एक बहुत पुरानी कहावत है, "जैसा खाए अन्न, वैसा हो जाए मन" लालू प्रसाद पर शत-प्रतिशत सटीक बैठती है। एक के बाद एक घोटाला उजागर हो रहा है।
राजद सुप्रीमों लालू यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं है। राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव के आवास पर सीबीआई ने लालू परिवार के सदस्यों से कई घंटो तक पूछताछ किया। लालू प्रसाद यादव के 12 ठिकानों पर छापा मारा उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से बंद कमरे में पूछताछ की। करीब दस घंटे के बाद सीबीआई उनके आवास से बाहर निकली।
राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया और चारा घोटाले के गुनहगार लालू यादव ने दिन में लगातार दूसरी प्रेस कांफ्रेंस करके प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ जमकर हमला बोला, उन्होंने कहा कि बिना वजह मेरे 12 ठिकानों पर छापेमारी करके मुझे बदनाम करने की कोशिश की गयी है, इसमें CBI का नहीं बल्कि अमित शाह और नरेन्द्र मोदी का दोष है, अब मैं नरेन्द्र मोदी का घमंड तोड़ दूंगा और बीजेपी को ख़त्म करके दम लूंगा।
लालू यादव ने कहा कि बीजेपी महागठबंधन में दरार डालने का काम कर रही है लेकिन इनका प्रयास सफल नहीं होगा, मैं बीजेपी को ख़त्म करूँगा, अब मैं नरेन्द्र मोदी का घमंड तोड़ने के लिए सब कुछ करूँगा, मोदी और अमित शाह सुन लो, मैं और जनता तुम्हारा घमंड तोड़ देंगे भले ही मुझे फांसी पर चढ़ना पड़े।
लालू यादव ने यह भी कहा कि इस मामले में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से पूछताछ करने का कोई तुक नहीं था, राबड़ी तो पब्लिक सर्वेंट भी नहीं हैं इसके बावजूद भी उन्हें परेशान किया गया।
राजद सुप्रीमों लालू यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं है। राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव के आवास पर सीबीआई ने लालू परिवार के सदस्यों से कई घंटो तक पूछताछ किया। लालू प्रसाद यादव के 12 ठिकानों पर छापा मारा उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से बंद कमरे में पूछताछ की। करीब दस घंटे के बाद सीबीआई उनके आवास से बाहर निकली।
राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया और चारा घोटाले के गुनहगार लालू यादव ने दिन में लगातार दूसरी प्रेस कांफ्रेंस करके प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ जमकर हमला बोला, उन्होंने कहा कि बिना वजह मेरे 12 ठिकानों पर छापेमारी करके मुझे बदनाम करने की कोशिश की गयी है, इसमें CBI का नहीं बल्कि अमित शाह और नरेन्द्र मोदी का दोष है, अब मैं नरेन्द्र मोदी का घमंड तोड़ दूंगा और बीजेपी को ख़त्म करके दम लूंगा।
लालू यादव ने मोदी को ललकारते हुए कहा 'मैंने तुम्हें बिहार से भगाया था और तुम महागठबंधन में दरार डाल रहे हो, मैं तुम्हारा घमंड तोड़ दूंगा।
अब प्रश्न यह है कि भूतपूर्व मुख्यमन्त्री पब्लिक सर्वेंट क्यों नहीं?
