वह पाकिस्तान के सबसे रसूखदार सियासी परिवार और सत्तारूढ़ पार्टी पीएमएल-एन के मुखिया हैं। इस्पात कारोबारी-सह-राजनीतिज्ञ शरीफ पहली बार 1990 से 1993 के बीच प्रधानमंत्री रहे। उनका दूसरा कार्यकाल 1997 में शुरू हुआ जो 1999 में तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ द्वारा तख्तापलट किए जाने के बाद खत्म हो गया। सर्वोच्च न्यायालय ने शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए इसी साल मई में संयुक्त जांच दल (जेआईटी) का गठन किया था। जेआईटी ने गत 10 जुलाई को अपनी रिपोर्ट शीर्ष अदालत को सौंपी थी।
कोर्ट ने पनामा गेट मामले में उनको दोषी करार देते हुए पीएम पद के अयोग्य करार दिया गया. ऐसे में उन्हें गद्दी छोड़नी होगी. शरीफ को भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी दोषी करार दिया गया है. इस मामले में पांच जजों की बैंच ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया. खबरों की मानें तो रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री होंगे.
सुप्रीम कोर्ट ने एनएबी को आदेश दिया है कि वे दो हफ्तों के अंदर नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ केस दायर करें. सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ को पद से तुरंत इस्तीफा देने का आदेश दिया है. बता दें कि शरीफ के परिवार के विदेश में संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के लिए संयुक्त जांच दल का गठन किया गया था और जेआईटी ने 10 जुलाई को अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप दी थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि शरीफ और उनके बच्चों का रहन सहन उनके आय के ज्ञात स्रोत के मुताबिक नहीं है. रिपोर्ट में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज करने का सुझाव दिया गया था.
Comments