आतंकियों को पता है कि जब कांग्रेस सरकार होती है तो भारतीय सैनिकों के हाथ बाँध दिए जाते हैं, कांग्रेस सरकार में आतंकी भारत में कहीं भी आ जा सकते हैं, दिल्ली, मुंबई, कलकत्ता, जयपुर, वे कहीं भी बम धमाके कर सकते हैं और उन्होंने करके दिखाया है। लेकिन मोदी सरकार में आतंकियों को बॉर्डर पर ही मार दिया जा रहा है, वे ना तो दिल्ली में धमाके कर पा रहे हैं, ना मुंबई में धमाके कर पा रहे हैं, ना 26-11 जैसा हमला कर पा रहे हैं और ना ही देश को धमाकों से दहला पा रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में कम से कम 600 आतंकी बॉर्डर पर मार दिए गए हैं इसलिए मोदी सरकार उनके लिए सही नहीं है, उनके लिए तो कांग्रेस सरकार ही सही है।
शायद इसीलिए कांग्रेस नेता पाकिस्तान जाकर मोदी सरकार को गिराने में मदद या दूसरे शब्दों में कहा जाए भीख मांगने गए थे। ऐसा घिनौना काम करके कांग्रेस ने देश के स्वाभिमान को जो चोट पहुंचाई है। कांग्रेस में जितने लोग है -- कार्यकर्ता से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक -- , यदि स्वाभिमान है, त्याग देना चाहिए कांग्रेस को। लेकिन मजबूर है सभी। क्योकि तुष्टिकरण नीति और जनता को भ्रमित करने में मालपुए उन्होंने भी खाए हैं, कैसे छोड़ दें और क्यों छोड़ दें।
मोदी ने छेड़ा हुआ है जिहाद
आतंकी यह भी जानते हैं कि अगर कांग्रेस सरकार वापस आ गयी तो POK की तरह उन्हें पूरा कश्मीर दे देगी, कश्मीर पाकिस्तान में मिल जाएगा और पाकिस्तान भारत से भी ताकतवर हो जाएगा, अगर पाकिस्तान भारत से अधिक ताकतवर हो गया तो धीरे धीरे भारत के अन्य राज्यों पर कब्ज़ा करके पूरा भारत ही पकिस्तान बना दिया जाएगा, इसलिए उनके लिए कांग्रेस सरकार ही सही है। सोंच भी सही है, कांग्रेस ने इतने वर्षों में यही तो किया है। कांग्रेस की इन्ही हरकतों के कारण देश में हुए विकास कार्य आतंकवाद और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए।
इसलिए किया गया अमरनाथ आतंकी हमला
अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमला क्यों किया गया, आतंकियों और कांग्रेस का मकसद था पीडीपी और बीजेपी गठबंधन को तुड़वाकर जम्मू-कश्मीर की सरकार गिराना और उसके बाद राष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को पराजित करना। आप यह भी कह सकते हैं कि रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति चुनाव हरवाने के लिए आतंकियों ने अमरनाथ यात्री बस पर हमला किया था, उनका मकसद सभी 50 यात्रियों को मारने का था लेकिन बस मालिक हर्ष देसाई ने अपनी बहादुरी से आतंकियों को बस के अन्दर जाने से रोक दिया और सभी यात्रियों की जान बचा ली। अगर सभी यात्री मारे जाते तो देश में बहुत बड़ा हंगामा खड़ा होता, BJP को PDP से गठबंधन तोड़ने और राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की जाती, दोनों पार्टियों में तकरार बढती, दोनों पार्टियों में गठबंधन टूट जाता और इसके बाद PDP रामनाथ कोविंद को समर्थन नहीं देती, वे चुनाव हार जाते, कांग्रेस उम्मीदवार मीरा कुमार राष्ट्रपति बनतीं और कांग्रेस की चाल सफल हो जाती।
