भारत में तुष्टिकरण की राजनीति खेलने वालों, मोब लिंचिंग, अवार्ड वापसी गैंग, मानवाधिकार का शोर मचाने वाले कहाँ गए? क्या अब उन सब के घरों में कोई शोक चल रहा है? इन लोगों ने किस सीमा तक भारत ही नहीं समस्त विश्व को भारतीय इतिहास की वास्तविकता से भ्रमित कर रखा है। आतताई यानि मुग़लों के शर्मनाक इतिहास पर पर्दा डाल महान शासक बताने वाले इतिहासकार चाँदी के चंद टुकड़ों के लालच में उन महानतम हिन्दू सम्राटों के इतिहास से अज्ञान रखने में तनिक भी शर्म नहीं आयी। क्या ऐसे बिकाऊ इतिहासकारों को इतिहासकार कहा जाना चाहिए? जिस सिकन्दर को हिन्दू सम्राट पोरस ने वास्तव में धरती की धूल चटवा कर पीट-पीट कर भारत से ऐसा भगाया कि फिर भारत की ओर देखने का साहस तक नहीं कर पाया, उसी सिकंदर को विश्व विजेता बताया गया। इतना ही नहीं, ईरान ने भी सिकंदर को चारों खाने चित करने में हिन्दू सम्राट पोरस से सहायता ली थी। लाल कोट उर्फ़ लाल किला को बताया जाता है कि इसे शाहजहाँ ने बनवाया था, जबकि वास्तविकता एकदम पलट है। शाहजहाँ तो क्या उसके फ़रिश्ते भी ऐसा स्मारक नहीं बना सकते थे। लेकिन तुष्टिकरण के चलते हमें पढ़ाया कि यह शाहजहाँ से बनवाया। आखिर इतना बड़ा झूठ बोलने के पीछे कौन-सा घिनौना षड्यंत्र खेला गया और क्यों?
यह नहीं बताया जाता कि किस तरह 16 बार पराजय का मुँह देखने वाले मोहम्मद गोरी जयचंदों की सहायता से 17वीं बार युद्ध में पृथ्वीराज चौहान को हराने में सफल होने पर पृथ्वीराज की आँखे फोड़ कर कितनी नीचता का काम किया था। लेकिन बाहुबली आखिर बाहुबली ही होता है। अपनी आँखे फूटी होने के बाबजूद एक तीर से उस दुष्ट एवं ज़ालिम गोरी को उसके ही घर में मौत के घाट उतार दिया था।
यह नहीं पढ़ाया जाता कि मुग़ल बादशाह अकबर कितना अय्याश था और किस घिनौनी मंशा से मीना बाजार लगाता था। परदे से झांककर महिलाओं को निहारता था, और जो भी कमसिन आकर्षित महिला दिखी अपने वज़ीरों और सैनिकों को भेज उस महिला को अपने हरम में मंगवा कर उनका शील भंग करता था। रानी करुणावती के साहस के कारण अकबर को मीना बाजार बंद करने की चेतावनी दी। रानी को जब अकबर की इस अय्याशी का पता चला,भेष बदल कर पहुँच गयी मीना बाजार और वहां से अकबर के हरम। अकबर के पास आते ही रानी ने उस अय्याश से टक्कर लेते धरती पर पटक, भविष्य में मीना बाजार न लगाने के लिए सचेत कर, अपने साथ अन्य महिलाओं को भी हरम से बाहर आयीं।
इसी सन्दर्भ में अवलोकन करें:--
भारतीय इतिहास के ये 5 गद्दार कभी भुलाए नहीं जा सकते
http://nigamrajendra28.blogspot.in/2016/07/blog-post_88.html
यह उसी घिनौने षड्यंत्र का परिणाम है कि अब खुलेआम हिन्दू घरों में नमाज़ पढ़ने की धमकी दी जा रही है और उपरोक्त समस्त गैंग पता नहीं अब किस मातम में डूबे हुए हैं; हाँ, अभी कोई हिन्दू संगठन ने मुस्लिम विरोधी बात कह दी होती, सब के सब बिकाऊ सड़क से लेकर संसद तक विधवा विलाप कर देश का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे होते। लेकिन अब गूंगे और बहरे बन पता नहीं किस बिल में घुसे बैठे हैं?
