आज की सबसे बड़ी खबर यह है कि प्रधानमंत्री ने पूर्व वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री निर्मला सीतारमण को देश का रक्षा मंत्री बना दिया है। निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्री बनाकर मोदी ने एक तीर से कई निशाना लगाया है, कांग्रेस को यह खबर सुनकर बहुत दुःख हो रहा होगा, क्योंकि वह भी मोदी की चाल समझ गयी होगी कि मोदी ने निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्री क्यों बनाया।
मोदी ने बहुत ही बड़ी प्लानिंग के तहत निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्री बनाया है। निर्मला सीतारमण कर्नाटक की बीजेपी नेता हैं और राज्य सभा सदस्य है। कर्नाटक में जल्द ही चुनाव होने वाले है। मोदी ने इसी वजह से कर्नाटक से देश को रक्षा मंत्री दिया है, ताकि कर्नाटक के लोगों में बीजेपी के प्रति झुकाव बढ़े।
इंदिरा गांधी के बाद अब निर्मला सीतारमन देश की नई रक्षा मंत्री बनाई गई हैं। निर्मला सीतारमन का नाता तमिलनाडु व कर्नाटक से है। निर्मला सीता रमन ने स्नातक सीतालक्ष्मी रामास्वामि कॉलेज तिरुचिरापल्ली से की है।
उसके बाद निर्मला सीतारमन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन विषय में एम फिल भी की है। निर्मला की शादी डॉक्टर परकल प्रभाकर से हुआ है जो कि लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पूर्व छात्र रहे हैं। उनके पति राजनीतिज्ञ, लोकप्रिय टीवी एंकर और एक बुद्धिजीवी हैं।
निर्मला सीतारमन बीजेपी पार्टी की सदस्या हैं। निर्मला सीतारमन 2003 से 2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्या रह चुकी हैं। वे सितंबर 2003 से 2017 तक भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता के साथ-साथ भारत की भारत की वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) तथा वित्त व कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री भी रह चुकी हैं।
रविवार(सितम्बर 3) को हुए मोदी कैबिनेट फेरबदल में सीतारमन को रक्षा मंत्रालय का पदभार मिलते ही श्रीमति इंदिरा गाँधी के बाद भारत के रक्षा मंत्रालय की कमान संभालने वाली स्वतंत्र भारत की दूसरी महिला नेता हैं।
आज शपथ ग्रहण समारोह में सभी नौ नये चेहरों ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं चार पुराने मंत्रियों को प्रमोशन देकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। पीयूष गोयल को रेल मंत्री बनाया गया है।
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने अलगाववाद का जहर बोने के लिए अलग से झंडा बनाने की घोषणा की है साथ ही हिंदी भाषा को वहां से ख़त्म किया जा रहा है। कर्नाटक से योजनानुसार हिंदी भाषा को मिटाया जा रहा है, हाल ही में कांग्रेस सरकार ने मेट्रो स्टेशनों पर से हिंदी नामों को हटाने के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी भी लिखी थी और कुछ लोगों ने हिंदी नामों पर काला पेंट कर दिया था।
कांग्रेस सोच रही है कि अलग झंडा बनाकर और हिंदी भाषा के खिलाफ वहां के लोगों को भड़काकर हम फिर से चुनाव जीत लेंगे लेकिन मोदी ने निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्री बनाकर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। अब कर्नाटक के लोगों में देशभक्ति जागेगी आखिर रक्षा मंत्री जो मिला है। अब वे झंडे के नाम पर शायद ही कांग्रेस को वोट दें , यही नहीं अब हिंदी भाषा के प्रति उनके अन्दर नफरत भी कम होगी क्योंकि अब वे सिर्फ कर्नाटक और कन्नड़ भाषा के बारे में नहीं बल्कि देश के बारे में सोचेंगे।
