भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज सांसद सुब्रमनियम स्वामी ने आज NDTV के घावों पर मिर्ची लगाते हुए कहा है कि चैनल के हिस्सेदार खुद को बचाने के लिए कितना भी झूठ बोलें, ये कितने भी झूठे तथ्य रखने की कोशिश करें, जल्द ही पब्लिक डोमेन में इनके खिलाफ कई सबूत आने वाले हैं जो इन्हें कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ेंगे.
सुब्रमनियम स्वामी ने कहा कि NTDV चैनल की इज्जत बचाने के लिए चैनल के प्रमोटर प्रणय रॉय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कई बार मिल चुके हैं और उनसे कार्यवाही ना करने की अपील कर रहे है।
सुब्रमनियम स्वामी ने आगे कहा कि प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय ने बैंक के साथ धोखाधड़ी करके खुद के लिए 92 करोड़ का ब्याज मुक्त लोन लिया था, यह बहुत बड़ा फ्रॉड था।
हां ठीक है कि ये लोकतंत्र पर हमला है, अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रहार
है, मीडिया का गला घोंटने की कोशिश है। लेकिन ये भी तो बता दीजिए
कि जो आरोप लगे हैं आईसीआईसीआई बैंक के 48 करोड़ रुपये के फ्राड करने का,
उस पर आपका क्या मत है?
NDTV घोटाला
ये भी तो बता दीजिए कि आईआरएस अधिकारी एसके श्रीवास्तव ने चिदंबरम और
प्रणय राय द्वारा मिलजुल कर 2जी स्कैम के पैसे के गोलमाल का जो खुलासा
किया, उस पर आपका स्टैंड क्या है?
लेकिन आप
जो कामरेड होने के नाम पर पैसों का गबन कर रहे हैं, स्कैम में सहयोगी बन
रहे हैं, उसका समर्थन कोई कैसे कर सकता है।
माना कि जी न्यूज वाले चोर हैं, रजत शर्मा भाजपाई है, ऐसे ही
अन्य भी जो हैं, वो सब आपके विरोधी हैं, लेकिन आप अपने ब्रांड के नाम पर जो
घपले-घोटाले किए हैं और किए जा रहे हैं, उस पर आपको खुल कर सफाई देनी
चाहिए, लेकिन आपने ऐसा नहीं किया, क्यों?
चिदंबरम और उनके बेटे के यहां जब इनकम टैक्स का छापा पड़ा था, तभी पता चल गया कि अब आपकी बारी है। लेकिन आपने तब भी अपना स्टैंड स्पष्ट नहीं
किया, आपने आईसीआईसीआई बैंक के साथ किए गए फ्राड घोटाले के बारे में अपनी
साइट या अपने चैनल पर कुछ नहीं दिखाया।
दुनिया को पारदर्शिता और लोकतंत्र सिखाने वाले प्रणय राय एंड कंपनी, खुद को सरकार विरोधी होने का लाभ भले ले ले, जो कि लेना भी चाहिए, यही
राजनीति है।
लेकिन सच यह है कि जो काला धन सफेद किया है,
तत्कालीन मनमोहन सरकार के मंत्री चिदंबरम के साथ मिलकर, जो आरोप आप पर
आईआरएस अधिकरी संजय श्रीवास्तव ने लगाए, जो नोटिस तमाम सरकारी एजेंसीज ने
समय समय पर आपको भेजी, उस पर आपकी सफाई क्या है?
एनडीटीवी और प्रणय राय के ऐसे तमाम फ्राड को लेकर कुछ
नहीं दिखाया, केवल गोलमोल सफाई देते रहे। इन मुद्दों पर अपने चैनल पर प्राइम टाइम डिबेट में न तो निधि राजदान को आगे
किया और न रवीश कुमार को। ये लोग दुनिया भर के ढेर सारे मुद्दों पर बहस
करते रहे, केवल एनडीटीवी-प्रणय राय के फ्राड को छोड़कर. आपको इन मुद्दों पर
भी खुलकर दिखाना चाहिए था क्योंकि मीडिया तो सबकी और अपनी भी आलोचना
करने के लिए जाना माना जाता है।
आप विचारधारा और पार्टीबाजी के आधार पर खुद को शहीद दिखाकर लाभ लेना चाह रहे थे और लेने का प्रयास कर रहे हैं।
पर हम जैसे लोग जो मीडिया को बहुत नजदीक से देख रहे हैं, कि यहां सिर्फ और सिर्फ लूट और कालाबाजारी है, सरोकार विचार संवेदना जैसी
बातें सिर्फ दिखाने कहने वाली चीजें होती हैं, वो ये ठीक से समझते मानते है। बल्कि इस समय के सारे कथित मुख्य धारा और संपूर्ण
कारपोरेट मीडिया के मालिकों को सरेआम सूली पर चढ़ा देना चाहिए।
जिस लोकतंत्र की दुहाई देकर आप बार बार अपना
बचाव कर रहे हैं, उसी लोकतंत्र ने जिन्हें चुनकर भेजा है, वो आपसे अपना
हिसाब ले रहे हैं, लेकिन उन्हीं चीजों का, जो आपने गलत किया है और उनके
हाथों में एक्शन लेने के लिए सौंप दिया है। ये घोटाले आजकल के नहीं, वर्षों पुराने है। आपने इन्हें साधने, पटाने की भी कोशिश की लेकिन सफल नहीं
हो पाए। आपकी ढेर सारी फाइलें पीएमओ में पड़ी हैं जो आपकी काली कहानी बांय
बांय कर रही है।
जो आपने काला किया है, जो आपने फ्राड किया है, वो आपका ही है. ऐसे लोग
भुगतते तो जरूर हैं, कोई देर तो कोई सबेर से। कोई इस सरकार के आने पर तो कोई
उस सरकार के आने पर। अब तो घपले घोटाले भी पार्टियां के संरक्षण में होता
है इसलिए पार्टियां बदलते ही घोटालेबाजों के चेहरे भी बदलने लगते है।
बड़े लोग, खासकर मीडिया के, अपनी चोरी और फ्राड को बड़े
आराम से वैचारिक ताने बाने के जरिए ढंक लेते है। आप अपनी समृ्द्धि, संबंध और साम्राज्य में मस्त रहे।
ऐसे दौर में जब राजनीति पूरी तरह भ्रष्टतम हो गई है, ऐसे दौर में जब
राजनीति सिर्फ अपनी जनता का खून पीने का माध्यम बन गई है।
आपके यहां छापा पड़ा,
चाहें जिस बहाने से भी, आईआरएस
अफसर एसके श्रीवास्तव भी खुश होंगे जिन्हें आप लोगों ने पागलखाने भिजवाकर
अपने फ्राड चोट्टई को ढंकने की कोशिश की थी।
जब आईआरएस अधिकारी एसके श्रीवास्तव ने
एनडीटीवी के प्रणय राय और तत्कालीन वित्त व गृह मंत्री चिदंबरम द्वारा अपने
घोटाले चोरकटई को ढंकने के लिए उन्हें जेल भिजवाने की कथा सुनाई वहां मौजूद सारे लोगों के रोएं खड़े हो गए और एक झुरझुरी तैर गई
शरीर में।
ये दौर मान्य संस्थाओं को नष्ट किए जाने का है, तो आपको भी नष्ट होना है।

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