जनसत्ता में प्रकाशित हुए वृत्त के अनुसार पुलिस ने ‘अनुबंध पर शादी’ कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड किया है, जो मध्य पूर्व और खाड़ी देश के पुरुषों के साथ यहां की स्थानीय महिलाओं और नाबालिग लडकियों की शादी कराते हैं । एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में २० व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें आठ विदेशी नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिक शादी करके नाबालिग लड़कियां यहां से खाडी देश ले जाने के लिए आए थे। इन सब की उम्र ५०-६० साल बताई जा रही हैं। वहीं एक की उम्र तो करीब ८० साल है।
पुलिस ने तीन काजियों (शादी कराने वाले लोग), चार मकान मालिकों और पांच एजेंटो/ दलालों को गिरफ्तार किया है, जो इस तरह की शादी संपन्न कराते हैं। इन काजियों में फरीद अहमद नाम का मुंबई का चीफ काजी भी शामिल है। इसे इस रैकेट का सरगना बताया जा रहा है।
हैदराबाद पुलिस ने पहले भी पुराने नगर क्षेत्र में कई ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ किया है जो जाली दस्तावेजों के जरिए ऐसी शादियां करवाते थे। उन्होंने कहा था कि शादी के वक्त, दुल्हन को ‘तलाक’ के कोरे बॉन्ड पेपर पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जाता है।
यह न्यूज पढनेपर कुछ सूत्र ध्यान में आए
१. इस काजी को इतना घिनौना काम करते हुए पकडा गया है परंतु फिर भी मिडीया इस पर कोर्इ ‘ब्रेकिंग न्यूज’ या चर्चा सत्र दिखार्इ नहीं दिए ? ना कोर्इ सेक्युलर, मानवाधिकार तथा स्त्री-मुक्ति संगठन के कार्यकर्ता इस विषय पर कुछ ‘टिप्पणी’ देने के लिए सामने आए है ?
२. यदि इस प्रकार का आरोप भी किसी हिन्दू साधू या संत पर होता है या उन्हें इस विषय में गिरफ्तार किया जाता है, तो तुरंत सभी मिडीया ‘ब्रेकिंग न्यूज’ बना देते है तथा कर्इ हिन्दूद्वेषी व्यक्तियों को बुलाकर हिन्दू धर्म का अपमान करना प्रारंभ करते है। इसीलिए अब हिन्दूआें ने जागरूक होकर इस प्रकार के दोगले मीडिया का पूर्ण बहिष्कार कर देना चाहिए।
३. ‘लव जिहाद’ के भी कर्इ केसेस में यह बात सामने आर्इ है की कर्इ हिन्दू लडकियों को निकाह के बाद खाडी देशोे में बेचा गया है। इस प्रकार के रैकेट में जो लडकियां फसी है, उनमें से कुछ लडकियां ‘लव जिहाद’ की शिकार भी हो सकती है । इसलिए हिन्दू युवतियों को ‘लव जिहाद’ के विषय में सतर्क रहना चाहिए।
४.मीडिया ने बापू आसाराम की गिरफ्तार किए जाने का समाचार सभी चैनलों ने खूब चलाया, लेकिन किसी ने भी पिछली सरकार के डर से उस षड्यंत्र को नहीं बताया, जिस षड्यंत्र के अंतगर्त गिरफ़्तारी हुई। जिस कारण वास्तविकता अज्ञातवास में चली गयी और हिन्दू धर्म कलंकित होता रहा। जितने भी खोजी पत्रकार थे, पता नहीं, वह सब भी कहाँ अज्ञातवास में चले गए थे। वास्तव में बापू ने अपने जून 12, 2012 के समागम में कहा था "सोनिया मैडम बहुत हो गया, वापस इटली जाओ। तुम हिन्दुओं को ईसाई बनाओगी, आसाराम और मेरे शिष्य उन्हें वापस हिन्दू बनाएंगे। भारत का ईसाईकरण नहीं होने देंगे।" तभी से आसाराम को घेरने की तैयारी चल रही थी। यदि किसी कारणवश 2014 पिछली ही सरकार की वापसी हो गयी होती, ऐसे ही अपराधों में शायद अब तक दो/तीन बेगुनाह सन्त जेलों में डाल दिए गए होते। और हमारे चैनल सुबह से रात तक यानि 24 घंटे उन समाचारों को प्रसारित कर हिन्दू धर्म को कलंकित करने में जुटे होते।
दुःखद बात तब होती है, कि जब वही काम किसी मुस्लिम द्वारा किए जाते है, उस स्थिति में धर्म-निरपेक्षता आड़े आ जाती है। समाजवाद और धर्म-निरपेक्षता पर संकट के बादल मंडलाने लगते हैं। यह कौन-सी धर्म-निरपेक्षता है?
सम्भव है, मेरी सोंच साम्प्रदायिक हो सकती है, लेकिन समाजवाद और धर्म-निरपेक्षता के ठेकेदार राष्ट्र को बताएँ कि इन शब्दों का क्या अर्थ होता है? प्रधानमन्त्री आवास, राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी हो जाए, तो समाजवाद और धर्मं-निरपेक्षता की जय-जयकार, भारत गंगा-जमुना तहजीब का देश अन्यथा साम्प्रदायिक। वाह !!!
किसी शायर ने ठीक ही फ़रमाया है:--
"वो क़त्ल भी करते हैं, चर्चा नहीं होती।
हम आह भी भरते हैं, अफ़साने बन जाते हैं।"
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