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| मीना बाजार लगाकर महिलाओं का शील भंग करने के अपराध में अकबर को सावधान करती रानी करुणावती ;जिसके परिणामस्वरूप अकबर ने मीना बाजार लगाना बंद कर दिया था। |
सुरेश चव्हाणके के इस ट्वीट पर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं भी दी हैं। कई यूजर्स ने चैनल के चीफ पर भी पर निशाना साधा है। एक यूजर अनुपम लिखते हैं, ‘गुरु जी आप ने तो मुस्लिमों का बायकॉट कर रखा है। फिर भी इन्हें लाइव टीवी डिबेट में बुलाते हो और जब ये कुछ बोले तो आप परेशान हो जाते हो।’ भूषण लिखते हैं, ‘ऐसा सिर्फ वहीं हो सकता है जहां हिंदू बहुसंख्यक हो। क्या कोई हिंदू पाकिस्तान में बोल सकता है कि वो मुस्लिमों के घर में पूजा करेगा।’ स्वामी लिखते हैं, ‘मौलाना भूल रहे है कि अब भारतीय लोकतंत्र इस्लामिक गुलामी से साल 2014 में आजाद हो गया है। अब कानून सब पर बराबर लागू होगा।’ एक यूजर लिखते हैं, ‘मुस्लिमों को थोड़ी ढील दोगे तो यही होने वाला है। यही उनकी सच्चाई है जो सामने आ गई।’ अशोक उपाध्याय लिखते हैं, ‘मुस्लिम सिर्फ धमकियों का सहारे जिंदा हैं।’ भोपाली लिखते हैं, ‘वाह क्या बात है। लोग घर में घुसकर मारने की धमकी देते हैं और ये साहब घर में घुसकर नमाज पढ़ने की धमकी दे रहे हैं।’ एके शुक्ला मौलाना के इस बयान को शर्मनाक करार देते हुए लिखते हैं, ‘ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।’
वीडियो देखें :-
https://www.facebook.com/490959514398923/videos/754889131339292/
आपको बता दें कि ये शो लगभग हफ्ते दस दिन पहले चैलन पर टेलीकास्ट हुआ था लेकिन एक बार फिर से मौलाना द्वारा कही गई ये बातें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
आज समय बड़ी तेजी से करवट ले रहा है। तुष्टिकरण के चलते जिस भारतीय इतिहास और मुगलों की हरम प्रथा को तहखानों में बन्द कर दिया गया था, अब नए युग के सुरज के दर्शन करने बाहर आना शुरू हो गया है। जिसका प्रमाण है निम्न लेख :--
आज इतिहास के विषय में कुछ जानकारी लेने इंटरनेट देखते देखते उपरोक्त लेख सामने आ गया। यदि लेखक वही लाल साहब हैं, जिनसे अयोध्या में रामजन्मभूमि खुदाई के समय ऑफिस में बातचीत हुई थी, अयोध्या की खुदाई में जिस तरह अपने पैरों और हाथों से मजदूरों को बताते थे, कि यहाँ छेनी या कुदाली का कितने बल से प्रयोग करना है या नहीं। खुदाई में कितने खम्बे, खण्डित मूर्तियाँ, फर्श और दीवारें निकली, लेकिन तुष्टिकरण के चलते कोर्ट को गुमराह किया गया।
जब सितम्बर1978 में सर्विस में आए, ऑफिस झण्डेवाला पर था, रानी झाँसी रोड पर पेट्रोल पंप के निकट दो टूटी-फूटी कब्रें थी आज देखिए वही कब्रें हर वीरवार को लोगों को जीविका दे रही है। कौन है, किस की कब्रें हैं, कहते हैं, मामू-भांजे की कब्रें हैं। इसीलिए आज जो कुछ भी हो रहा है, उसमे नेताओं के साथ-साथ आम हिन्दू भी ज़िम्मेदार है। वोट के भूखे नेताओं की तुष्टिकरण नीति को ऐसे ही पाखंडी हिन्दुओं ने बल दिया है।
मुसलमान और ईसाई कभी अपनी धार्मिक पुस्तकों के विरुद्ध कार्य नही करते , उन्होंने मोहम्मद व ईसा के अलावा किसी को अपना भगवान नहीं माना, अपने कट्टर हिन्दू भाइयो को देखो अपने धर्म ग्रन्थ वेद में वर्णित एक सर्वव्यापक परमात्मा ओम् को छोड नाना प्रकार के भगवानों के पीछे दौडते रहते हैं-
1. रेवन में कुतिया का मंदिर बना दिया ,कुतिया को भगवान बना दिया !
2. राजस्थान में एक मुसलमान छ: इंच की पूंछ के साथ पैदा हुआ, उस मुसलमान को भी भगवान बना दिया !
3. जिन मुस्लिम आक्रंताओ ने हिन्दू समाज पर अत्याचार किये उनकी कब्रो को भी भगवान बना दिया !
4. साईं बाबा उर्फ चाँद मियाँ को भी भगवान बना दिया ! 2. राजस्थान में एक मुसलमान छ: इंच की पूंछ के साथ पैदा हुआ, उस मुसलमान को भी भगवान बना दिया !
3. जिन मुस्लिम आक्रंताओ ने हिन्दू समाज पर अत्याचार किये उनकी कब्रो को भी भगवान बना दिया !
जब सितम्बर1978 में सर्विस में आए, ऑफिस झण्डेवाला पर था, रानी झाँसी रोड पर पेट्रोल पंप के निकट दो टूटी-फूटी कब्रें थी आज देखिए वही कब्रें हर वीरवार को लोगों को जीविका दे रही है। कौन है, किस की कब्रें हैं, कहते हैं, मामू-भांजे की कब्रें हैं। इसीलिए आज जो कुछ भी हो रहा है, उसमे नेताओं के साथ-साथ आम हिन्दू भी ज़िम्मेदार है। वोट के भूखे नेताओं की तुष्टिकरण नीति को ऐसे ही पाखंडी हिन्दुओं ने बल दिया है।










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