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| त्रिपुरा गवर्नर तथागत रॉय |
आर.बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार
त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय एक के बाद एक बयान देकर खलबली मचा रहे हैं। बुधवार को रॉय ने रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कहा कि यदि रोहिंग्या मुस्लिमों को देश में बसने की अनुमति दी गई तो इससे ‘‘हिंदुओं का पलायन’’ हो सकता है।
त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय एक के बाद एक बयान देकर खलबली मचा रहे हैं। बुधवार को रॉय ने रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कहा कि यदि रोहिंग्या मुस्लिमों को देश में बसने की अनुमति दी गई तो इससे ‘‘हिंदुओं का पलायन’’ हो सकता है।
समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक उन्होंने कहा कि इन अवैध अप्रवासियों को निर्वासित करने के केन्द्र के कदम का विरोध करने वाले राजनीतिज्ञ ‘‘ गंदी राजनीति’’ कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत म्यांमार के रखाइन प्रांत के साथ अपनी सीमा साझा नहीं करता है। तो फिर हमें इन रोहिंग्या को शरण क्यों देनी चाहिए और यदि भारत ऐसा करता है तो कल को किसी अन्य देश के इस तरह के प्रवासियों को शरण उपलब्ध करानी होगी।’’
इससे पहले पटाखा बिक्री बैन पर उन्होंने कहा था, “कभी दही हांडी, आज पटाखा, कल को हो सकता है प्रदूषण का हवाला देकर मोमबत्ती और अवार्ड वापसी गैंग हिंदुओ की चिता जलाने पर भी याचिका डाल दे!”
2000 रोहिंग्या ले रहे हैं ISIS से ट्रेनिंग
जबकि रोहिंग्या शरणार्थियों को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए नगालैंड पुलिस के खुफिया विभाग ने आगाह किया है कि रोहिंग्या नगालैंड के लोगों पर हमला कर सकते हैं। नगालैंड के खुफिया सूत्रों ने पुष्टि की है कि दीमापुर के इमाम रोहिंग्या विद्रोहियों से संपर्क बना रहे हैं और साथ ही बांग्लादेश से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा करना भी शुरू किया जा चुका है।
अधिकारियों के मुताबिक अगर नगालैंड के लोगों ने रोहिंग्याओं को देश से बाहर भेजने की कोशिश की तो 2 हजार मुस्लिम नगा लोगों के खिलाफ हथियार उठाने को तैयार हैं। इमाम हेबरॉन और कहोई कैंपों पर हमले की योजना बना रहे हैं ताकि नगालैंड पर कब्जा करना आसान हो।
इतना ही नहीं ISIS के करीब 20 आतंकवादी नगालैंड में घुस चुके हैं और अन्य वॉलनटिअर्स को प्रशिक्षण दे रहे हैं। पूरे नगालैंड में आत्मघाती हमले और बम धमाके करने की योजना है। प्रशासन ने दीमापुर में रह रहे मुस्लिमों पर नजर रखने के आदेश दिए हैं।
रोहिंग्याओं की तरफ से हमले की आशंका को देखते हुए बीएसएफ के रिटायर्ड जनरल वी.के. गौड़ ने बताया कि रेफ्यूजी कैंपों के आसपास सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है ताकि वैश्विक राहत एजेंसियों के लोगों को कैंप में जाने से रोका जा सके। हालांकि, पहले से ही कुछ कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन कैंपों में सक्रिय हो चुके हैं।
अवलोकन करें:--
गौड़ ने बताया, 'ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान का जमात-उद-दावा, अल-कायदा, जमात-ए-इस्लामी, छत्र शिबिर, ISI और कुछ अन्य इस्लामिक समूह राहत कर्मचारियों के वेश में कैंपों में घुसे हैं और इस्लामिक देशों के लिए राहत के सामानों के साथ भी छेड़छाड़ कर रहे हैं।'
