आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
गुजरात में भाजपा दो-तिहाई से अधिक बहुमत से जीतने जा रही है ! सोशल मीडिया पर इस बार मोदी के सताये तमाम राजनैतिक विरोधियों ने अपनी सम्पूर्ण ताकत लगाकर प्रचार का ऐसा माहौल बनाया है कि मानो गुजरात में भाजपा बड़े कठिन संघर्ष में फंसी है। इस प्रचार से प्रभावित होकर कुछ लोग ऐसा सोचते हैं कि भाजपा चुनाव हार भी सकती है। यह सोचना ऐसा ही है कि आंखें होते हुए भी कुछ लोगों को दिन में भी सूरज दिखाई न देना।
आजतक पोल के अनुसार गुजरात सीएम विजय रुपानी गुजरात की जनता में सबसे अधिक लोकप्रियता हासिल है उन्हें 34 प्रतिशत लोग पसंद कर रहे है वही अमित शाह को दस पर्तिशत लोग पसंद कर रहे है.
गुजरात में भाजपा दो-तिहाई से अधिक बहुमत से जीतने जा रही है ! सोशल मीडिया पर इस बार मोदी के सताये तमाम राजनैतिक विरोधियों ने अपनी सम्पूर्ण ताकत लगाकर प्रचार का ऐसा माहौल बनाया है कि मानो गुजरात में भाजपा बड़े कठिन संघर्ष में फंसी है। इस प्रचार से प्रभावित होकर कुछ लोग ऐसा सोचते हैं कि भाजपा चुनाव हार भी सकती है। यह सोचना ऐसा ही है कि आंखें होते हुए भी कुछ लोगों को दिन में भी सूरज दिखाई न देना।
गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव जल्द होने वाले है। इस लिहाज से राज्यों में बीजेपी, कांग्रेस समेत समस्त पार्टियां पूरो जोश खरोश के साथ प्रचार अभियान में जुटी है। इस बार इन राज्यों में कौन होगा सत्ता पर काबिज, इसके लिए ओपिनियन पोल सामने आने लगे हैं। न्यूज चैनल आज तक पर दिखाए गए सर्वे में गुजरात के नतीजे बीजेपी के पक्ष में दिख रहे हैं। इंडिया टुडे ग्रुप और एक्सिस माय इंडिया ने 25 सितंबर से 15 अक्टूबर के बीच गुजरात की 182 सीटों पर 18243 सैंपल साइज के साथ ओपिनियन पोल कराया था।
ओपिनियन पोल के मुताबिक एक बार फिर राज्य में बीजेपी सरकार बनने जा रही है। बीजेपी को 48 फीसदी वोट शेयर्स के साथ 115 से 125 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस 38 फीसदी वोट शेयर्स के साथ 57 से 65 सीटें हासिल कर दूसरे नंबर पर आ सकती है। वहीं अन्य के खाते में 0-3 सीटें आ सकती है। हार्दिक पटेल चुनाव नहीं लड़ रहे है। लेकिन अनुमान है कि वह 2 प्रतिशत वोट अपने पाले में कर सकते हैं। हालांकि इसका उन्हें कोई फायदा नहीं मिलेगा।
विजय रूपाणी सबसे लोकप्रिय चेहरा
गुजरात में कांग्रेस के भरत सोलंकी, शक्तिसिंह गोहिल और बीजेपी से विजय रूपाणी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए आगे चल रहा है। इसमें 34 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद विजय रूपाणी है। सोलंकी और गोहिल को क्रमश: 11 और 19 फीसदी लोग सूबे के मुखिया के रूप में देखना चाहते हैं।
मंहगाई है मुख्य चुनावी मुद्दा
राज्य में मंहगाई, विकास, रोजगार और सड़क प्रमुख मुद्दे हैं। इसमें 31 फीसदी लोगों के मुताबिक मंहगाई मुख्य मुद्दा है. वहीं जीएसटी और नोटबंदी से राज्य में आधे से ज्यादा लोग असंतुष्ट हैं।
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी पहली बार गुजरात में चुनाव लड़ने जा रही है। समाजवादी पार्टी भी पांच विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकि सीटों पर वह कांग्रेस का समर्थन करेगी।
गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सूबे की पूरी सियासत तीन युवाओं पर आकर टिक गई है. इसके पीछे एक वाजिब वजह भी है, क्योंकि ये सिर्फ तीन युवा नहीं हैं, बल्कि इनके साथ राज्य की तीन बड़ी जातियों का समर्थन भी है. यही वजह है कि पटेल नेता हार्दिक पटेल, ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी के विरोधी स्वरों से बीजेपी बैकफुट पर नजर आ रही है, वहीं कांग्रेस इन तीनों को साथ लेकर 22 साल के सियासी सूखे को खत्म करने की भरपूर कोशिश कर रही है।
इन तीनों युवा नेताओं को लेकर कांग्रेस इतनी सीरियस है कि अपने परंपरागत वोटरों को भी भूलती दिखाई दे रही है. राज्य में करीब 10 फीसदी मुसलमान आबादी है, मगर कांग्रेस और राहुल गांधी के प्रचार में अब तक इनका जिक्र तक नहीं किया गया है.
