
यह कटु सत्य है कि बिना चिंगारी के आज तक धुआँ नहीं हुआ और न ही होता है। लेकिन प्रश्न तब होता है कि जब जनता सिर्फ और सिर्फ प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर भाजपा को अन्य पार्टियों से अलग देखती है। और यह कोई पहली बार नहीं हो रहा कि पार्टी के पदाधिकारी इन अवांछित कार्यों के कारण सुर्खी बन रहे हैं। इन भाजपाइयों का कर्तव्य बनता है कि अपने आचरण में सुधार लाएँ। जब ये भी राशन कार्ड बनाने लग जाएंगे, फिर दिल्ली में आम आदमी पार्टी के पूर्व मंत्री संदीप और इन भाजपाइयों में क्या अंतर रह जाएगा। इन नेताओं और पदाधिकारियों का कुछ नहीं बिगड़ेगा, लेकिन मोदी-योगी-अमित अपने प्रयासों से देश के उज्जवल भविष्य में प्रयत्नशील है, उनके मार्ग में इनकी करतूतें काँटों का काम करेंगी।
एक बात जो सबके साथ साझा करना चाहता हूँ, 2014 चुनाव से पूर्व अपनी नवासी के मुंडन करने विंध्याचल जाना पड़ा था। कार्यक्रम से निश्चिन्त होकर मंदिर के पास कस्बों में घूमने निकलने पर हर झुग्गी और मकान पर भाजपा झंडा देख, जब पूछा "क्या यहाँ भाजपा का जोर है?" जवाब सुनने को मिला "भारतीय जनता पार्टी का अब से पहले कभी नाम नहीं सुना, यह तो मोदी के नाम पर है, हम तो सिर्फ मोदी को जानते हैं, किसी भारतीय जनता पार्टी को नहीं।" उनका जवाब सुन मै अचम्भित हो गया और मन ही मन मंथन करता रहा कि जो काम अटल-अडवाणी नहीं कर पाए, मोदी ने प्रधानमन्त्री बनने से पूर्व ही जनता के दिलों में जगह बना ली यानि इस मोदी ने पार्टी को कहाँ से कहाँ पहुंचा दिया, उन गांव और कस्बों में भाजपा को पहुंचा दिया, जहाँ रामजन्मभूमि आंदोलन भी भाजपा को नहीं पहुंचा पाया। और पदाधिकारी राशन कार्ड बनाने में लगे हैं। भाई इस आदमी के नाम को कलंकित मत करो। उसी दिन एक बात घर कर गयी कि "यदि यही स्थिति देश के अन्य भागो में भी हुई, भाजपा को पूर्ण सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता।" और हुआ भी वही, प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती।
राशन कार्ड बनाने वाले अपने आपको छुटभैया कहलवाने से बचें, और जिन नेताओं के कदमों पर चलने का प्रयास कर रहे हैं, पहले उनकी तरह अपने आपको सक्षम बनाएं।
अवलोकन करें:--
संस्कारी भाजपा के एक सांसद पर किसी दूसरे व्यक्ति की पत्नी और बच्ची को भागकर ले जाने और उस महिला से दूसरी शादी करने का आरोप लगा है। जबकि संसद महोदय की पहली पत्नी भी जिन्दा है।
फर्रुखाबाद से भारतीय जनता पार्टी के सांसद मुकेश राजपूत पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। लिंजीगंज निवासी नंद किशोर राजपूत ने आरोप लगाया है कि सांसद ने उसकी पत्नी और बेटी का अपहरण कर लिया है। युवक के मुताबिक मुकेश राजपूत ने उसकी पत्नी और लड़की को कहीं गायब कर दिया है। पीड़ित व्यक्ति अपनी फरियाद लेकर डीएम ऑफिस पहुंचा।
पीड़ित व्यक्ति ने सिटी मजिस्ट्रेट से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन इस पूरे हाई प्रोफाइल मामले को सिटी मजिस्ट्रेट भी टरकाते नजर आए। पीड़ित युवक ने इस मामले में सबूत के तौर पर कुछ तस्वीरें भी अधिकारियों को दिखाई हैं। चूंकि ये मामला सांसद मुकेश राजपूत से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन भी इस मामले में हाथ डालने से बच रहा है। वहीं इस पूरे मामले में सांसद मुकेश राजपूत का कहना है कि युवक ने उन पर जो भी आरोप लगाए हैं, वो सभी बेबुनियाद हैं। ये सब कुछ विरोधियों के इशारे पर हो रहा है।
