक छात्र को बताया गया है, जिसने स्कूल बंद कराने और परीक्षा को टालने के लिये प्रद्युम्न को स्कूल के टायलेट में बुलाकर, इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। सीबीआई का कहना है कि सीसीटीवी में आरोपी चाकू ले जाते दिखाई दे रहा है।
देख रहा था पार्न वीडिया, नहीं किया है यौन शोषण
टॉयलेट में उसने मोबाइल पर पोर्न फिल्म भी देखी थी। उसी समय उसकी नजर प्रद्युम्न पर पड़ी।आरोपी ने प्रद्युम्न के साथ यौन शोषण का प्रयास किया, फिर चाकू से गला काटकर हत्या कर दी। आरोपी ने दोस्तों से कहा था कि वे परीक्षा की तैयारी न करें, क्योंकि स्कूल में छुट्टी होने वाली है। मालूम हो कि आरोपी छात्र ने घटना को अंजाम देने के लिये बाजार से चाकू खरीदा था। आरोपी छात्र स्कूल में छुट्टी कराकर परीक्षा और पीटीएम टालना चाहता था। साथ ही सीबीआई ने हरियाणा पुलिस के उस दावे को भी गलत करार दिया है, जिसमें प्रद्युम्न के यौन शोषण की बात कही गयी थी, वहीं सीबीआई ने कहा है कि छात्र ने प्रद्युम्न का यौन शोषण नहीं किया था।
अवलोकन करें:--
अपने उपरोक्त में स्पष्ट लिखा था कि "रयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युमन की हत्या की गुत्थी सुलझने की बजाए उलझती जा रही है। इस मामले में मुख्य आरोपी बस के कंडक्टर अशोक को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन, अब कई गवाह सामने आने से हत्या में किसी और के शामिल होने का भी शक हो रहा है।
खास बात यह है कि जांच में स्कूल के ड्राइवर, माली, टीचर्स और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के अलग-अलग बयान आ रहे हैं। सभी में कोई तालमेल नहीं दिख रहा है। ऐसे में शक की सूई आरोपी कंडक्टर के अलावा किसी और का हाथ होने का भी संकेत कर रही है।
सही दिशा में नहीं जा रही जांच
पुलिस की मानें तो कंडक्टर ने चाकू से प्रद्युमन की हत्या की और यह हथियार बस की टूल किट का हिस्सा था। लेकिन, बस का ड्राइवर चाकू को टूल किट पार्ट नहीं मान रहा है। सवाल यह भी है कि अगर चाकू बस की टूल किट का हिस्सा था तो कंडक्टर स्कूल में इसे छिपाकर नहीं ले जाना था।"
अब उसी स्कूल के छात्र को बलि का बनाया जा रहा है। प्रश्न उत्पन्न होता है कि: 1. प्रद्युमन का रेता गया, उस छात्र के कपड़ों पर खून की छींटें आयी होंगी? 2. जब खून की छींटें दीवारों पर गयी थीं, स्वाभाविक है उस छात्र के कपड़ों पर नहीं तो कहीं न कहीं हाथों, जूते, मौजे आदि पर क्या कहीं खून की छींटे नहीं आई होंगी? 3. खून करके छात्र क्लास में जाता है, क्या उसके चेहरे पर अपराध करने के हावभाव किसी ने नहीं देखा? 4. क्या पुलिस अपने कुत्तों की सहायता से असली कातिल तक पहुँचने का प्रयास किया? 5. उस समय का अशोक का बयान सही है या इस छात्र का? आदि अनेको ऐसे प्रश्न हैं जो अशोक के बाद इस छात्र को आरोपी सिद्ध कर असली कातिल को बचाने का प्रयास किया जा रहा है? संकेत करता है कि दाल में कुछ काला नहीं बल्कि सारी दाल ही काली नज़र आ रही है।

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