लोगों का आरोप है कि ये दोनो ही ईसाई हैं और इन विद्यालयों मे पढ़ाने वाले अधिकांश शिक्षक शिक्षिकाऐं हिंदू नामधारी कनवर्टेड ईसाई है , इन विद्यालयों के लगभग सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनुसूचित जाति से धर्म परिवर्तित ईसाई हैं !! पिंटो दम्पत्ति को शिक्षा से कोई लेना देना नही ये वेटिकन से वित्त पोषित हैं और मानवता शिक्षा व चरित्र निर्माण से कोसों दूर |
ये नौनिहाल जो इस दुनिया मे नही है किसी परिवार का चिराग दिया था, इसने ऐसा क्या देख लिया था कि इसकी इतनी निर्ममता से हत्या कर दी गयी ?
खैर करोड़ों रुपये की बहुमंजिला वातानुकूलित इमारतों मे अपने बच्चों को लाखों रुपये की फीस देकर अभिभावक गर्वित होते हैं यह बताने मे (स्टेटस सिंबल) कि उनके बच्चे फला स्कूल मे पढ रहा है, एक अंधी दौड़ अपने बच्चों को कुछ बड़ा, कुछ अलग बना देने की सतत जारी है !!
हरियाणा के गुरुग्राम के रियान इंटरनेशनल स्कूल में सात साल के एक बच्चे की हत्या के बाद राजनीति शुरू हो चुकी है। तो वहीं स्कूल के बाहर हिंसा की खबरे भी आ रही हैं। बता दें कि स्कूल के बाहर हिंसा कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है।
सुनिए वीडियो :--
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जिसके बाद प्रद्युम्न के पिता ने सामने आकर अपील की है। पिता ने स्कूल के बाहर हुई हिंसा को लेकर कहा कि हिंसा में अभिभावक शामिल ना हों। प्रद्युम्न की हत्या से अभिभावकों में बेहस गुस्सा दिख रहा है।
रविवार(सितम्बर 10) स्कूल के बाहर ही एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उन्होंने शराब के ठेके पर पत्थरबाजी शुरू कर दी और देखते ही देखते उसने आग लगा दी। वहीँ पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के तगबा लाठीचार्ज किया।
| कैंडल मार्च निकालते अभिभावक |
गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 वर्षीय प्रद्युम्न की बेरहमी से हत्या के बाद जारी गतिरोध के बीच सीबीएसई ने 2 दिन के अंदर स्कूल से रिपोर्ट मांगी है।
इसके लिए सीबीएसई ने 2 सदस्यीय समिति बनाई है और स्कूल प्रबंधन से 2 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
आपको बता दें कि 7 साल के मासूम प्रद्युम्न की हत्या के बाद से ही स्कूल में पढ़ने वाले अन्य स्टूडेंट के मात-पिता भी गुस्से में हैं। सभी अभिभावक स्कूल प्रशासन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
स्कूल के पीछे ही श्यामकुंज गली-2 में रहने वाले प्रद्युम्न को उसके पिता वरुण ठाकुर शुक्रवार सुबह करीब 7:55 बजे स्कूल के गेट पर छोड़कर आए थे। थोड़ी देर बाद 8:10 बजे स्कूल के एक माली ने खून से लथपथ प्रद्युम्न को शौचालय के बाहर गिरा देखा। पास में ही खून से सना चाकू पड़ा था।
इसकी सूचना माली ने जूनियर विंग की को-ऑर्डिनेटर को दी गई और पुलिस को तत्काल सूचित किया गया। बताया जा रहा है कि बच्चे के स्कूल पहुंचने के 10 मिनट बाद ही यह घटना हुई। जानकारी के मुताबिक अभिभावक के पास स्कूल से फोन गया था कि उनका बच्चा शौचालय में गिर गया है।
इसके बाद दोबार फोन कर उनसे बादशाहपुर के निजी अस्पताल में आने को कहा गया था। अस्पताल प्रबंधन ने गले पर गहरे घाव को देखते हुए बाहर से ही बच्चे को सेक्टर-51 के आर्टेमिस अस्पताल भेज दिया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रद्युम्न को मृत घोषित कर दिया। वहीं डॉक्टर का कहना हैं कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी।
घामड़ौज निवासी अशोक ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। डीसीपी ने बताया कि आरोपी ने बच्चे का यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया था, जब बच्चे ने विरोध किया तो आरोपी ने उसे मार डाला।
डीसीपी ने बताया कि अभियुक्त पिछले करीब 8 महीने से स्कूल में काम कर रहा था। आरोपी शौचालय का इस्तेमाल करने गया था, यहीं उसने बच्चे को देखा था। आरोपी के पास पहले से ही चाकू था।
बता दें कि आरोपी 42 वर्षीय बस कंडक्टर अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि वह बाथरूम में कुछ गलत काम कर रहा था और तभी बच्चा प्रद्युमन बाथरूम में आ गया। इसके बाद उसने बच्चे की हत्या कर दी।
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| स्कूल केयरटेकर नीरजा बत्रा |
यह घटना सुबह 7.45 से 8 बजे के बीच हुई। घटना रायन इंटरनेशनल स्कूल के भोंडसी कैंपस की है।
गौरतलब है कि बच्चे की ड्रेस पर मिला सीमन पुलिस ने कहा कि वह इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या कंडक्टर अशोक कुमार ने बच्चे के साथ किसी तरह का यौन उत्पीड़ने करने की भी कोशिश की थी।
वही रेयान इंटरनेशनल स्कूल पर इस ह्त्या के सबूत मिटाने का आरोप लगा है, जब ये वारदात हुई, तब का CCTV फुटेज भी गायब मिला है इसके अलावा स्कूल पर मृतक बच्चे के खून के धब्बे को स्कूल के छात्रों से ही धुलवाने का आरोप है जिससे ह्त्या का सबूत मिट सके। इन आरोपों की पुष्टि तो गंभीर जाँच उपरान्त ही हो पाएगी।
स्कूल की केयरटेकर नीरजा बत्रा का कहना है, 'हमें इस हादसे के बारे मे कोई जानकारी नहीं है लेकिन जैसे ही हमें बच्चे के साथ हादसे के बारे में पता चला, हम उसे अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गए।
इस हादसे के बाद बच्चे के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। बच्चे की माँ ज्योति का कहना है कि यह स्कूल मेरे बच्चे को बेसिक सुरक्षा भी नहीं दे सका तो इस स्कूल में माँ-बाप अपने बच्चे को कैसे भेजेंगे? मेरा बेटा बस कंडक्टर को जानता भी नहीं था, हम तो उसे खुद स्कूल में छोड़ने और लेने जाते थे।
वहीं पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि सात साल का बच्चा चाकू से आत्महत्या नहीं कर सकता है।
स्कूल में छात्र की संदिग्ध मौत के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। गुस्साए लोगों ने स्कूल में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। और साथ ही रेयान स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर की जा रही है।

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