सूरत का लिम्बयात इलाका पहले केवल एक हिंदू इलाका हुआ करता था लेकिन अब वहां पर मुसलमानों का प्रभुत्व है। लिम्बयात के अलावा ऐसी कई सोसायटी है जो कि हिंदू नाम पर हैं जिनमें गोविंद नगर, भारती नगर, मदनपुरा और भावना पार्क शामिल हैं। अब इन सभी सोसायटियों में मुसलमानों का वर्चस्व है। पाटिल ने आरोप लगाया है कि अगर मुसलमानों को आसानी से घर नहीं मिल पाता है तो वे हिंदुओं को धमकी देते हैं और उन्हें जबरन अपना घर बेचने पर मजबूर करते हैं।
पाटिल ने कहा कि जिस तरह से घर लेने के लिए मुस्लिम चालाकी दिखाते हैं और हिंदुओं को प्रताड़ित करते हैं इसलिए ही मैं चाहती हूं कि हिंदू इलाकों में डिस्टर्बड एरिया एक्ट लगाया जाए ताकि हिंदुओं के खिलाफ कोई हिंसा न हो पाए। मैं कलेक्टर से निवेदन करती हूं कि वे इस एक्ट को लागू करें क्योंकि इन इलाकों के रहने वालों ने मुझे अपना प्रतिनिधी बनाया है इसलिए उनकी परेशानी दूर करना मेरा कर्तव्य है।
सुश्री पाटिल से प्रश्न : "आखिर इस तरह के पत्र से क्या सन्देश देना चाहती हैं? क्या मुस्लिम समाज में डर का वातावरण बनाना चाहती हैं? यह ठीक है, मुस्लिम भाजपा को वोट नहीं करता, फिर किस कारण से भाजपा ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ और संघ ने भारतीय मुस्लिम मंच बनाया हुआ है? सर्वप्रथम इन प्रकोष्ठों को बंद करवाइये। क्यों इन प्रकोष्ठों में इनको सिर पर बैठाकर मालपुए खिलाए जा रहे हैं? भारतीय जनसंघ से लेकर आज भाजपा तक हर चुनाव में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में पार्टी उम्मीदवारों को जमानत बचाने के लाले पड़ जाते हैं। गुड़ भी खाओ लेकिन गुलगुलों से परहेज करो अर्थात उपरोक्त प्रकोष्ठों को भी बनाए रखो, और इनसे दूरी भी बनाओ, यह कौन सी राजनीति है?
"आज मुसलमान को एक भय की दृष्टि से क्यों देखा जा रहा है, कौन है इसका ज़िम्मेदार? क्यों नहीं इनको अन्य भारतीयों की तरह समझा गया? 1947 से लेकर आज तक हिन्दुओं और अन्य धर्मों से अधिक क्यों इतना महत्व दिया जाता है? यही कारण है कि आज मुस्लिम समाज अपने आपको संविधान से अधिक प्रभावशाली समझता है। क्यों नहीं उनको देश की मुख्यधारा से जोड़ा गया? देश से गुरुकुल समाप्त हो गए, वर्तमान पीढ़ी को यही नहीं मालूम गुरुकुल है किस चिड़िया का नाम, और मदरसे खुल रहे हैं, कौन है ज़िम्मेदार?