शिकायत करने वाले नंद किशोर राजपूत ने नगर मजिस्ट्रेट जैनेन्द्र कुमार जैन से शिकायत में कहा है कि उसका विवाह बीते 9 फरवरी, 2000 को हुआ था। 2006 में करवाचौथ के दस दिन पूर्व उसकी पत्नी घर से गयी और वापस नहीं लौटी। वह घर से जेवर, कपड़ा, सामान और नाबालिक पुत्री को लेकर गयी थी। उसके मायके में पता किया तो वहां भी उसका पता नहीं चला। घटना के लगभग दो माह बाद सांसद मुकेश राजपूत ने शिकायतकर्ता को बुलाकर कहा कि तुम्हारी पुत्री की मौत हो गयी है और तुम्हारी पत्नी अब तुम्हारे साथ नहीं रहना चाहती, उसे तलाक दे दो।
कुछ समय के बाद पता चला कि उसकी पुत्री जीवित है। सांसद द्वारा उसकी मौत की झूठी खबर प्रकाशित की गयी| जब इसकी जानकारी करने गये तो उन्होंने गाली-गलौज करके भगा दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया की सांसद मुकेश राजपूत ने उसको साथ भगा कर विवाह कर लिया और उसे दिल्ली व लखनऊ में पत्नी के रूप में रखते है। उसके बाद पत्नी ने एक पुत्री को भी जन्म दिया। पत्नी का नाम बदलकर शीतल राजपूत रख दिया।
नगर मजिस्ट्रेट जैनेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि शिकायत मिली है। उसे जाँच के लिये शहर कोतवाली को भेज दिया गया है। पीड़ित व्यक्ति का कहना है कि वो मुकेश राजपूत का कार्यकर्ता था जिसके चलते उनका उसके घर में आना जाना था जहां मौका ताड़कर मुकेश राजपूत ने उसकी पत्नी पर डोरे डालना शुरू कर दिया और उसे पटा कर भगा ले गए।
नेताओं का विवादों से पीछा छूटने का नाम नहीं ले रहा है। अब यूपी के भाजपा विधायक सौरभ श्रीवास्तव के सुरक्षा गार्ड और एक नौकर पर रेप का आरोप लगा है। जानकारी के मुताबिक, लखनऊ स्थित बीजेपी विधायक के आवास पर काम करने वाली युवती ने विधायक के सुरक्षा गार्ड और नौकर पर रेप का आरोप लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने उसे काम करने के लिए बुलाया। उन्होंने मुझसे झूठ कहा कि तुम्हें दीवान साहब बुला रहे हैं। जब मैं वहां पहुंची तो विधायक के गनर मनोज तिवारी ने कहा कि आपके भाई के खिलाफ वारंट जारी हुआ है। इसके लिए आपको 10 हजार रुपये देने होंगे। जब पीड़िता ने पैसा देने से मना किया तो मुझे रात रुकने को कहा गया।
पीड़ित युवती ने आरोप लगाया कि इसके बाद गनर मनोज तिवारी और एक नौकर ने मिलकर रेप की कोशिश की। फिलहाल पूरा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बीजेपी विधायक के लखनऊ स्थित आवास से ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही उनसे पूछताछ की जा रही है।
जब से योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने है तब से उत्तर प्रदेश में अपराधों का सिलसिला जारी है। हालाँकि, योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने से पहले यह दावा किया था कि, अगर उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आएगी तो बिना किसी डर के बेटियां आराम से घूम सकेगी। लेकिन देखा जा रहा है कि, योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद अपराध प्रदेश में ज्यादा संख्या में बढ़े हैं।
गुजरात के वडोदरा में एक बीजेपी नेता पर बलात्कार का आरोप लगा है। यह आरोप वडोदरा के नर्मदा जिले में जयंती तड़वे नाम के नेता पर लगा है। जयंती पर 35 साल की एक महिला ने यह आरोप लगाया है। महिला वहां एक आंगनवाड़ी में काम किया करती है। महिला का आरोप है कि जयंती पिछले 11 महीने से उसके साथ यह सब कर रहा था। महिला ने गुरुदेश्वर पुलिस थाने में जाकर मंगलवार (11 जुलाई) को शिकायत दर्ज करवाई। बात बढ़ने के बाद बीजेपी की तरफ से बुधवार को एक बयान जारी किया गया। बयान में बताया गया है कि जयंती तड़वी ने जिला महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, अभी जयंती की गिरफ्तारी नहीं हुई है। महिला ने कैमरे के सामने आकर भी बयान दिया।
