कहते हैं मोहब्बत के आगोश में आकर इंसान को कुछ नजर नहीं आता, क्योंकि उसे हर ओर सिर्फ प्यार ही प्यार नजर आता है। फिर वो हिंदु देखता और न मुसलमान न सिख और ईसाई। बॉलीवुड सेलेब्ल में से कई सेलेब्स ऐसे हैं जिन्होंने प्यार को पाने के लिए अपना धर्म बदल दिया। लेकिन आज हम यहां आपको बॉलीवुड के नहीं बल्कि हमारे देश के उन राजनेताओं के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने समाज की धार्मिक कुरुतियों को दरकिनार अपने प्यार को अंजाम दिया और शादी के बंधंन में बंधे। जानिए कौन-कौन हैं वे राजनेता जिन्होंने धर्म की दीवार को तोड़ पाया अपना प्यार।
बीजेपी पार्टी के मशहूर नेता शाहनवाज हुसैन काफी खुशमिजाज इंसान हैं। उन्हें भी अपने प्यार को पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ीं। क्योंकि वे एक हिंदु लड़की से मोहब्बत जो कर बैठे। शहनवाज ही लव स्टोरी तब शुरु हुई जब वे दिल्ली की DTC बसों में कॉलेज जाते थे। इसी सफर में उन्हें एक ऐसी लड़की नजर आई जिसके बारे में वे सोचने पर मजबूर हो गए। सफर में वे अक्सर उस लड़की से मिलते थे लिहाजा कुछ दिनों बाद वे उसका पीछा करने लगे और धीरे-धीरे मुलाकातें हुईं, बातें हुईं। बताया जाता है कि एक दिन बस में शहनवाज को सीट मिल गई लेकिन उस रेनू को नहीं मिली तो उन्होंने अपनी सीट उसे दे दी। शहनवाज ने रेनू के परिवार वालों से भी अच्छा तालमेल कर लिया था। लेकिन ये बात किसी को कहां पता थी कि शहनवाज रैनू को बस की यात्रा में अपना दिल दे बैठे थे। एक दिन जब सहनवाज ने रेनू को अपने दिल का हाल-ए-दिल बताया तो वो गुस्सा हुई और हिंदु मुस्लिम का हवाला देकर मना कर दिया। लेकिन शहनवाज ने हार नहीं मानी वे लगातार 9 साल तक रेनू की हां का इंतजार करते रहे। 1994 में दोनों ने आखिरकार शादी कर ली। दोनों की शादी कराने में उमा भारती ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने ही दोनों के परिवार को कनविंस किया था। दोनों के 2 बेटे हैं।
बीजेपी के सीनियर नेता मुख्तार अब्बास नकवी की कहानी भी इसी तरह है। मुख्तार और सीमा भी अलग-अलग धर्म से ताल्लुख रखते हैं लेकिन प्यार ने इन दोनों के धर्म की दीवार को तोड़ा। सीमा को मुख्तार पहली नजर में ही पसंद आ गए थे। सीमा वेहद ही शर्मीली थी। वे कॉलेज के दिनों हमेशा ही लड़कों से दूर रहती थीं। लेकिन नकवी से बात करती थीं। दोनों का मिलान इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में हुआ। सीमा को भले ही नकवी पसंद थे लेकिन उनके परिवार को नहीं। क्योंकि उस दौरान नकवी एक कॉलेज स्टूडेंट थे। सीमा के परिवार वाले हमेशा ही नकवी से मिलने को मना करते थे लेकिन फिर भी किसी न किसी तरह से बहाने से मिलती थीं। लेकिन प्यार किसी की कहां सुनता है। साल 1983 में 3 जून के दिन दोनों शादी के पवित्र बंधन में बंध गए। दोनों की शादी हिंदु मुस्लिम दोनों ही रीति-रिवाजों से हुई। दोनों ईस और दिवाली अपने-अपने रिवाज से सेलिब्रेट करते हैं। इस लव कपल का एक बेटा है अरशद।
बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी के बारे में तो सभी जानते हैं। वे बिहार बीजेपी का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ की बात करें तो काफी रोमांटिक मिजाज और मॉडर्न सोच वाले इंसान हैं। उन्होंने ईसाई धर्म की जेसिस जॉर्ज से शादी की है। दोनों की मुलाकात ट्रेन में हुई थी। इस दौरान सुशील मोजी पटना यूनिवर्सिटी में abvp की ओर से महासचिव थे। वह किसी काम से ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। यहीं से दोनों के बीच बातें हुईं। दोनों की शादी को लेकर काफी बाधाएं आईं। लेकिन बाद में काफी दिनों बाद घर वाले मान गए। सुशील मोदी की पत्नी जेसिस एक कॉलेज में प्रोफेसर हैं। दोनों के दो बेटे उत्कर्ष और अक्षय अमृकतांक्षु हैं। जो मीडिया सुर्खियों से दूर ही रहते हैं। उत्कर्ष इंजीनियरिंग और अक्षय लॉ का कोर्स कर रहे हैं।
जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला की लव स्टोरी भी काफी चर्चाओं में रही। उनकी लवस्टोरी दिल्ली की ओबेराय होटल से शुरु हुई थी। क्योंकि जिस वक्त वो पायल से मिले थे तब वे भी वहीं काम किया करती थी। इसी बीच दोनों की एक दूसरे से नजदीकियां बढ़ीं। 1994 में दोनों ने धार्मिक रिवाजों को तोड़कर शादी कर ली। इस कपल के 2 बेटे जाहिर और जमीर हैं जो दिल्ली में रहते हैं। पायल दिल्ली में अपना ट्रांसपोर्ट का बिजनेस चलाती हैं। हालांकि 17 साल बाद दोनों का तलाक हो गया। कहा जाता है कि दोनों की शादी को लेकर कश्मीरी पंडित नाजार थे, जिस वजह से पायल वहां बहुत कम रह पाती थीं। सिख परिवार से ताल्लुख रखने वाली पायल के पिता मेजर जनरल रामनाथ सेना से रिटायर्ड हैं।
राजस्थान में कांग्रेस के युवा नेता सचिन पायलट एक जाना-माना चेहरा हैं। उन्हें अपना प्यार राजस्थान में नहीं बल्कि कश्मीर में जाकर मिला। सचिन पायलट एक युवा हैं और वे पुराने रीति रिवाजों को नहीं मानते। उन्होंने हिंदु होते हुए भी कश्मीर की सारा अब्दुल्ला से शादी की है। सारा जम्मू काश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला की बेटी हैं। सचिन पायलट और सारा की पहली मुलाकात विदेश में हुई जो बाद में प्यार में बदल गयी। दोनों के बीच प्यार इतना गहरा हो गया कि बात शादी तक पहुंच गई। ऐसे में सचिन के परिवार वालों ने इस रिश्ते को मंजूरी दे दी लेकिन सारा के परिवार में बवाल मच गया। लेकिन बाद में सारा ने परिवार के खिलाफ होकर सचिन से 2004 में शादी कर ली। हालांकि कुछ समय बाद सारा की फैमिली भी मान गई।
कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी भी इस लिस्ट में शामिल हैं। उन्होंने भी मुस्लिम समाज की नाजनीन सफा से शादी की है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 1989 में जब मनीष NSUI के प्रेसीडेंट थे तब नाजनीन मुंबई में वीमेन विंग की प्रेसीडेंट थी। इसके बाद नाजनीन ने मुंबई यूनिवर्सिटी से इकॉनोमिक्स में मास्टर किया और बाद में एयर इंडिया के साथ काम करने लगीं। इन्ही दिनों मनीष ने लॉ की पढ़ाई। दोनों की कई मुलाकातें मुंबई और दिल्ली में हुई। 1996 में दोनों ने शादी की। दोनों की एक बेटी है इनेका तिवारी।
