| रोहिणी सिंह,जिन्होंने जय शाह पर THE WIRE में आर्टिकल लिखा है |
अब सवाल ये है कि आखिर THE WIRE कौन चला रहा है और क्यों इस तरह से ये लोग बीजेपी के पीछे हैं ? आज हम आपके सामने कुछ ऐसे तथ्य पेश करने वाले हैं जिनसे यह बात साफ़ होगी कि THE WIRE के पीछे किसका हाथ है और यह कंपनी जय शाह पर क्यों आरोप लगा रही है.
इसके बाद दूसरा नाम है अजीम प्रेमजी का, जिनका व्यापार UPA राज में बेहद फला फूला, यहां तक कि वो एक समय मे देश के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए थे. इसमें किरण मजूमदार शॉ भी हैं जिन्हें UPA सरकार के दौरान पद्मभूषण दिया गया. काँग्रेस के पुराने वफ़ादार गोदरेज भी हैं और आधार कार्ड के जनक और UIDAI के चेयरमैन और UPA सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त रहे नन्दन नीलेकणि की पत्नी का फाउंडेशन भी है. इसके अलावा कजाकिस्तान की कोई कम्पनी भी है, जिसका “दी वायर” में क्या इंटरेस्ट है, ये पता करना काफी दिलचस्प होगा.
देखिए एक और तस्वीर जो बताती है कि कैसे दोनों आपस में जुड़ी हुई हैं…
अब एक बात और जो आपको पता ही होगी, कि “दी वायर” ने ही अमित शाह के बेटे के खिलाफ एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिसमें उसका 80 करोड़ के टर्नओवर वाला बिज़नेस होना बताया गया है.
विरोध करते हुए कुछ लोग मीडिया की मान मरियादा ही भूल गये हैं, राहुल गाँधी ने भी THE WIRE की बात को सपोर्ट करते हुए जय शाह पर सवाल उठाया था कि उनकी कंपनी को नोटबंदी से फायदा हुआ है जबकि असलियत यह थी कि जय शाह की कंपनी नोटबंदी से पहले ही बंद हो गयी थी.
अगर THE WIRE की पार्टनर या यूं कहें फाउंडेशन कंपनी The Independent and Public-Spirited (IPS) Media Foundation की बात की जाए तो उनके पार्टनर की लिस्ट में कई ऐसे नाम हैं जो बीजेपी के खिलाफ हैं. आमिर खान इस फाउंडेशन के ट्रस्ट से जुड़े हैं जो अपने-आप में इस केस की ओर एक बड़ा लूप है. बीजेपी को फंसाने के लिए यह एक तरह की चाल है जो काफी हद तक जनता को गुमराह करने में कामयाब रही लेकिन सच को बदला नहीं जा सकता है.
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