सिर्फ इतना ही नहीं, मौजूदा चुनाव में मुसलमान कांग्रेस के एजेंडे से भी डायवर्ट नजर आ रहा है. प्रदेश कांग्रेस के नेताओं में भी इस बात को लेकर चिंता है. गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बदरुद्दीन शेख ने Aajtak.in से बातचीत में अहम जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि मुसलमानों से दूरी बनाकर दरअसल कांग्रेस अपने छवि को बदलना चाहती है.
हिंदुत्व की तरफ कांग्रेस
बदरुद्दीन शेख ने बताया कि बीजेपी हमेशा ये प्रचारित करती है कि मुस्लिम वोटर कांग्रेस के साथ हैं. शेख के मुताबिक, 'कांग्रेस इस बार इस छवि को धुलने की कोशिश कर रही है. यही वजह है कि राहुल गांधी जब गुजरात दौरे पर पहुंचे तो उन्होंने मंदिर जाकर भगवान के दर्शन भी किए'.
मुसलमानों को बातचीत के लिए नहीं बुलाया
कांग्रेस नेता बदरुद्दीन ने एक और अहम खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि हर चुनाव में कांग्रेस जमीयत उलेमा और जमात-ए इस्लामी जैसे इस्लामिक संगठनों को बुलाकर चुनाव में समर्थन की अपील करती थी. लेकिन इस बार अभी तक ऐसा नहीं किया गया है. शेख के मुताबिक, 'मैंने पार्टी से खुद इस बात की गुजारिश की है, मगर पार्टी की तरफ से अब तक किसी संगठन को बातचीत के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है'.
एक तरफ जहां कांग्रेस नेता खुद अपनी ही पार्टी पर मुसलमानों की अनदेखी का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले गुजरात के मशहूर कारोबारी जफर सरेशवाला ने भी कांग्रेस पर गंभीर इल्जाम लगाया है.
सरेशवाला के मुताबिक कांग्रेस ये मानकर चलती है कि मुस्लिम वोट उनके अलावा किसी और को नहीं जाएगा. यही वजह है कि कांग्रेस मुसलमानों की उपेक्षा कर रही है।
दरअसल, जमीनी हकीकत देखें तो ऐसा साफ नजर आ रहा है. राहुल गांधी ने जब गुजरात का दौरा किया तो वह द्वारकाधीश मंदिर गए. जहां उन्होंने न सिर्फ मत्था टेका, बल्कि वो तिलक लगाकर भाषण देते हुए भी नजर आए. दूसरी अहम बात ये है कि कांग्रेस इन तीन युवाओं पर इसलिए भी ज्यादा फोकस कर रही है क्योंकि वोट प्रतिशत में वो मुसलमानों से कहीं ज्यादा है. साथ ही गुजरात दंगों के बाद कांग्रेस सोनिया गांधी के मौत का सौदागर जैसे बयान भी उनके खिलाफ गए हैं. यही वजह है कि कांग्रेस फूंक-फूंककर कदम रख रही है और उसके नेताओं के भाषणों और एजेंडे से मुसलमान ओझल नजर आ रहे हैं.ओपिनियन पोल
हिमाचल प्रदेश कुल 68
bjp:43-47
काँ०:21-25
अन्य:0-2
गुजरात कुल 182
bjp:115-125
काँ०:57-65
हार्दिक समर्थित पार्टी:00
अन्य:0-2
सर्वे
जिस तरह से दीपक की लौ बुझने से पहले संघर्ष करती दिखाई देती है, उसी तरह से कांग्रेस मृत्यु पूर्व की अंतिम लड़ाई गुजरात में लड़ रही है। यूपी में भी तो भाजपा नोटबंदी के कारण चुनाव हारने जा रही थी। निश्चित रहें! गुजरात में भाजपा दो-तिहाई से अधिक बहुमत से जीतने जा रही है।ओपिनियन पोल के मुताबिक एक बार फिर राज्य में बीजेपी सरकार बनने जा रही है। बीजेपी को 48 फीसदी वोट शेयर्स के साथ 115 से 125 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस 38 फीसदी वोट शेयर्स के साथ 57 से 65 सीटें हासिल कर दूसरे नंबर पर आ सकती है। वहीं अन्य के खाते में 0-3 सीटें आ सकती है। हार्दिक पटेल चुनाव नहीं लड़ रहे है। लेकिन अनुमान है कि वह 2 प्रतिशत वोट अपने पाले में कर सकते हैं। हालांकि इसका उन्हें कोई फायदा नहीं मिलेगा।