PDP-BJP गठबंधन क्यों तुडवाना चाहती है कांग्रेस
राहुल गाँधी ने क्या बयान दिया - मोदी अपने राजनीतिक फायदे के लिए निर्दोष लोगों को मरवा रहे हैं, राहुल ने ये बयान इसलिए दिया क्योंकि वो चाहते हैं कि बीजेपी वाले कश्मीर में आतंकी हमले का दोष महबूबा सरकार पर लगाकर PDP से रिश्ता तोड़ लें, अगर रिश्ता तोड़ लेंगे तो महबूबा सरकार गिर जाएगी और दोनों पार्टियों के बीच दुश्मनी हो जाएगी, अगर दोनों पार्टियों के बीच दुश्मनी हो जाएगी तो राष्ट्रपति चुनाव में PDP नेता BJP का समर्थन नहीं करेंगे और NDA के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद चुनाव हार जाएंगे।
राष्ट्रपति चुनाव में BJP को PDP पर पूरा भरोसा
राष्ट्रपति चुनाव में BJP को PDP पर पूरा भरोसा
राष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की जीत PDP, शिवसेना और JDU के समर्थन पर निर्भर करेगी, शिवसेना और JDU ने भले ही रामनाथ कोविंद को समर्थन देने की घोषणा की है लेकिन बीजेपी को शिवसेना और JDU पर पूरा भरोसा नहीं है क्योंकि ये दोनों पीठ में छूरा भी भोंक सकते हैं, हो सकता है कि चुनाव के लिए ये लोग चुपचाप कांग्रेस उम्मीदवार मीरा को वोट दे दें.
BJP को इस वक्त PDP पर पूरा भरोसा है, महबूबा ने रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का भरोसा दिया है और वे देंगी भी लेकिन अगर इस वक्त BJP वाले PDP से गठबंधन तोड़ लेंगे तो PDP भी रामनाथ कोविंद को समर्थन नहीं देगी और वे चुनाव हार जाएंगे।
इस वक्त कुछ भी कर सकती है कांग्रेस
इस वक्त कुछ भी कर सकती है कांग्रेस
कांग्रेस मीरा कुमार को राष्ट्रपति बनवाने के लिए कुछ भी कर सकती है क्योंकि मीरा कुमार राष्ट्रपति बनने के बाद मोदी सरकार के हर काम और पालिसी पर नजर रख सकेंगी, मोदी सरकार पर नकेल लगा सकेंगी, उनपर लोकसभा स्पीकर रहते हुए भी पक्षपात के आरोप लगते थे, राष्ट्रपति बनने के बाद भी वे पक्षपात कर सकेंगी और कांग्रेस को सभी गुप्त सूचनाएं देती रहेंगी.
दूसरी तरफ बीजेपी भी अपनी पसंद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाना चाहती है ताकि कोई उनके काम में बाधा ना डाले, उन्हें मीरा कुमार का इतिहास पता है, उन्हें पता है कि अगर मीरा कुमार राष्ट्रपति बन गयीं तो उनके काम में रोड़े डाले जाएंगे, उनके साथ पक्षपात किया जाएगा, महत्वपूर्ण बिल अटकाए जाएंगे।
इसलिए बीजेपी नेता गाते रहे कश्मीरियत का राग
इसलिए बीजेपी नेता गाते रहे कश्मीरियत का राग
इसीलिए अमरनाथ हमले के बाद बीजेपी ने महबूबा के खिलाफ नरम रूख बनाए रखा, किसी भी नेता ने उनके खिलाफ बयान नहीं दिया, बीजेपी नेता दिनभर कश्मीरियत जम्हूरियत की राग अलापते रहे और महबूबा से मिलकर रणनीति बनाते रहे, कश्मीर के लोगों को बार बार सलाम ठोंकते रहे. मजबूरी है करना पड़ेगा, अपनी पसंद का राष्ट्रपति जो चाहिए.

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