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असम में रोहिंग्या मुसलमानों का समर्थन करने पर बीजेपी ने महिला नेता को पार्टी से निकाला

रोहिंग्या मुसलमानों के लिए दया का भाव दिखाने वाली असम बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बेनजीर अरफां को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। 2012 से बीजेपी के साथ जुड़ी बेनजीर का कहना है कि गुरुवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करते हुए व्हाट्सएप पर सस्पेंसन लेटर भेजा। बेनजीर का कहना है कि इस तरह से पार्टी से निकालना मेरी बेइज्जती करना है, इस मुद्दे पर मैं पार्टी हाईकमान से शिकायत करूंगी। बेनजीर अरफां का कहना है कि उन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में एक मीटिंग में हिस्सा लिया था जिसके चलते उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया। रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में इस मीटिंग का आयोजन यूनाइटेड माइनॉरिटी पिपुल्स फोरम द्वारा किया गया था।
अवलोकन करें :--

RSS के प्रमुख और भारतीय मुस्लिम मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के लिए सिर्फ इस्लामिक इस्टेट को आगे आना चाहिए औ...
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मीडिया से बात करते हुए बेनजीर अरफां ने कहा कि जो सस्पेंसन लेटर उन्हें मिला है उसमें लिखा गया है- किसी दूसरी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम जो कि रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन के लिए था उसमें आपने बिना पार्टी की मर्जी से हिस्सा लेकर पार्टी के नियमों को तोड़ा है जिस कारण आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी से बर्खास्त किया जाता है।
बेनजीर का कहना है कि इस कार्यक्रम के बहाने मुझपर निशाना साधा जा रहा है। बेनजीर के मुताबिक लोकल लेवल के कुछ भाजपा नेताओं को उनकी कार्यशैली पसंद नहीं आ रही थी इसलिए उन्हें इस छोटे से मुद्दे को लेकर बलि का बकरा बनाया गया है।
बहुत खतरनाक हैं रोहिंग्या मुस्लिम, अलकायदा, ISIS, पाकिस्तानी ISI से जुड़े हैं तार : गृह मंत्रालय  
rohingya-muslims-are-very-dangerous-for-india-they-link-with-terroristsकेंद्र सरकार ने आज रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे किये गये हैं. हलफनामें में कहा गया है कि रोहिंग्या मुस्लिम देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं क्योंकि इनके तार बड़े बड़े आतंकवादी संगठनों से जुड़े हैं, इनके सम्बन्ध अलकायदा, ISIS और बड़े बड़े आतंकवादी संगठनों से हैं, इनके तार पाकिस्तानी ISI से भी जुड़े हैं, पाकिस्तान के आतंकी संगठन इन्हें भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर सकते हैं.
गृह मंत्रालय ने कहा है कि रोहिंग्या मुसलमानों के मामले को धर्म और हिन्दू मुसलमान से जोड़कर ना देखा जाय, ये देश की सुरक्षा का मामला है. इन्हें शरण देना भारत के लिए खतरनाक हो सकता है. गृह मंत्रालय ने यह भी बताया है कि बहुत सारे रोहिंग्या मुसलमानों के पास अवैध पहचान पत्र हैं जो इस बात का सबूत है कि इन लोगों ने भारत में अवैध एंट्री ली है और अवैध गतिविधियों में शामिल हैं. हम इन्हें भारत में नहीं रख सकते.सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 3 अक्टूबर को तय की है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि करीब 50 हजार रोहिंग्या मुसलमान अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं, भारत के सभी कट्टरपंथी नेता इन्हें भारत में बसाना चाहते हैं. इन्हें के बड़े वोटबैंक के रूप में देख रहे हैं, ओवैसी नेता नेता इनका समर्थन कर रहे हैं और इन्हें शरण ना देने को मुस्लिमों के साथ अन्याय बता रहे हैं.
सोशल मीडिया पर विचार:--
भारत सरकार ने म्यांमार से भाग कर आये ४०००० से अधिक रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देनी चाहिए इस को लेकर इस समय बड़ी बहस छिड़ी हैं. यूएन जैसे अंतर्राष्ट्रीय संस्था से लेकर ओवैसी जैसे स्थानिक नेता और इन्डियन एक्सप्रेस जैसे अंग्रेजी अख़बार से लेकर गली के समाचार पत्र तक सभी भारत सरकार को यह ज्ञान बाँट रहे हैं की यह उसकी नैतिक जिम्मेदारी हैं और मानवतावादी दृष्टिकोण को अपनाकर भारत ने रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देनी चाहिए.
