मध्य प्रदेश में दाखिल होते समय पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को प्रशासन ने शाम को रिहा कर दिया। प्रशासन ने राहुल को मंदसौर में किसानों के आंदोलन के दौरान मारे गये किसानों के परिवारों से मिलने की अनुमति दी. इसके बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष ने एमपी-राजस्थान की सीमा पर पीड़ित किसानों के परिजनों से मिले। पीड़ित परिजनों से मुलाकात के दौरान राहुल ने कहा कि देश में कर्ज माफ केवल अमीरों को होता है किसानों का नहीं। राहुल ने कहा कि आंदोलन में मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा देने के लिए कांग्रेस उनकी मदद करेगी।
आंदोलन में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष गुरुवार को मंदसौर के लिए रवाना हुए लेकिन उन्हें रास्ते में रोक लिया गया। राहुल जब नियमों को तोड़ते हुए अलग रास्ते और मोटरसाइकिल से आगे बढ़े तो प्रशासन ने उन्हें एहतियातन गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक गेस्टहाउस में हिरासत में रखा। गेस्टहाउस के बाहर कांग्रेस की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने संवाददाताओं से कहा, ‘लंबे संघर्ष के बाद प्रशासन ने अंतत: राहुल गांधी को पुलिस गोलीबारी में मारे गये लोगों के परिवारों से मिलने पर सहमति जता दी।’ उन्होंने कहा, ‘हम राजस्थान-मध्य प्रदेश की सीमा के पास उनसे मिलने का प्रयास करेंगे।’
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हालात में सुधार लेकिन तनाव कायम
मंदसौर जिले के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में गुरुवार को दंगा-निरोधक अर्धसैनिक बल लाए गए, लेकिन जिले के उपद्रव-ग्रस्त क्षेत्रों में हालात सुधर रहे है। किसान फसल के बेहतर मूल्य सहित विभिन्न मांगों को लेकर करीब एक हफ्ते से यहां प्रदर्शन कर रहे है। जिले में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) तैनात किए जाने के साथ ही राज्य सरकार ने मंदसौर जिले के कलक्टर स्वतंत्र सिंह और पुलिस अधीक्षक ओ.पी. त्रिपाठी का तबादला कर दिया।
अवलोकन करिये :--
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हिंसा बढ़ने के बाद बुधवार को लागू किए गए कर्फ्यू में शाम चार बजे से दो घंटे की ढील दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि हालात में सुधार दिख रहे है।
मंदसौर से करीब 70 किलोमीटर दूर नया गांव में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव को पुलिस ने उस वक्त हिरासत में ले लिया जब वे राजस्थान सीमा से मंदसौर में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे. जब पुलिस राहुल की अगुवाई में पहुंचे विपक्षी नेताओं को रोकने की कोशिश कर रही थी, उस वक्त वहां किसी रैली जैसा माहौल बन गया था. जब पुलिस ने राहुल को पीछे धकेलने की कोशिश की तो वह दौड़कर बगल के खेत में चले गए और वहां उन्हें हिरासत में ले लिया गया.
राहुल को करीब चार घंटे के बाद रिहा किया गया
एक सीमेंट कंपनी के अतिथि गृह में राहुल को करीब चार घंटे तक रखे जाने के बाद उन्हें रिहा किया गया. मंदसौर में किसान एक जून से ही प्रदर्शन कर रहे हैं. वे कर्ज माफी और फसल की बेहतर कीमतों की मांग कर रहे हैं. मंगलवार को प्रदर्शन हिंसक हो जाने पर पुलिस की फायरिंग में पांच किसान मारे गए थे. मध्य प्रदेश सरकार ने नीमच के पुलिस अधीक्षक रहे मनोज कुमार सिंह को मंदसौर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है. शिवपुरी के कलक्टर ओ.पी. श्रीवास्तव को मंदसौर जिले का प्रभार सौंपा गया . श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें काफी चुनौतीपूर्ण हालात का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल गाँधी एवं इनके सहयोगी दल बताएं कि इनके शासन काल में कितने किसानों का क़र्ज़ माफ़ किया और क़र्ज़ में डूबे कितने किसानों ने आत्महत्या की? आज भाजपा सरकार से इतने अल्प समय में क़र्ज़ माफ़ी के लिए क्यों किसानों को भड़काया जा रहा है?
