नोटबंदी के बाद पहली बार आरबीआई ने रिपोर्ट में उस दौरान जमा हुए पैसों के की डिटेल बताई है। उसके अनुसार नवंबर और दिसंबर के महीने में सबसे ज्यादा लोगों ने जनधन और डॉरमेंट अकाउंट में पैसा जमा किया है। हालत यह थी कि उन दो महीने में जनधन अकाउंट में 10 गुना पैसा जमा कर दिए गए। इसी तरह डॉरमेंट अकाउंट यानी ऐसे अकाउंट जिसमें बहुत दिनों से कोई लेन-देन नहीं हो रहा था, उसमें जमा पैसों में 9 गुना का इजाफा हुआ। इतनी ज्यादा मात्रा.में इन अकाउंट्स में जमा हुए पैसो को देखते हुए इस बात की आशंका है कि ज्यादातर ब्लैकमनी के रुप को खपाने में इन अकाउंट का यूज किया गया है।
क्या कहती है आरबीआई रिपोर्ट
आरबीआई द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार 9 सितंबर से लेकर 30 अक्टूबर के बीच जनधन अकाउंट में 6600 करोड़ रुपए जमा हुए थे। जबकि 9 नवंबर को नोटबंदी लागू होने के बाद 30 दिसंबर तक 66480 करोड़ रुपए कुल जमा हो गए है। यानी 50 दिन में करीब 59800 करोड़ रुपए जमा किए गए।
इसी तरह डॉरमेंट अकाउंट में जिसमें कुल 9 सितंबर से लेकर 30 अक्टूबर के बीच 2830 करोड़ रुपए जमा हुए थे। वह 9 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर के बीच 24200 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया। यानी इन पचास दिनों में लोगों ने 214 00 करोड़ रुपए जमा करा दिए।
अकाउंट 9 सितंबर से 30 अक्टूबर के बीच नोटबंदी के 50 दिन बाद 50 दिन जमा हुई रकम
जमा रकम कुल जमा रकम
जनधन 6700 करोड़ 66400 करोड़ 59800 करोड़
डॉरमेंट 2830 करोड़ 24200 करोड़ 21309 करोड़
कोऑपरेटिव बैंक 20100 करोड़ 78780 करोड़ 58509 करोड
50 दिन में 52 बैंकों में रिकॉर्ड जमा हुआ पैसा
आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के 50 दिनों में 52 बैंकों में सात प्रमुख तरह से अकाउंट थे। उसकी स्टडी के अनुसार 4.35 लाख करोड़ रुपए जमा हुए। जो कि साल 2015 की इसी अवधि की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा था। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 5 साल के ट्रेंड के आधार पर यह माना जा सकता है कि नोटबंदी के 50 दिनों में सामान्य ट्रेंड की तुलना में 2.78 लाख करोड़ रुपए ज्यादा जमा हुए थे।
इन तीन अकाउंट में सबसे ज्यादा पैसा हुआ जमा
आरबीआई रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के 50 दिनों में कुल जमा 4.35 लाख करोड़ रुपए में से 1.03 लाख करोड़ रुपए जनधन अकाउंट, डॉरमेंट अकाउंट और कोऑपरेटिव बैंक अकाउंट में जमा हुए है। अमाउंट के आधार पर कोऑपरेटिव बैंक में करीब 77800 करोड़ रुपए, जनधन अकाउंट में 66500 करोड़ रुपए रुपए और डॉरमेंट अकाउंट में 24200 करोड़ रुपए जमा किए गए हैं। जबकि बेसिक सेविंग बैंक अकाउंट .जिसका सबसे ज्यादा लोग सामान्य तौर पर बैंकिंग लेन-देने के लिए प्रयोग करते हैं, उसमें जमा रकम 6700 करोड़ रुपए से बढ़कर 26400 करोड़ रुपए पहुंच गई। यानी इस अवघि में करीब 19700 करोड़ रुपए लोगों ने जमा कराए।
ब्लैकमनी के यूज का शक
इस बात की आशंका वित्त मंत्रालय को है कि इतनी बड़ी मात्रा में जमा हुए पैसे में एक बड़ा अमाउंट ब्लैकमनी का हो सकता है। जिस पर नोटबंदी के दौरान वित्त केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली खाताधारियों को सचेत भी कर चुके थे। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के दौरान आई 1.75 लाख करोड़ रुपए की ब्लैकमनी का जिक्र किया है।
आधार कार्ड
इन आंकड़ों के बढ़ने की अभी पूरी सम्भावनाएं हैं। जब आधार कार्ड पर सीमा से अधिक नोट बदली किये गए हैं।जिस दिन आधार कार्डों की जाँच की जाएगी आंकड़ा उम्मीदों को भी पार कर सकता है। चाहे सीमा से अधिक नोट बदली कमीशन के लिए करवायी गयी थी या अपना जमा धन। इसमें कोई दो राय भी नहीं कि लोगों ने आधार कार्ड पर नोट बदले जाने पर दस-दस हज़ार रूपए कमाए हैं, जिस कारण जरूरतमंद जनता भीड़ में पिसती रही और कमीशनबाज़ अपना काम करते रहे। एक ही आधार कार्ड पर न जाने कितने नोट बदली किये, नहीं मालूम। जिस दिन इसकी जाँच होगी, पता नहीं, कितने लोग लपेटे में आएंगे।
