गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले छात्र प्रद्युम्न ठाकुर मर्डर केस में पुलिस जांच के दौरान लगभग रोज़ ही चौंकाने वालीं बात सामने आ रही है और ये सभी खुलासे अपने-आप में बेहद ही हैरान कर देने वाले हैं. मामले में अबतक मिली जानकारी के अनुसार प्रद्युम्न को कंडक्टर ने वाशरूम में देखा जिसके बाद उसने मासूम प्रद्युम्न के साथ गलत करने की कोशिश की और आखिरकार जब वो उसमे नाकाम हुआ तो बौखलाए कंडक्टर ने मासूम को मौत के घाट उतार दिया.
ये थी अबतक की कहानी, लेकिन अब इस मामले में एक और चौंकाने वाली कहानी सामने आ रही है जिसके मुताबिक प्रद्युम्न के मर्डर से पहले स्कूल टॉयलेट में तीन लोग पहले से ही मौजूद थे. जी हाँ मामले में हुए अबतक के सबसे सनसनीखेज खुलासे के मुताबिक हत्या आरोपी बस कंडक्टर अशोक कुमार वारदात से पहले ही टॉयलेट में मौजूद था. साथ ही उसके साथ उस समय तीन बच्चे और एक माली भी थे. कहा जा रहा है कि उनके जाने के बाद अशोक ने प्रद्युम्न के साथ कुकर्म की कोशिश की और नाकाम होने पर उसकी हत्या कर दी.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे वाले दिन ताइक्वांडो प्रैक्टिस के लिए तीन छात्र अपने कपड़े बदलने के लिए वाशरूम में पहुंचे थे. उस समय उनके साथ स्कूल का एक माली भी वहां मौजूद था. बताया जा रहा है कि अशोक भी उसी समय टॉयलेट में पहुंचा और माली सहित छात्रों के जाने का इंतजार करने लगा. जैसे ही चारों लोग बाहर निकले वह प्रद्युम्न के साथ कुकर्म करने की कोशिश करने लगा. हालांकि, पुलिस की ये थ्योरी बेमानी सी लगती है. खासकर उस समय जब ख़ुद बस के ड्राईवर ने ये माना है कि प्रद्युम्न के क़त्ल में इस्तेमल किये जाने वाला चाक़ू उसके टूलकिट से है ही नहीं बल्कि स्कूल प्रशासन ने उसपर जबरदस्ती इस बात को कुबूलने का दबाव डाला गया था, साथ ही कंडक्टर के परिवार ने भी अपने बेटे के साथ गलत होने की बात साफ़ की है. ऐसे में तो साफ़ तौर पर शक की सुई सीधे तौर पर स्कूल प्रशासन पर ही जाती है.
सितम्बर 11 को रेयान इंटरनेशनल स्कूल फरीदाबाद में अभिभावकों का गुस्सा फूटा। एक स्वीपर को भी पकड़ लिया जिसने दारू पी हुई थी।
वीडियो में देखिये हंगामा
https://www.facebook.com/chanderkant.yadav.587/videos/1661655797237925/
https://www.facebook.com/ViralHindu/videos/1996055254007892/
अवार्ड वापसी गैंग कहाँ है?
मुझे लगता है अबोध प्रद्युम्न हत्याकांड में आरोप स्वीकारने वाला कंडक्टर आरोपी हो ही नही सकता।
आखिर स्कूल के अन्दर बने बाथरूम मे कंडक्टर क्यों जाएगा । जबकि गेट के पास पहले से काॅमन बाथरूम है जहां स्कूल के बाहरी स्टाफ जाते हैं।
मुझे तो कंडक्टर का चेहरा और बयान देखकर 1% भी संभव नही लगता है कि वह हत्यारा है।
आप स्वयं सोचिए आखिर इतनी जल्दी खुद सामने आकर क्या कोई हत्या करना स्वीकार करेगा ?
मुझे लगता है कि इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाला या तो स्कूल प्रशासन के किसी ताकतवर शख्स का या किसी मंत्री, अधिकारी या रसूखदार व्यक्ति का बेटा या रिश्तेदार ही होगा।
अवलोकन करें :--
मुझे गुड़गांव पुलिस की भूमिका 100% संदेहास्पद लगती है। पुलिस आरोपी को बचा रही है।
कहीं कंडक्टर को तो पैसे का लालच देकर बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
कंडक्टर का कहना है कि बच्चे ने बाथरूम में गलत काम करते हुए देख लिया था, इसलिए मार दिया, अब गलत काम कोई बाथरूम का दरवाजा खोलकर और हाथ मे चाकू लेकर तो करेगा नहीं..?