तत्कालीन प्रधानमन्त्री इन्दिरा गाँधी के बड़े पुत्र राजीव गाँधी ने ईसाई धर्म की अंटोनिओ मरिओ उर्फ़ सोनिया गाँधी से 25 फरवरी 1968 को शादी की। राजीव ने ईसाई धर्म अपना लिया और इनका नाम रोबर्ट रखा गया। विवाह पूर्व सोनिया एक बार में कार्यरत थी, जहाँ राजीव का इन पर दिल आ गया, हालाँकि राजीव के निकट आने से पूर्व इनका एक फुटबॉल खिलाडी से बहुत गूढ़ सम्बन्ध थे। लेकिन भारत के प्रधानमन्त्री के पुत्र को आकर्षित होते देख, अपने उस मित्र को छोड़ राजीव संग विवाह-सूत्र में बंध, दो सन्तानों राहुल(Raul) और प्रियंका(Bianca) को जन्म दिया।
इसी तरह इन्दिरा गाँधी के दूसरे पुत्र संजय गाँधी का भी डीसीएम टॉवल की मॉडलिंग कर रही सिख परिवार की मेनका गाँधी की खूबसूरती पर मोहित होकर उनके प्रेमजाल में ऐसे फंसे कि 23 सितम्बर 1974 को विवाह के सात फेरे में बंध एक पुत्र वरुण गाँधी रूपी पुष्प परिवार को दिया। संजय उस समय सक्रीय राजनीति में शिखर पर थे। दोनों की मुलाकात 1973 में एक कॉकटेल पार्टी में हुई थी। हालाँकि एक दौर दोनों के जीवन में ऐसा भी आया कि संजय शादी के नाम पर पीछे हट गए थे, खैर वह पल अब इतिहास के गाल में समां गया।
इंदिरा गाँधी ने भी 1949 में ब्रिटेन की एक मस्जिद में इस्लाम कबूल कर पठान मुस्लिम फ़िरोज़ गाँधी से निकाह किया। शेष इतिहास है।
तत्कालीन प्रधानमन्त्री इन्दिरा गाँधी के बड़े पुत्र राजीव गाँधी ने ईसाई धर्म की अंटोनिओ मरिओ उर्फ़ सोनिया गाँधी से 25 फरवरी 1968 को शादी की। राजीव ने ईसाई धर्म अपना लिया और इनका नाम रोबर्ट रखा गया। विवाह पूर्व सोनिया एक बार में कार्यरत थी, जहाँ राजीव का इन पर दिल आ गया, हालाँकि राजीव के निकट आने से पूर्व इनका एक फुटबॉल खिलाडी से बहुत गूढ़ सम्बन्ध थे। लेकिन भारत के प्रधानमन्त्री के पुत्र को आकर्षित होते देख, अपने उस मित्र को छोड़ राजीव संग विवाह-सूत्र में बंध, दो सन्तानों राहुल(Raul) और प्रियंका(Bianca) को जन्म दिया। इसी तरह इन्दिरा गाँधी के दूसरे पुत्र संजय गाँधी का भी डीसीएम टॉवल की मॉडलिंग कर रही सिख परिवार की मेनका गाँधी की खूबसूरती पर मोहित होकर उनके प्रेमजाल में ऐसे फंसे कि 23 सितम्बर 1974 को विवाह के सात फेरे में बंध एक पुत्र वरुण गाँधी रूपी पुष्प परिवार को दिया। संजय उस समय सक्रीय राजनीति में शिखर पर थे। दोनों की मुलाकात 1973 में एक कॉकटेल पार्टी में हुई थी। हालाँकि एक दौर दोनों के जीवन में ऐसा भी आया कि संजय शादी के नाम पर पीछे हट गए थे, खैर वह पल अब इतिहास के गाल में समां गया।
इंदिरा गाँधी ने भी 1949 में ब्रिटेन की एक मस्जिद में इस्लाम कबूल कर पठान मुस्लिम फ़िरोज़ गाँधी से निकाह किया। शेष इतिहास है।
Comments