निर्मला सीतारमण ने कहा कि रक्षा मंत्री के तौर देश की सेवा करने का मौका मिलना एक बड़ी बात है। निर्मला सीतारमण के साथ साथ जिन और मंत्रियो का भाजपा में पुनर्जन्म हुआ है उनका इतिहास हमेशा से मैला ही रहा है। उनमे से अधिकतर भ्रष्टाचार के आरोपी भी है।
मोदी सरकार के इस फेरबदल नीति पर वीर सांघवी ने बहुत गहरी बात कही है, वरिष्ठ पत्रकार वीर सांघवी ने ट्वीट कर कहा, ”बीजेपी अब भी मंत्री पद के लिए ब्यूरोक्रेट्स की तरफ़ ही देखती है। इससे साफ़ है कि पार्टी के पास प्रतिभा की कमी है।” दिसंबर 2015 में बीजेपी उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में कहा था, ”कांग्रेस की तुलना में हम लोग के पास छोटी संख्या में अनुभवी और प्रतिभाशाली लोग हैं।” आइए जानते है कि निर्मला सीतारमण बतौर रक्षा मंत्री कितनी प्रतिभाशाली है। https://www.facebook.com/lotpothot/videos/127278897918549/
निर्मला सीतारामण को डिफेन्स की शून्य जानकारी
इंदिरा गांधी जब प्रधानमंत्री थीं तो उन्होंने रक्षा मंत्रालय खुद अपने पास रक्षा था। इंदिरा गांधी का छोड़ दें तो निर्मला सीतारमण देश की पहली ऐसी महिला हैं जिन्हें रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन इससे पहले वह जिन मंत्रालयों में थी जिनका रक्षा सम्बन्धी मामलो से कोई नाता नही था।
आंध्रप्रदेश की रहने वाली निर्मला सीतारमण अब तक वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री :स्वतंत्र प्रभार: के तौर मंत्रिपरिषद में जिम्मेदारी संभाल रही थीं। इसस पहले उन्होंने वित्त एवं कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री का दायित्व निर्वाह किया।
अधिकतर वे मीडिया में बतौर प्रवक्ता मोदी का बचाव करते नज़र आई है और ये तजुर्बा रक्षा मंत्रालय संभालने में कितना काम आएगा ये तो वक़्त ही बता सकता है |
कैसे निपटेंगी गोला बारूद की किल्लत से
सेना की खस्ता हालत तो तब ही उजागर हो गयी थी जब कुछ दिन पहले एक सैनिक ने फेसबुक पर विडियो अपलोड किया था जिसमे उसने ज़िक्र किया था की दिन रात ड्यूटी करने वाले सैनिक ढंग से भोजन भी नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें मिलता नही |
आज अगर चीन भारत देश में हमला बोल दे तो निर्मला के पास यकीनन कोई जवाब नहीं होगा | साथ ही चीन से लगी सरहद पर आए दिन विवाद निर्मला सीतारमण का काम आसान नहीं होने देंगे | सेना का आधुनिकीकरण, नए हथियारों की ख़रीद और पुराने हथियार गोला बारूद की किल्लत से निपटना भी एक बड़ी चुनौती साबित होगी |
हिंदी भाषा ठीक से न बोल पाना भी निर्मला की एक कमजोरी
बीजेपी मंत्रियो पर शुरू से ही साक्षरता को लेकर सवाल खड़े किये गये है। सबसे पहले नरेन्द्र मोदी जिनकी डिग्री फर्जी बताई गयी उसके बाद स्मृती इरानी जो बतौर शिक्षा मंत्रालय सम्भालते हुए भी अपनी शिक्षा को छुपाये रखी।
हाल ही में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू पर तो खुद वरिष्ठ पत्रकार अरुण शौरी ने ये कहते हुए सबको चौका दिया की वो लिखना नही जानते फिर भी अखबारों में उनके बड़े बड़े लेख छपते है। अब आते है सीतारमण पर, दक्षिण भारत से आने वाली सीतारमण हिंदी में ठीक से संवाद नही कर पाती। उनका लोकसभा में तमिल में बोलते हुए ये विडियो बहुत वायरल हुआ था।
जहाँ तक भाषाशैली की बात है, वोट राजनीति के चलते, अब तक देश ने कई ऐसे मन्त्री देखे हैं, जिन्हे ठीक से पढ़ना तक नहीं आता। कम से कम निर्मला अपने राज्य की भाषा तो बोलती और लिखती हैं। ज्यादा दूर जाने की जरुरत नहीं, बिहार की वर्तमान सरकार से पूर्व गठबंधन की सरकार में लालू यादव के पुत्र मंत्री बने, जो अपनी शपथ तक ठीक से नहीं पढ़ पाए। इससे पूर्व, लालू को जेल होने पर उन्होंने अपनी अनपढ़ पत्नि को ही मुख्यमंत्री बना डाला। इस तरह सूची बनाने को आए तो एक लम्बी सूची सामने आएगी।
देखिये वीडियो:-
कहाँ से आई 2.5 करोड़ की संपत्ति?
ज्यादा दिन नही बीते थे जब आम आदमी पार्टी की नेता अलका लाम्बा ने बीजेपी मंत्रियों की दिन ब दिन बढती संपत्ति को लेकर सवाल उठाये थे जिनमे शामिल है अमित शाह। निर्मला सीतारमन भी उसी कतार में आती है जिनकी संपत्ति संदेहजनक है।
माय नेता पोर्टल के अनुसार सीतारमन के पास तकरीबन 2 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है और उनके अकाउंट आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफ़सी बैंक, आन्ध्रा बैंक जैसे कई बैंको में खुले है। गोल्ड उनके पास 3 लाख से भी ऊपर तक। ये वो डिटेल्स है जो उन्होंने पब्लिक में उजागर की है अपितु हर नेता का सोर्स ऑफ़ इनकम कुछ और भी होता है। ये एक जांच का विषय माना जाएगा।
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