इस घटना के पीछे बड़ी लाबी है जो सच को छुपा रही सीबीआई जाँच ही इस घटना की सच्चाई सामने ला सकती है।
एक बच्चे की जघन्य हत्या होती है, लेकिन कोई अवार्ड वापसी गैंग नज़र नहीं आ रहा। लगता है, उन लोगों ने मौन धारण कर रखा है। इनका मौन किसी अख़लाक़ के साथ होने वाली दुर्घटना पर ही समाप्त होगा। .
ये थी अबतक की कहानी, लेकिन अब इस मामले में एक और चौंकाने वाली कहानी सामने आ रही है जिसके मुताबिक प्रद्युम्न के मर्डर से पहले स्कूल टॉयलेट में तीन लोग पहले से ही मौजूद थे. जी हाँ मामले में हुए अबतक के सबसे सनसनीखेज खुलासे के मुताबिक हत्या आरोपी बस कंडक्टर अशोक कुमार वारदात से पहले ही टॉयलेट में मौजूद था. साथ ही उसके साथ उस समय तीन बच्चे और एक माली भी थे. कहा जा रहा है कि उनके जाने के बाद अशोक ने प्रद्युम्न के साथ कुकर्म की कोशिश की और नाकाम होने पर उसकी हत्या कर दी.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे वाले दिन ताइक्वांडो प्रैक्टिस के लिए तीन छात्र अपने कपड़े बदलने के लिए वाशरूम में पहुंचे थे. उस समय उनके साथ स्कूल का एक माली भी वहां मौजूद था. बताया जा रहा है कि अशोक भी उसी समय टॉयलेट में पहुंचा और माली सहित छात्रों के जाने का इंतजार करने लगा. जैसे ही चारों लोग बाहर निकले वह प्रद्युम्न के साथ कुकर्म करने की कोशिश करने लगा. हालांकि, पुलिस की ये थ्योरी बेमानी सी लगती है. खासकर उस समय जब ख़ुद बस के ड्राईवर ने ये माना है कि प्रद्युम्न के क़त्ल में इस्तेमल किये जाने वाला चाक़ू उसके टूलकिट से है ही नहीं बल्कि स्कूल प्रशासन ने उसपर जबरदस्ती इस बात को कुबूलने का दबाव डाला गया था, साथ ही कंडक्टर के परिवार ने भी अपने बेटे के साथ गलत होने की बात साफ़ की है. ऐसे में तो साफ़ तौर पर शक की सुई सीधे तौर पर स्कूल प्रशासन पर ही जाती है.सितम्बर 11 को रेयान इंटरनेशनल स्कूल फरीदाबाद में अभिभावकों का गुस्सा फूटा। एक स्वीपर को भी पकड़ लिया जिसने दारू पी हुई थी।
वीडियो में देखिये हंगामा
https://www.facebook.com/chanderkant.yadav.587/videos/1661655797237925/
https://www.facebook.com/ViralHindu/videos/1996055254007892/
अवार्ड वापसी गैंग कहाँ है?
मुझे लगता है अबोध प्रद्युम्न हत्याकांड में आरोप स्वीकारने वाला कंडक्टर आरोपी हो ही नही सकता।
आखिर स्कूल के अन्दर बने बाथरूम मे कंडक्टर क्यों जाएगा । जबकि गेट के पास पहले से काॅमन बाथरूम है जहां स्कूल के बाहरी स्टाफ जाते हैं।
मुझे तो कंडक्टर का चेहरा और बयान देखकर 1% भी संभव नही लगता है कि वह हत्यारा है।
आप स्वयं सोचिए आखिर इतनी जल्दी खुद सामने आकर क्या कोई हत्या करना स्वीकार करेगा ?
मुझे लगता है कि इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाला या तो स्कूल प्रशासन के किसी ताकतवर शख्स का या किसी मंत्री, अधिकारी या रसूखदार व्यक्ति का बेटा या रिश्तेदार ही होगा।
अवलोकन करें :--
मुझे गुड़गांव पुलिस की भूमिका 100% संदेहास्पद लगती है। पुलिस आरोपी को बचा रही है।
कहीं कंडक्टर को तो पैसे का लालच देकर बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
कंडक्टर का कहना है कि बच्चे ने बाथरूम में गलत काम करते हुए देख लिया था, इसलिए मार दिया, अब गलत काम कोई बाथरूम का दरवाजा खोलकर और हाथ मे चाकू लेकर तो करेगा नहीं..?
इस घटना के पीछे बड़ी लाबी है जो सच को छुपा रही सीबीआई जाँच ही इस घटना की सच्चाई सामने ला सकती है।
एक बच्चे की जघन्य हत्या होती है, लेकिन कोई अवार्ड वापसी गैंग नज़र नहीं आ रहा। लगता है, उन लोगों ने मौन धारण कर रखा है। इनका मौन किसी अख़लाक़ के साथ होने वाली दुर्घटना पर ही समाप्त होगा। .
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