विजय रूपाणी सबसे लोकप्रिय चेहरा
गुजरात में कांग्रेस के भरत सोलंकी, शक्तिसिंह गोहिल और बीजेपी से विजय रूपाणी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए आगे चल रहा है। इसमें 34 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद विजय रूपाणी है। सोलंकी और गोहिल को क्रमश: 11 और 19 फीसदी लोग सूबे के मुखिया के रूप में देखना चाहते हैं।
मंहगाई है मुख्य चुनावी मुद्दा
राज्य में मंहगाई, विकास, रोजगार और सड़क प्रमुख मुद्दे हैं। इसमें 31 फीसदी लोगों के मुताबिक मंहगाई मुख्य मुद्दा है. वहीं जीएसटी और नोटबंदी से राज्य में आधे से ज्यादा लोग असंतुष्ट हैं।
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी पहली बार गुजरात में चुनाव लड़ने जा रही है। समाजवादी पार्टी भी पांच विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकि सीटों पर वह कांग्रेस का समर्थन करेगी।
गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सूबे की पूरी सियासत तीन युवाओं पर आकर टिक गई है. इसके पीछे एक वाजिब वजह भी है, क्योंकि ये सिर्फ तीन युवा नहीं हैं, बल्कि इनके साथ राज्य की तीन बड़ी जातियों का समर्थन भी है. यही वजह है कि पटेल नेता हार्दिक पटेल, ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी के विरोधी स्वरों से बीजेपी बैकफुट पर नजर आ रही है, वहीं कांग्रेस इन तीनों को साथ लेकर 22 साल के सियासी सूखे को खत्म करने की भरपूर कोशिश कर रही है।
इन तीनों युवा नेताओं को लेकर कांग्रेस इतनी सीरियस है कि अपने परंपरागत वोटरों को भी भूलती दिखाई दे रही है. राज्य में करीब 10 फीसदी मुसलमान आबादी है, मगर कांग्रेस और राहुल गांधी के प्रचार में अब तक इनका जिक्र तक नहीं किया गया है.
सिर्फ इतना ही नहीं, मौजूदा चुनाव में मुसलमान कांग्रेस के एजेंडे से भी डायवर्ट नजर आ रहा है. प्रदेश कांग्रेस के नेताओं में भी इस बात को लेकर चिंता है. गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बदरुद्दीन शेख ने Aajtak.in से बातचीत में अहम जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि मुसलमानों से दूरी बनाकर दरअसल कांग्रेस अपने छवि को बदलना चाहती है.
हिंदुत्व की तरफ कांग्रेस
बदरुद्दीन शेख ने बताया कि बीजेपी हमेशा ये प्रचारित करती है कि मुस्लिम वोटर कांग्रेस के साथ हैं. शेख के मुताबिक, 'कांग्रेस इस बार इस छवि को धुलने की कोशिश कर रही है. यही वजह है कि राहुल गांधी जब गुजरात दौरे पर पहुंचे तो उन्होंने मंदिर जाकर भगवान के दर्शन भी किए'.
मुसलमानों को बातचीत के लिए नहीं बुलाया
कांग्रेस नेता बदरुद्दीन ने एक और अहम खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि हर चुनाव में कांग्रेस जमीयत उलेमा और जमात-ए इस्लामी जैसे इस्लामिक संगठनों को बुलाकर चुनाव में समर्थन की अपील करती थी. लेकिन इस बार अभी तक ऐसा नहीं किया गया है. शेख के मुताबिक, 'मैंने पार्टी से खुद इस बात की गुजारिश की है, मगर पार्टी की तरफ से अब तक किसी संगठन को बातचीत के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है'.
एक तरफ जहां कांग्रेस नेता खुद अपनी ही पार्टी पर मुसलमानों की अनदेखी का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले गुजरात के मशहूर कारोबारी जफर सरेशवाला ने भी कांग्रेस पर गंभीर इल्जाम लगाया है.
