अब इनसे पूछा जाए कि जब संसद में मुस्लिम विरोधी कानून बनते है, तो उनके भाई असद्दुदीन ओवैसी क्या करते है? और दूसरे मुस्लिम सांसद एवं विधायक सदनों में क्या मालपुए खाने जाते हैं?
लोकसभा सांसद असद्दुदीन ओवैसी से भाई और विधायक अकबरुद्दीन ने फिर से भड़काने वाला बयान देते हुए कहा है कि भारत में मंदिर-मस्जिद की इसीलिए डिबेट हो रही है क्योंकि हिन्दू बहुसंख्यक हैं, एक बार हम मुस्लिमों को बहुसंख्यक हो जाने जो, फिर देखना, ना हिन्दू होगा, ना मंदिर होगा और ना ही मंदिर-मस्जिद डिबेट होगा. कश्मीर में हमने ऐसा करके दिखा दिया है.
अकबरुद्दीन ओवैसी ने आग उगलते हुए कहा - ऐ विश्व हिन्दू परिषद् वालों, ऐ बजरंग दल वालों, ऐ नरेन्द्र मोदी सुन ले, ये मुल्क तेरे बाप की जागीर नहीं है, जितना ये मुल्क तेरा है उतना ही ये मुल्क मेरा भी है. हमें किसी के रहम, किसी मदद की जरूरत नहीं है, हमारा भाई खुद अपने भाइयों के होंठ से हिन्दुतान के 50 पार्लियामेंट के निशिस्तों को ठीक करता है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अकबरुद्दीन ने पहली बार ऐसा बयान नहीं दिया है, उन्होने
अकबरुद्दीन ओवैसी ने गोरक्षा के नाम पर हो रही हत्याओं पर कहा- कहां गए वो सेक्युलर लोग..अखलाक को मारा गया, नोमान को मारा गया, जुनैद को मारा गया…टोपी पहनना गुनाह है क्या? मुसलमान होना गुनाह है क्या? ओ विश्व हिंदू परिषद वालों, RSS वालों, नरेंद्र मोदी सुन लो ये मुल्क किसी एक का नहीं, ये जितना तेरा है, मुल्क मेरा भी है। अगर हिंदू तिलक लगाकर घूम सकता है तो मुसलमान भी टोपी पहन सकता है।
ये पहली बार नहीं है जब चार बार से विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने इस तरह से धर्म के नाम पर लोगों को भड़काने का काम किया है। इससे पहले भी वो इसी तरह के विवादित बयान देते रहे हैं. इससे पहले भी कई बार विवादित और भड़काऊ बयान दिए हैं, हिन्दुओं के ईस्ट भगवान राम और देवी दुर्गा का भी कई बार अपमान किया है. ट्विटर और सोशल मीडिया पर अकबरुद्दीन को कड़ी सजा देने की मांग की जा रही है। इसी साल मार्च में अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा था- हालांकि, भारत की राजधानी दिल्ली है लेकिन अगर भारतीय मुस्लिमों की वास्तविक राजधानी की बात करें तो वह हैदराबाद है। भारतीय मुस्लिमों के लिए सोच और तर्क यहीं से जाते हैं।
जब बाला साहेब ठाकरे जी ने हिंदुत्व के नाम पर वोट मांगा तो उनपर 6 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया था। क्या भारत का कानून अंधा है या सिर्फ हिंदुओं के लिए ही बना है?
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