इससे पहले महाराष्ट्र में एक बीजेपी नेता पर चलती बस में लड़की के साथ बलात्कार का मामला दर्ज हुआ था। उसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया था। उस बीजेपी नेता का नाम रवींद्र बावंथाडे है।
इससे पहले मध्य प्रदेश में एक महिला ने बीजेपी नेता पर गैंगरेप करने का आरोप लगया था। वह मामला मध्य प्रदेश के मुरैना जिले का था जहां पर बीजेपी नेता पर अपने साथियों के साथ मिलकर दलित महिला के साथ गैंगरेप करने का आरोप लगा था। पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार बीजेपी नेता और सेवा सहकारी संस्था सुमावली के अध्यक्ष भोजपाल सिंह जादौन के पास वह कई दिनों से राशन कार्ड बनवाने के लिए चक्कर काट रही थी।
BJP नेता की पत्नी के होटल में चल रहा था सेक्स रैकेट, 4 महिलाएं छुड़वाईं
आज के दौर में भाजपा को आगे बढ़ने के लिए फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा।
25 साल के लड़के के साथ सेक्स करती BJP की महिला नेता का वीडियो वायरल, पार्टी ने निकाला
मोह्ब्बत में प्रेमी जोड़े कुछ ऐसे काम कर जाते हैं, जो उन्हीं के गले की फांस बन जाता है। भाजपा की एक महिला नेता प्रेमी की बेवफाई की शिकार हो गईं। जिस प्रेमी को अपना शरीर सौंप दिया, उस प्रेमी ने अंतरंग पलों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर लीक कर दिया। जब पूरे उत्तराखंड में यह वीडियो वायरल हुआ तो महिला नेत्री का घर से निकलना मुश्किल हो गया। पुलिस में शिकायत करने ने पर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। उधर फजीहत होने पर महिला नेत्री को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता कह रहे हैं कि संबंधित महिला नेत्री किसी पद पर नहीं थी। यह जरूर है कि जुड़ाव भाजपा से रहा।
क्या है मामला
देहरादून के एसपी सुखवीर सिंह ने बताया कि आरोपी युवक को देहरादून से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच धरासू थानाध्यक्ष रविन्द्र यादव को दी गई है। उत्तरकाशी में 13 सितंबर को कोतवाली में एक महिला नेता ने पुरोला कोर्ट रोड निवासी मनोज रावत (25 वर्ष) पुत्र हरपाल सिंह रावत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें महिला ने आरोप लगाए थे कि पुरोला निवासी ने उनका अश्लील वीडियो बनाया और पैसों की मांग की। कोई नशीला पदार्थ खिलाकर उन्हें कमरे में बंद कर दिया और जान से मारने की धमकी भी दी, इसके बाद उसने वीडियो को वायरल कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
एसपी सुखवीर सिंह ने बताया कि आरोपी का मोबाइल जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। साथ ही पूछताछ भी की जा रही है। आरोपी को पकड़ने वाली टीम को 2500 रुपये का इनाम दिया गया है।
अब पुलिस आरोपी की कॉल डिटेल तथा भेजे गए संदेशों को खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार आरोपी युवक का संपर्क मोरी व पुरोला क्षेत्र के कुछ पंचायत प्रतिनिधियों से भी है।
वायरल वीडियो रोकने को हो रही धरपकड़
महिला नेत्री के वायरल हुए वीडियो को रोकने के लिए धरपकड़ की जा रही है। शिकायत पर अभी तक पुलिस ने 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन उनके पास वीडियो नहीं मिले। एसओ महादेव उनियाल ने बताया कि वीडियो को वायरल होने से रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे है।
अगर किसी के पास यह वीडियो मिला तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसलिए पुलिस ने लोगों से अपील है कि जिनके पास भी अश्लील वीडियो है वे उससे तत्काल हटा दें।
Comments