चौबीस घंटे के अन्दर ही लालू यादव की बेटी राज्यसभा सांसद मीसा भारती और दामाद शैलेश कुमार के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ED का छापा चल रहा है। 8 हजार करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के बिजवासन, घिटोरनी और सैनिक फॉर्म स्थित परिसर में हो रही है छापेमारी. यह छापेमारी मीसा भारती के सीए से पूछताछ के बाद हो रही है।
तेजस्वी यादव पर केस दर्ज होने के बाद अब बिहार के कई विपक्षी नेताओं ने दोनों बेटों से इस्तीफे की मांग की है। पूर्व उपमुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि लालू परिवार पर सीबीआइ छापे के बाद अब तो मुख्यमंत्री को चुप्पी तोड़नी चाहिए. उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के घर पर भी सीबीआइ का रेड हुआ उन पर एफआइआर हुई है। अब भी अगर तेजस्वी प्रसाद यादव और तेज प्रताप यादव इस्तीफा नहीं देते हैं, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उन्हें बरखास्त कर देना चाहिए।
मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि बिहार में कोई भ्रष्टाचारी नहीं रहेंगे। मोदी शुक्रवार को लालू प्रसाद के घर पर सीबीआइ के छापे के बाद भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता नंदकिशोर यादव भी मौजूद थे। मोदी ने कहा कि उन्होंने जो भी आरोप लगाये हैं वह कोइ नया नहीं है।12 अगस्त, 2008 को जदयू के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह तथा राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाये थे। हालांकि तेजस्वी यादव ने साफ़ तौर पर कह दिया है कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगा।
माला माल होने के बाद भी गरीबों के मसीहा
7 जुलाई को जब भ्रष्टाचार के संगीन आरोप में सीबीआई ने राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिजन के खिलाफ छापामार कार्यवाही की तो लालू ने कहा कि यह कार्यवाही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के इशारे पर हो रही है। चूंकि मैंने 2019 में होने वाले लोकसभा के चुनाव मेंभाजपा को हराने का संकल्प लिया है, इसलिए मुझे फंसाया जा रहा है। यह पहला अवसर नहीं है, जब लालू पर कोई एफआईआर दर्ज हुई हे। इससे पहले चारा घोटाले में लालू जेल जा चुके हैं। ताजा मामला तब का है, जब लालू रेलमंत्री थे। रांची और पटना में रेलवे की जिन होटलों में नीलाम किया गया, उन्हें बाद में लालू के परिवार के सदस्यों ने खरीद लिया। भले ही यह सब नियमों के अनुरूप हुआ हो, लेकिन सब जानते हैं कि जब कोई राजनेता सत्ता में होता है तो सरकारी सम्पत्तियों की नीलामी किस तरह से कोडिय़ों के भाव होती है। इस मामले में तो नीलामी के बाद लालू के परिवार ने ही इन बेशकिमती होटलों पर कब्जा कर लिया। लालू और राबड़ी देवी के कुल मिलाकर 9 बच्चे हैं। 7 लड़कियां और 2 लड़के। आज सभी 9 बच्चे करोड़पति नहीं अरबपति हैं। आखिर लालू के पास इतनी सम्पत्ति कहां से आई? इसे राजनीति का चरित्र ही कहा जाएगा कि पूरा परिवार माला माल होने के बाद भी लालू गरीबों के मसीहा बने हुए हैं। लालू और उनकी पत्नी राबड़ी देवी बिहार के मुख्यमंत्री रहे चुके हैं और वर्तमान में लालू के दोनों पुत्र नितिश कुमार की सरकार में ताकतवर मंत्री हैं। लालू की एक बेटी राज्यसभा की सांसद भी हैं। सवाल यह भी उठता है कि आखिर लालू को संकल्प पूरा करने से कौन रोक रहा है? लालू भ्रष्टाचार के मुद्दे को राजनीति से जोड़ रहे हैं। अच्छा हो कि भ्रष्टाचार के जो आरोप लगे हैं, उनका जवाब लालू दें। 2019 के चुनाव में भाजपा को हराने का जो संकल्प लिया है, उस पर लालू को अडिग रहना चाहिए। सीबीआई के छापों से घबराए बिना लालू को भाजपा के खिलाफ खड़ा रहना चाहिए। यदि लालू में राजनीतिक नैतिकता है तो उन्हें इसी वक्त नीतीश कुमार की सरकार से अपनी पार्टी का समर्थन वापस ले लेना चाहिए। लालू 2019 में भाजपा को हराने का दावा कर रहे हैं और इधर नितीश कुमार की पार्टी जेडीयू राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन कर रही हैं। लालू अपने भ्रष्टाचार से बचने के लिए मोदी और शाह को तो कोस रहे हैं। लेकिन नीतीश कुमार की सरकार से समर्थन वापस नहीं ले रहे। लालू को पता है कि समर्थन वापस लेने से उनके दोनों बेटों का मंत्री पद भी छिन जाएगा। जबकि नीतीश तो भाजपा का समर्थन लेकर मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