"जब पिछली सरकार के कार्यकाल में हिन्दू धर्म को लांछित किया जा रहा था, तब क्यों मौन रहे? आज भाजपा में सबसे बड़ी मुसीबत यह है कि काम कुछ करना नहीं, बस मोदी-योगी-अमित त्रिमूर्ति के कन्धों पर बैठ मालपुए खाते रहो। हाँ, प्रदेश या देश के विरुद्ध कोई काम कर रहा हो बक्शो मत। मत दो किसी मुसलमान को मकान, लेकिन पाटिल जी याद रखिए भारत में जयचन्दों की कमी नहीं है, एक ढूंढने निकलेंगी लाखों मिल जाएंगे। हिन्दू सम्राटों ने किसी मुग़ल से मात नहीं खाई थी, मात खाई थी जयचन्दों के कारण।
"पाटिल जी लामबंद करिए जयचंदों को। नकेल डालिए जयचन्दों पर। वह चाहे कोई भी हो। भारतीय इतिहास को कलंकित किसने किया, जयचन्दों ने। आतताई मुगलों को हिन्दू सम्राटों से अधिक महान किसने बताया, जयचन्दों ने। सिकन्दर जो भारत और परशी(वर्तमान ईरान) से ऐसे मार-मार के भगाया, पढ़ाया जाता है 'सिकन्दर विश्व विजेता', किस के कारण जयचन्दों के कारण।"
सुश्री पाटिल से प्रश्न : "आखिर इस तरह के पत्र से क्या सन्देश देना चाहती हैं? क्या मुस्लिम समाज में डर का वातावरण बनाना चाहती हैं? यह ठीक है, मुस्लिम भाजपा को वोट नहीं करता, फिर किस कारण से भाजपा ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ और संघ ने भारतीय मुस्लिम मंच बनाया हुआ है? सर्वप्रथम इन प्रकोष्ठों को बंद करवाइये। क्यों इन प्रकोष्ठों में इनको सिर पर बैठाकर मालपुए खिलाए जा रहे हैं? भारतीय जनसंघ से लेकर आज भाजपा तक हर चुनाव में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में पार्टी उम्मीदवारों को जमानत बचाने के लाले पड़ जाते हैं। गुड़ भी खाओ लेकिन गुलगुलों से परहेज करो अर्थात उपरोक्त प्रकोष्ठों को भी बनाए रखो, और इनसे दूरी भी बनाओ, यह कौन सी राजनीति है?
"आज मुसलमान को एक भय की दृष्टि से क्यों देखा जा रहा है, कौन है इसका ज़िम्मेदार? क्यों नहीं इनको अन्य भारतीयों की तरह समझा गया? 1947 से लेकर आज तक हिन्दुओं और अन्य धर्मों से अधिक क्यों इतना महत्व दिया जाता है? यही कारण है कि आज मुस्लिम समाज अपने आपको संविधान से अधिक प्रभावशाली समझता है। क्यों नहीं उनको देश की मुख्यधारा से जोड़ा गया? देश से गुरुकुल समाप्त हो गए, वर्तमान पीढ़ी को यही नहीं मालूम गुरुकुल है किस चिड़िया का नाम, और मदरसे खुल रहे हैं, कौन है ज़िम्मेदार?
"जब पिछली सरकार के कार्यकाल में हिन्दू धर्म को लांछित किया जा रहा था, तब क्यों मौन रहे? आज भाजपा में सबसे बड़ी मुसीबत यह है कि काम कुछ करना नहीं, बस मोदी-योगी-अमित त्रिमूर्ति के कन्धों पर बैठ मालपुए खाते रहो। हाँ, प्रदेश या देश के विरुद्ध कोई काम कर रहा हो बक्शो मत। मत दो किसी मुसलमान को मकान, लेकिन पाटिल जी याद रखिए भारत में जयचन्दों की कमी नहीं है, एक ढूंढने निकलेंगी लाखों मिल जाएंगे। हिन्दू सम्राटों ने किसी मुग़ल से मात नहीं खाई थी, मात खाई थी जयचन्दों के कारण।
"पाटिल जी लामबंद करिए जयचंदों को। नकेल डालिए जयचन्दों पर। वह चाहे कोई भी हो। भारतीय इतिहास को कलंकित किसने किया, जयचन्दों ने। आतताई मुगलों को हिन्दू सम्राटों से अधिक महान किसने बताया, जयचन्दों ने। सिकन्दर जो भारत और परशी(वर्तमान ईरान) से ऐसे मार-मार के भगाया, पढ़ाया जाता है 'सिकन्दर विश्व विजेता', किस के कारण जयचन्दों के कारण।"
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