मेरे कुछ प्रश्न हैं. पहला तो यह हैं की क्या ये सभी रोहिंघ्या मुसलमानों के पक्षधर लोग यह बता सकेंगे की क्यों म्यांमार से उन्हें भगाया गया? ऐसा इन मुसलमानों ने क्या किया की म्यांमार के बौद्ध लोग और जिनको मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए नोबल पुरस्कार से नवाजा गया ऐसे सु की की सरकार ने इन्हें पाने देश से भगाया? क्या वे म्यांमार में एक "पाकिस्तान" की मांग कर रहे थे जैसी भारत के मुसलमानों ने की थी और उसको यथार्थ में परिवर्तित किया? क्या वे वहां के बौद्ध लोगों से झगडे कर रहे थे? हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रहे थे?
अच्छा, म्यांमार से भाग कर ये रोहिंग्या बांग्लादेश में घुसे तो वहां की सरकार और जनता ने भी इनको भगाया. क्यों? क्या वहां पर मुस्लिम नहीं रहते? क्या बांग्लादेश इस्लाम के "उम्म्मत" को नहीं मानता? क्या वो रोहिंग्य को मुस्लमान नहीं मानता? अगर मानता हैं तो फिर उनको आश्रय क्यों नही दिया?
कुरान में एक बात और कही गयी हैं और वह हैं अपने वतन से मोहब्बत ही आधा ईमान हैं. "हुब्बल वतनी निस्फुल ईमान". तो क्या रोहिंग्या मुस्लमान कुरान के इस वचन का पालन नहीं करते? क्या भारत के मुस्लमान इस वचन को मानते हैं?
वास्तविकता यह हैं की आज दुनियामे जो २२-२३ इस्लामिक देश हैं वहां पर इस्लाम के नाम पर ही झगडे शुरू हैं. मुस्लमान तो वहां से भी विस्थापित हुआ हैं और यूरोप के देशों में शरण लेने के लिए बाध्य हुआ हैं. ऐसा क्यों हो रहा हैं इसका उत्तर ये ओवैसी जैसे लोग और उनके समर्थक अख़बार देंगे?
इनका दूसरा तर्क हैं की भारत ने तिब्बत के लोग, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आये हिन्दू और श्रीलंका से आये तमिल और सिंहली लोगों को तो शरण दी हैं तो इन बेचारे रोहिंग्या मुसलमानों को क्यों नहीं? बात तो सही हैं. पर ये एक बात को भूल गए हैं की इन लोगों को भारत के आलावा कोई भी देश दुनिया मनाही हैं जहाँ वे शरण ले सके. दूसरी बात हैं इन्होने कभी अपने लिए अलग प्रदेश की या "पाकिस्तान" की मांग नहीं की. वे सभी यहाँ के लोगों के साथ एक होकर जी रहे हैं. क्या भारत में रोहिंग्या इस प्रकार से रह पाएंगे? अगर रह पाते तो म्यांमार से खदेड़े जाने की नौबत उन पर क्यों आती?
दुनिया में २२-२३ इस्लामिक देश हैं. इन देशों ने रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देने के लिए पहल करनी चाहिए थी पर नहीं की, क्यों? भारत पर ही दबाव क्यों?
भारत सरकार ने देश की सुरक्षा को मद्देनजर सही फैसला लिया हैं. उसके लिए हम सभी सरकार के साथ हैं.
मुस्तफा खान केंद्र सरकार ने सही फैसला किया हम सरकार के साथ हैं देश की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नही किया जाना चाहिए।
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Virag Pachpore dhanyavad
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मुस्तफा खान जिनको इतनी फ़िक्र हैं वह मुस्लिम देशो को दबाव बनाये मुस्लिम के शुभचिंतक कहा चले गए।
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Virag Pachpore वाही तो प्रश्न हैं.
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मुस्तफा खान सबका ठेका सिर्फ भारत ने ले रखा हैं क्या ।
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Virag Pachpore इनके लिए तो ऐसा ही लगता हैं.
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मुस्तफा खान कहा गए मुस्लिम के अंतर्राष्ट्रीय रहनुमा सब चूहे के बिल में घुस गए अब बोलो पाकिस्तान को अपने देश में रखे रोहिंग्या मुस्लिम को।
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Virag Pachpore पाकिस्तान तो उन्हें रखने से रहा. पर ये बहरत पर जरुर दबाव बनाते चलेंगे की वो इन्हें पनाह डे,
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मुस्तफा खान वह कहा चले गए देश के रिटायर उप राष्ट्पति जी हामिद अंसारी उनकी आवाज नही आ रही भारत में तो मुस्लिमों को सुरक्षा नही मिल रही यह उनका आरोप था अब रोहिंग्या मुस्लिम को कैसे सुरक्षा मिलेगी अब निकालो आवाज।
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Ulka Mokasdar पहले ही बांग्ला घुसपेठीयोंका सरदर्द अभीतक ठीक नही हुवा और उसपर ये रोहिंग्याकी खिचपट क्यु?
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मुस्तफा खान में भारत के उन मुस्लिम परस्त नेताओ से पूछना चाहता हूँ तुमको देश के कश्मीरी पंडित भाई बहनो का दर्द क्यो नही दिखता, अगर इतनी फ़िक्र हैं तो मुस्लिम देशो के खिलाफ अब फतवा जारी करवाओ देश के तथाकथित फतवाफाज मौलानाओ से की रोहिंग्या मुस्लिम को अपने मुस्लिम देशो में रखे।
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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

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