सरेशवाला के मुताबिक कांग्रेस ये मानकर चलती है कि मुस्लिम वोट उनके अलावा किसी और को नहीं जाएगा. यही वजह है कि कांग्रेस मुसलमानों की उपेक्षा कर रही है।
दरअसल, जमीनी हकीकत देखें तो ऐसा साफ नजर आ रहा है. राहुल गांधी ने जब गुजरात का दौरा किया तो वह द्वारकाधीश मंदिर गए. जहां उन्होंने न सिर्फ मत्था टेका, बल्कि वो तिलक लगाकर भाषण देते हुए भी नजर आए. दूसरी अहम बात ये है कि कांग्रेस इन तीन युवाओं पर इसलिए भी ज्यादा फोकस कर रही है क्योंकि वोट प्रतिशत में वो मुसलमानों से कहीं ज्यादा है. साथ ही गुजरात दंगों के बाद कांग्रेस सोनिया गांधी के मौत का सौदागर जैसे बयान भी उनके खिलाफ गए हैं. यही वजह है कि कांग्रेस फूंक-फूंककर कदम रख रही है और उसके नेताओं के भाषणों और एजेंडे से मुसलमान ओझल नजर आ रहे हैं.ओपिनियन पोल
हिमाचल प्रदेश कुल 68
bjp:43-47
काँ०:21-25
अन्य:0-2
गुजरात कुल 182
bjp:115-125
काँ०:57-65
हार्दिक समर्थित पार्टी:00
अन्य:0-2
सर्वे
आजतक पोल के अनुसार गुजरात सीएम विजय रुपानी गुजरात की जनता में सबसे अधिक लोकप्रियता हासिल है उन्हें 34 प्रतिशत लोग पसंद कर रहे है वही अमित शाह को दस पर्तिशत लोग पसंद कर रहे है.
पोल के अनुसार,जहाँ तक वोट शेयर की बात है कि गुजरात में 48 पर्तिशत जनता भाजपा को वोट करने जा रही है वही कांग्रेस को सिर्फ 38 पर्तिशत मत हासिल होंगे.
वही आजतक के सर्वे के अनुसार,भाजपा दुबारा सत्ता पाने में सफल होती दिख रही है,पोल के अनुसार भाजपा को 115 से 125 सीटो की संभावना ज़ताई है.कांग्रेस को 57 से 65 सीटे भाजपा को मिल सकती है.सर्वे में अन्य को तीन सीट मिलने की बात कही है.
आजतक के सर्वे से भाजपा उत्साहित हो सकती क्युकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि गुजरात में भाजपा इस समय दुबारा वापसी नही कर रही है.
गौरतलब है कि गुजरात में पटेलो,पिछड़े और दलितों के आन्दोलन हुए है इस लिहाज़ से भाजपा भी विधानसभा चुनावों को लेकर डरी हुई है लेकिन इस सर्वे ने ज़रूर भाजपा के जान में जान आई है.
आजतक के सर्वे पर संबित पात्रा ने कहा कि गुजरात की जनता हार्दिक बधाई भाजपा को देगी वही कांग्रेस ने इस सर्वे को नकार दिया है.कांग्रेस का दावा है कि गुजरात में जनता इस बार कांग्रेस के साथ है.
वही आजतक के सर्वे के अनुसार,भाजपा दुबारा सत्ता पाने में सफल होती दिख रही है,पोल के अनुसार भाजपा को 115 से 125 सीटो की संभावना ज़ताई है.कांग्रेस को 57 से 65 सीटे भाजपा को मिल सकती है.सर्वे में अन्य को तीन सीट मिलने की बात कही है.
आजतक के सर्वे से भाजपा उत्साहित हो सकती क्युकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि गुजरात में भाजपा इस समय दुबारा वापसी नही कर रही है.
गौरतलब है कि गुजरात में पटेलो,पिछड़े और दलितों के आन्दोलन हुए है इस लिहाज़ से भाजपा भी विधानसभा चुनावों को लेकर डरी हुई है लेकिन इस सर्वे ने ज़रूर भाजपा के जान में जान आई है.
आजतक के सर्वे पर संबित पात्रा ने कहा कि गुजरात की जनता हार्दिक बधाई भाजपा को देगी वही कांग्रेस ने इस सर्वे को नकार दिया है.कांग्रेस का दावा है कि गुजरात में जनता इस बार कांग्रेस के साथ है.
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