उन्होंने बताया, 'इन लोगों ने बड़ी संख्या में युवा शरणार्थियों को हथियार ट्रेनिंग देने के लिए चुना है। यह कहने की जरूरत नहीं कि हमारी सेना में ही कुछ लोग हैं जो ISI के समर्थक हैं और भारत-बांग्लादेश की दोस्ती के खिलाफ हैं।' भारत-बांग्लादेश के बीच 4 हजार 96 किलोमीटर लंबी सीमा पर ऐसी 140 जगहें चिह्नित की गई हैं जहां से रोहिंग्या भारत में घुस सकते हैं।
बता दें कि रोहिंग्या समुदाय को 1982 में म्यांमार ने नागरिक मानने से इनकार कर दिया था और उन्हें बांग्लादेश से आए अवैध शरणार्थी बताया था। इसी साल रोहिंग्या चरमपंथियों के पुलिस चौकियों पर हमले के बाद 25 अगस्त से म्यांमार के रखाइन राज्य में हिंसा जारी है, जिसके बाद से 5 लाख रोहिंग्या बांग्लादेश भाग चुके हैं।
रोहिंग्या मुसलमानों को भारत से तुरंत बाहर करें ! – हिन्दुत्वनिष्ठों की मांग
भारत में घुसपैठ किए हुए बांग्लादेशी घुसपैठियों ने अनेक आपराधिक कृत्य करते हुए भारत में बडी मात्रा में उपद्रव फैला रहे है ! उन्हें पकडने हेतु पुलिसकर्मियों पर अतिरिक्त तनाव आ रहा है। ऐसा होते हुए भी म्यानमार से भागकर आए हुए 40 सहस्र रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में शरण देने हेतु कुछ मुस्लिम संघटन, तथाकथित मानवतावादी एवं पुरोगामियोंद्वारा भारत सरकार पर दबाव डाला जा रहा है। म्यानमार स्थित बहुसंख्यक बौद्धों के साथ अमानवी अत्याचार करने के कारण शांतिप्रिय बौद्धों ने संघटित क्रांति कर रोहिंग्या मुसलमानों को देश से सीमापार लगा दिया है। ऐसी आतंकी विचारधारावाले रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में शरण देने का अर्थ संकट को आमंत्रण देने जैसा है ! अतः सरकार इस प्रकार के किसी भी दबाव में न आकर रोहिंग्याओं को भारत से तुरंत निकाल बाहर करें !
इस मांग को लेकर राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन के अंतर्गत मुंबई के धारावी एवं विक्रोळी, साथ ही नई मुंबई के सानपाडा में आंदोलने चलाई गई। इन आंदोलनों में विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संघटनों के कार्यकर्ता हाथों मे फलक लिए सम्मिलित हुए। इन आंदोलनों में ऐतिहासिक किले सिंहगड के सुधारकार्य में ठेकेदारद्वारा किए गए घटिया स्तर के निर्माणकार्य की व्यापक जांच कर दोषियों के विरोध में आपराधिक अभियोग प्रविष्ट करें, ऐसी मांग भी की गई !विक्रोळी
8 अक्तूबर को सायंकाल 5.30 से 6.30 की अवधि में विक्रोळी (पूर्व) रेल स्थानक के बाहर आंदोलन किया गया। इस आंदोलन को शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्थान के श्री. सचिन घाग, श्री शिवकार्य प्रतिष्ठान, विक्रोळी के श्री. प्रभाकर भोसले; शिवसेना के श्री. गणेश पाटिल ने संबोधित किया। हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. सतीश सोनार ने रोहिंग्या मुसलमानों को भारत से बाहर निकाल देने की आवश्यकता स्पष्ट की।
सम्मिलित संघटन एवं राजनीतिक दल
श्री शिवकार्य प्रतिष्ठान, विक्रोळी; श्री शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्थान, बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद, हिन्दू जनजागृति समिति, सनातन संस्था एवं शिवसेना
सानपाडा
सानपाडा रेल स्थान के निकट सेक्टर 5 में 7 अक्तूबर को सायंकाल 5.30 से 6.30 की अवधि में आंदोलन चलाया गया। समिति के प्रवक्ता डॉ. उदय धुरी ने रोहिंग्या मुसलमानों को देश में शरण देने से देश की किस प्रकार हानि हो सकती है, इस संदर्भ में जानकारी दी, साथ ही नागरिकों को इस संदर्भ में सभी स्तरपर उद्बोधन करने का आवाहन किया। अकस्मात प्रारंभ हुई वर्षा में भी आंदोलन का उत्साह टिका हुआ था। श्री. भालचंद्र गायकवाड ने आंदोलन का सूत्रसंचालन किया। इस अवसर पर हिन्दुत्वनिष्ठों ने अगला आंदोलन वाशी में लेने की मांग की !
