चुनाव में निर्वासित तिब्बतियों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चेन्नई तथा कोलकाता के बाद शिमला सबसे पुराना नगर निगम है। चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच था। हालांकि उम्मीदवारों ने पार्टी के चुनाव चिन्हों पर चुनाव नहीं लड़ा। भाजपा ने 34 उम्मीदवारों, कांग्रेस ने 27 और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने 22 उम्मीदवारों का समर्थन किया था। शिमला नगर निगम पर 26 वर्षो से कांग्रेस काबिज रही है।
साल 2012 के चुनावों में सीपीएम ने सभी दलों को चकित कर दिया था जब शहर के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनावों में जीत दर्ज की थी। कार्यकाल खत्म हो रही 15 सदस्यों वाली काउंसिल में फिलहाल बीजेपी के 12 पार्षद हैं जबकि कांग्रेस के 10 पार्षद हैं। शिमला नगर निगम पर कांग्रेस ने साल 2012 से पहले 26 सालों तक शासन किया है। आज की मतगणना में भी सबसे पहली जीत सीपीएम को ही मिली है।
कौन-कौन कहां-कहां से जीता:
वार्ड नंबर 2 रुलदू भट्टा से बीजेपी समर्थित उम्मीदवार संजीव ठाकुर ने जीत दर्ज की है।
वार्ड नंबर 3 कैथू से भी बीजेपी समर्थित उम्मीदवार सुनील धर ने जीत दर्ज की है।
वार्ड नंबर 4 अनाडेल से भी बीजेपी समर्थित उम्मीदवार कुसुम सदरेट ने जीत दर्ज की है।
वार्ड नंबर 5 समरहिल से सीपीआईएम समर्थित उम्मीदवार शैली शर्मा ने जीत दर्ज की है।
वार्ड नंबर 6 टुटू से बीजेपी समर्थित उम्मीदवार विवेक शर्मा 97 वोटों से जीत गए हैं।
वार्ड नंबर 8 बालूगंज से किरण बाबा विजयी, भाजपा समर्थित उम्मीदवार हैं किरण बाबा।
वार्ड नंबर 9 कच्चीघाटी से निर्दलीय प्रत्याशी संजय परमार 272 वोटों से विजयी।
वार्ड नंबर 17 बैनमोर से बीजेपी समर्थित उम्मीदवार किमी सूद विजयी।
वार्ड नंबर 18 इंजनघर से बीजेपी समर्थित उम्मीदवार आरती चौहान विजयी।
वार्ड नंबर 19 से बीजेपी उम्मीदवार सत्या कौंडल विजयी।
वार्ड नंबर 20 से बीजेपी समर्थित कमलेश मेहता की जीत।
वार्ड नंबर 21 से बीजेपी समर्थित शैलेंद्र चौहान ने जीत की दर्ज।
वार्ड नंबर 23 से रीता ठाकुर जीत गई हैं
वार्ड नंबर 24 शांगटी से कांग्रेस की मीरा शर्मा की जीत ।
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