क्या कहती है आरबीआई रिपोर्ट
आरबीआई द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार 9 सितंबर से लेकर 30 अक्टूबर के बीच जनधन अकाउंट में 6600 करोड़ रुपए जमा हुए थे। जबकि 9 नवंबर को नोटबंदी लागू होने के बाद 30 दिसंबर तक 66480 करोड़ रुपए कुल जमा हो गए है। यानी 50 दिन में करीब 59800 करोड़ रुपए जमा किए गए।
इसी तरह डॉरमेंट अकाउंट में जिसमें कुल 9 सितंबर से लेकर 30 अक्टूबर के बीच 2830 करोड़ रुपए जमा हुए थे। वह 9 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर के बीच 24200 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया। यानी इन पचास दिनों में लोगों ने 214 00 करोड़ रुपए जमा करा दिए।
अकाउंट 9 सितंबर से 30 अक्टूबर के बीच नोटबंदी के 50 दिन बाद 50 दिन जमा हुई रकम
जमा रकम कुल जमा रकम
जनधन 6700 करोड़ 66400 करोड़ 59800 करोड़
डॉरमेंट 2830 करोड़ 24200 करोड़ 21309 करोड़
कोऑपरेटिव बैंक 20100 करोड़ 78780 करोड़ 58509 करोड
50 दिन में 52 बैंकों में रिकॉर्ड जमा हुआ पैसा
आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के 50 दिनों में 52 बैंकों में सात प्रमुख तरह से अकाउंट थे। उसकी स्टडी के अनुसार 4.35 लाख करोड़ रुपए जमा हुए। जो कि साल 2015 की इसी अवधि की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा था। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 5 साल के ट्रेंड के आधार पर यह माना जा सकता है कि नोटबंदी के 50 दिनों में सामान्य ट्रेंड की तुलना में 2.78 लाख करोड़ रुपए ज्यादा जमा हुए थे।
इन तीन अकाउंट में सबसे ज्यादा पैसा हुआ जमा
आरबीआई रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के 50 दिनों में कुल जमा 4.35 लाख करोड़ रुपए में से 1.03 लाख करोड़ रुपए जनधन अकाउंट, डॉरमेंट अकाउंट और कोऑपरेटिव बैंक अकाउंट में जमा हुए है। अमाउंट के आधार पर कोऑपरेटिव बैंक में करीब 77800 करोड़ रुपए, जनधन अकाउंट में 66500 करोड़ रुपए रुपए और डॉरमेंट अकाउंट में 24200 करोड़ रुपए जमा किए गए हैं। जबकि बेसिक सेविंग बैंक अकाउंट .जिसका सबसे ज्यादा लोग सामान्य तौर पर बैंकिंग लेन-देने के लिए प्रयोग करते हैं, उसमें जमा रकम 6700 करोड़ रुपए से बढ़कर 26400 करोड़ रुपए पहुंच गई। यानी इस अवघि में करीब 19700 करोड़ रुपए लोगों ने जमा कराए।
ब्लैकमनी के यूज का शक
इस बात की आशंका वित्त मंत्रालय को है कि इतनी बड़ी मात्रा में जमा हुए पैसे में एक बड़ा अमाउंट ब्लैकमनी का हो सकता है। जिस पर नोटबंदी के दौरान वित्त केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली खाताधारियों को सचेत भी कर चुके थे। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के दौरान आई 1.75 लाख करोड़ रुपए की ब्लैकमनी का जिक्र किया है।
आधार कार्ड
इन आंकड़ों के बढ़ने की अभी पूरी सम्भावनाएं हैं। जब आधार कार्ड पर सीमा से अधिक नोट बदली किये गए हैं।जिस दिन आधार कार्डों की जाँच की जाएगी आंकड़ा उम्मीदों को भी पार कर सकता है। चाहे सीमा से अधिक नोट बदली कमीशन के लिए करवायी गयी थी या अपना जमा धन। इसमें कोई दो राय भी नहीं कि लोगों ने आधार कार्ड पर नोट बदले जाने पर दस-दस हज़ार रूपए कमाए हैं, जिस कारण जरूरतमंद जनता भीड़ में पिसती रही और कमीशनबाज़ अपना काम करते रहे। एक ही आधार कार्ड पर न जाने कितने नोट बदली किये, नहीं मालूम। जिस दिन इसकी जाँच होगी, पता नहीं, कितने लोग लपेटे में आएंगे।
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