श्री. अस्मित कोंडाळकर, शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्थान : सिंहगड के सुधारकार्य में डेढ करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार करनेवालों को छत्रपति शिवाजी महाराज का कौनसा आशीर्वाद मिलेगा ?
श्री. रमेश पावगे, शिवसाधना समूह : रोहिंग्या मुसलमानों को शरण दिए जाने के कारण देश में कट्टरतावाद बढेगा। इससे धर्मपरिवर्तन की घटनाएं बढ कर जिहादी प्रवृत्ति को बल मिलेगा, साथ ही बेरोजगारी की समस्या बढ कर शासन एवं जनता पर अतिरिक्त तनाव बढेगा ! अतः रोहिंग्याओं को भारत में शरण नहीं देनी चाहिए।
श्री. दीपक उंडे, हिन्दू गर्जना संघटन : सिंहगड के सुधारकार्य में पैसे खानेवाले खंडोजी खोपडे एवं सूर्याजी पिसाळ के वंशज आज भी जिवित हैं। ऐसे देशद्रोही लोगों के लिए देहांत दंड ही योग्य है !
श्री. केदार चित्रे, हिन्दू जनजागृति समिति : आर्य चाणक्य ने कहा था कि, राजा को शरणार्थी का धर्म, संस्कार एवं नीतिमत्ता को देखकर उसको शरण देनी चाहिए। आज के शासन को इस पर अध्ययन करना चाहिए !
श्री. मंगेश म्हात्रे, सामाजिक कार्यकर्ता : भारत के प्रधानमंत्री को म्यानमार के प्रधानमंत्री से आतंकियों के विरोध में किस प्रकार कार्रवाई करनी चाहिए, इसकी शिक्षा लेनी चाहिए और उनको इसी नीति को जम्मू-कश्मीर में कार्यरत धर्मांध आतंकी और रोहिंग्याओं के संदर्भ में अपनाना चाहिए !
धारावी
यहां के ९० फुटी मार्ग पर स्थित संकल्पा हाऊसिंग सोसाईटी के निकट स्थित शिवमंदिर के पास ७ अक्तूबर को सायंकाल ५.३० से ६.३० की अवधि में आंदोलन चलाया गया। इस समय पुलिसकर्मियों ने फेरीवालों को हटाकर आंदोलन हेतु जगह उपलब्ध करवा दी। इस अवसर पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। श्री. ओंकार कोलते ने सूत्रसंचालन किया।
श्री. दिनेश कोंडविलकर, वज्रदल : भारत को यदि उसके टुकडे होने से बचाना हो, तो रोहिंग्या मुसलमानों को इस देश में शरण नहीं देनी चाहिए !
श्री. प्रकाश सावंत, हिन्दूराष्ट्र सेना : रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में शरण देने का अर्थ दूसरे पाकिस्तान को बना देना है !
श्री. चंद्रकांत भदिर्के, हिन्दू जनजागृति समिति : हिन्दवी स्वराज्य, त्याग, निष्ठा एवं शौर्य के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज के सिंहगड के सुधारकार्य में किए गए भ्रष्टाचार को हम सहन नहीं करेंगे !
उपस्थित संघटन एवं राजनीतिक दल
वज्रदल, हिन्दूराष्ट्र सेना, श्री शिवकार्य प्रतिष्ठान, बजरंग दल, हिन्दू जनजागृति समिति, सनातन संस्था एवं भाजप
क्षणचित्र
1. आंदोलन के परिसर में स्थित मुसलमान बस्ती में रहनेवाले लोग रुक रुक कर आंदोलन के विषय को सुन रहे थे !
2. मार्ग से आने-जाने वाले अनेक लोगों ने अपने भ्रमणभाष संचों में आंदोलन का ध्वनिचित्रीकरण किया !
3. आंदोलन के समय वर्षा का आगमन हुआ; परंतु आंदोलन को देखने हेतु आया हुआ जनसमुदाय वहां से नहीं हिला !
4. वर्षा के कारण आंदोलन स्थल पर सर्वत्र अंधेरा छा गया; परंतु तुरंत ही आकाश में परिवर्तन होकर वह पुर्ववत हो गया !



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