माला माल होने के बाद भी गरीबों के मसीहा
7 जुलाई को जब भ्रष्टाचार के संगीन आरोप में सीबीआई ने राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिजन के खिलाफ छापामार कार्यवाही की तो लालू ने कहा कि यह कार्यवाही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के इशारे पर हो रही है। चूंकि मैंने 2019 में होने वाले लोकसभा के चुनाव मेंभाजपा को हराने का संकल्प लिया है, इसलिए मुझे फंसाया जा रहा है। यह पहला अवसर नहीं है, जब लालू पर कोई एफआईआर दर्ज हुई हे। इससे पहले चारा घोटाले में लालू जेल जा चुके हैं। ताजा मामला तब का है, जब लालू रेलमंत्री थे। रांची और पटना में रेलवे की जिन होटलों में नीलाम किया गया, उन्हें बाद में लालू के परिवार के सदस्यों ने खरीद लिया। भले ही यह सब नियमों के अनुरूप हुआ हो, लेकिन सब जानते हैं कि जब कोई राजनेता सत्ता में होता है तो सरकारी सम्पत्तियों की नीलामी किस तरह से कोडिय़ों के भाव होती है। इस मामले में तो नीलामी के बाद लालू के परिवार ने ही इन बेशकिमती होटलों पर कब्जा कर लिया। लालू और राबड़ी देवी के कुल मिलाकर 9 बच्चे हैं। 7 लड़कियां और 2 लड़के। आज सभी 9 बच्चे करोड़पति नहीं अरबपति हैं। आखिर लालू के पास इतनी सम्पत्ति कहां से आई? इसे राजनीति का चरित्र ही कहा जाएगा कि पूरा परिवार माला माल होने के बाद भी लालू गरीबों के मसीहा बने हुए हैं। लालू और उनकी पत्नी राबड़ी देवी बिहार के मुख्यमंत्री रहे चुके हैं और वर्तमान में लालू के दोनों पुत्र नितिश कुमार की सरकार में ताकतवर मंत्री हैं। लालू की एक बेटी राज्यसभा की सांसद भी हैं। सवाल यह भी उठता है कि आखिर लालू को संकल्प पूरा करने से कौन रोक रहा है? लालू भ्रष्टाचार के मुद्दे को राजनीति से जोड़ रहे हैं। अच्छा हो कि भ्रष्टाचार के जो आरोप लगे हैं, उनका जवाब लालू दें। 2019 के चुनाव में भाजपा को हराने का जो संकल्प लिया है, उस पर लालू को अडिग रहना चाहिए। सीबीआई के छापों से घबराए बिना लालू को भाजपा के खिलाफ खड़ा रहना चाहिए। यदि लालू में राजनीतिक नैतिकता है तो उन्हें इसी वक्त नीतीश कुमार की सरकार से अपनी पार्टी का समर्थन वापस ले लेना चाहिए। लालू 2019 में भाजपा को हराने का दावा कर रहे हैं और इधर नितीश कुमार की पार्टी जेडीयू राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन कर रही हैं। लालू अपने भ्रष्टाचार से बचने के लिए मोदी और शाह को तो कोस रहे हैं। लेकिन नीतीश कुमार की सरकार से समर्थन वापस नहीं ले रहे। लालू को पता है कि समर्थन वापस लेने से उनके दोनों बेटों का मंत्री पद भी छिन जाएगा। जबकि नीतीश तो भाजपा का समर्थन लेकर मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव व भारतीय जनता पार्टी के नेता सुशील कुमार मोदी के बीच टकराहट है। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने सुशील कुमार मोदी से 2 दिनों में माफी मांगने की बात कही। उन्होंने ऐसा न करने पर मानहानि का प्रकरण दर्ज करने की चेतावनी दी।
लालू प्रसाद यादव ने ट्विट कर भारतीय जनता पार्टी के भूतपूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर हमला किया। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने उन्होने ट्विट मे लिखा कि वे पीसी लंदन में करें या फिर दिल्ली में यदि कौआ मंदिर में भी बैठ जाए तो भी वह कौआ ही कहलाएगा।
लालू प्रसाद यादव ने कहा कि सुशील कुमार मोदी तो ऐसे बोलते हैं जैसे वे झूठ की उल्टियां कर रहे हों। वे ऐसा करने से बाज नहीं आते हैं। उनके विरूद्ध मानहानि का प्रकरण दायर कर चुके हैं। मिली जानकारी के अनुसार बृज बिहारी प्रसाद से दान नहीं लिया तो फिर ये दान के कागजात आखिर कैसे आए ।
बिहार राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर ट्विट कर लिखा कि यदि वे सच्चे हिंदूधर्मी हैं तो फिर मंदिर में चलकर कागजात व सबूत के साथ कहें कि 13 एकड़ जमीन लालू प्रसाद यादव की है। भाजपा सांसद की जमीन नहीं है। सुशील मोदी सबूत व कागज़ात प्रस्तुत करे।

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