धर्मेन्द्र प्रधान पेट्रोलियम राज्य मंत्री थे और उन्होंने मोदी सरकार की उज्जवल योजना को घर घर पहुँचाया। पूरे देश में उन्होंने दौरे किये, करीब 3 करोड़ गरीबों को उन्होंने उज्जवल योजना का लाभ पहुँचाया। आज मोदी की कैबिनेट में उन्हें पेट्रोलियम राज्य मंत्री के बजाय केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री बना दिया गया है।
पियूष गोयल इससे पहले ऊर्जा राज्य मंत्री थे। उन्होंने भी मोदी सरकार की उजाला योजना को घर घर पहुंचकर रिकॉर्ड बना दिया। LED बल्ब डिस्ट्रीब्यूशन के मामले में उन्हें जी तोड़ मेहनत की, बिजली पहुंचाने का काम उन्होंने बिजली की रफ़्तार से किया। आज उन्हें भारत का केंद्रीय रेल मंत्री बना दिया गया।
मुख्तार अब्बास नकवी इससे पहले अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री थे लेकिन आज उन्हें संसदीय मामलों का केंद्रीय मंत्री बना दिया गया। अब वे राज्य सभा में वेंकैया का रिक्त हुआ स्थान भरेंगे। राज्य सभा में मुख्तार अब्बास नकवी ने कई बिलों को पास कराया। कांग्रेस के हर सवालों का बेबाकी और चतुराई से जवाब दिया और आज उन्हें उनकी मेहनत का ईनाम मिल गया।
निर्मला सीताराम इससे पहले वाणिज्य राज्य मंत्री थीं लेकिन आज उन्हें केंद्रीय रक्षा मंत्री बना दिया गया है. निर्मला सीतारमण कर्नाटक से सम्बन्ध रखती हैं, वह JNU की पूर्व छात्रा रह चुकी हैं. हर मामले में वह विरोधियों पर भारी पड़ती है। आज उन्हें उनकी मेहनत का इनाम मिल गया।
बीजेपी नेता विजय गोयल के लिए बुरी खबर है क्योंकि अब उनसे युवा मामलों और खेल मंत्रालय को वापस ले लिया गया है, अब खेल मंत्रालय असली खिलाड़ी और ओलंपिक मैडल विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौर को दे दिया गया है। राज्य वर्धन सिंह के पास सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार भी है।
विजय गोयल को अब सांख्यिकी राज्य मंत्री बनाया गया है, यह उनके लिए बड़ा झटका है, विजय गोयल हमेशा विवादों में रहे हैं, उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी वेंकैया नायडू को वोट नहीं दिया। उन्होंने वोट देने के लिए घर से निकलने का कष्ट भी नहीं किया। अगर वे चाहते तो वोट दे सकते थे लेकिन उनकी वजह से BJP का एक वोट कम हो गया। शायद उन्हें इसी बात की सजा मिली है।
राज्यवर्धन सिंह राठौर 4 सितम्बर को खेल मंत्रलाय का पद संभाल लेंगे। बढ़िया काम करने वाली चार राज्यमंत्रियों को केंद्रीय मंत्री बना दिया गया है जबकि 9 नए मंत्रियों को कैबिनेट में जगह दी गयी है। नए मंत्रियों में अधिकतर पूर्व IAS हैं और उन्हें प्रशासनिक अनुभव है।
ऐसा नहीं कि विजय गोयल ने कुछ काम नहीं किया। केवल वही काम किए, जिनमे उनका अपना स्वार्थ था। कुछ समय पहले जामा मस्जिद गेट 3 से "चाँदनी चौक दौड़" का आयोजन किया। पार्टी भ्रमित हो गयी कि दिल्ली की चार दीवारी में पार्टी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का काम कर रहे हैं। लेकिन नहीं, वास्तविकता यह थी कि दरीबा में अपने होटल लिए सफाई का बहाना। गेट नम्बर 3 के निकट बुखारी परिवार के होटलों के आगे सफाई जरूर हो गयी। इतना ही नहीं, होटल के आगे लगी (बीच सड़क पर) लाइटों में रोड लाइट का दुरूपयोग हो रहा है। जिसे कम नज़र वाला भी आसानी से देख सकता है। लेकिन बिजली अधिकारिओं को दिखाई नहीं देती।
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