केरल में कई स्थानों पर गाय काटी जाती है
देशभर में आक्रोश होता है 28 तारीख को राहुल गांधी उस घटना की निंदा करते हैं
लेकिन पूरे देश में कांग्रेस के विरुद्ध एक माहौल बनता है जनता कांग्रेस को गौ हत्यारा कहती है
तभी अचानक मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन प्रारंभ हो जाता है मध्यप्रदेश एवम महाराष्ट्र में किसानों की कोई समस्या नहीं थी लेकिन फिर भी एक बड़ा और हिंसक आंदोलन प्रारंभ किया जाता है
दोनों संवेदनशील मुख्यमंत्री किसानों के नेताओं से बात करते हैं किसानों की अधिकतम मांग स्वीकार कर ली जाती है
लेकिन उसके बावजूद भी मध्यप्रदेश में आंदोलन अपना हिंसक रुप लिए रहता है पुलिस पर हमला रेल पटरी उखाड़ना शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना लगातार जारी रहता है और आज उस आंदोलन की परिणति 5 लोगों की मौत से होती है।
क्या यह घटना सिर्फ गौ हत्या की घटना से जनता का ध्यान हटाकर भाजपा सरकार को किसान विरोधी सरकार बताने के उद्देश्य से तो नहीं हुई है षड्यंत्र की जांच की जानी चाहिए।
एक और अजीब बात तमिलनाडु का किसान अपने आपको परेशान बताता है लेकिन प्रदर्शन करने दिल्ली आता है कर्नाटक का किसान अपनी समस्याओं के लिए प्रदर्शन करने दिल्ली आता है क्योंकि दोनों ही जगह भाजपा की सरकार नहीं है फिर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का किसान दिल्ली क्यों नहीं जाता
सिर्फ इसलिए की मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सरकार को बदनाम करना था।
देशभर में आक्रोश होता है 28 तारीख को राहुल गांधी उस घटना की निंदा करते हैं
लेकिन पूरे देश में कांग्रेस के विरुद्ध एक माहौल बनता है जनता कांग्रेस को गौ हत्यारा कहती है
तभी अचानक मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन प्रारंभ हो जाता है मध्यप्रदेश एवम महाराष्ट्र में किसानों की कोई समस्या नहीं थी लेकिन फिर भी एक बड़ा और हिंसक आंदोलन प्रारंभ किया जाता है
दोनों संवेदनशील मुख्यमंत्री किसानों के नेताओं से बात करते हैं किसानों की अधिकतम मांग स्वीकार कर ली जाती है
लेकिन उसके बावजूद भी मध्यप्रदेश में आंदोलन अपना हिंसक रुप लिए रहता है पुलिस पर हमला रेल पटरी उखाड़ना शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना लगातार जारी रहता है और आज उस आंदोलन की परिणति 5 लोगों की मौत से होती है।
क्या यह घटना सिर्फ गौ हत्या की घटना से जनता का ध्यान हटाकर भाजपा सरकार को किसान विरोधी सरकार बताने के उद्देश्य से तो नहीं हुई है षड्यंत्र की जांच की जानी चाहिए।
एक और अजीब बात तमिलनाडु का किसान अपने आपको परेशान बताता है लेकिन प्रदर्शन करने दिल्ली आता है कर्नाटक का किसान अपनी समस्याओं के लिए प्रदर्शन करने दिल्ली आता है क्योंकि दोनों ही जगह भाजपा की सरकार नहीं है फिर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का किसान दिल्ली क्यों नहीं जाता
सिर्फ इसलिए की मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सरकार को बदनाम करना था।
दिग्विजय सरकार ने 12 जनवरी 1998 को मुलताई में किसानों के ऊपर गोलीयों चलाई थी तब 24 किसान मारे गए थे|तब कांग्रेस की क्या मज़बूरी थी?
कल जो खूनी संघर्ष हुआ बो कांग्रेस की साजिश है कांग्रेस सत्ता पाने के लिये रोड पर गौ माता को काट रही है गौ हत्यारी कांग्रेस किसानों का मुखोटा पहनकर,भोले भाले किसानों को भड़का कर भीड़ में घुस कर किसानों को भड़का रहै हैं कांग्रेस किसान हत्यारी भी है......12 जनवरी 1998 दिग्विजय कांग्रेस सरकार को भूल मत जाना,,
कल जो खूनी संघर्ष हुआ बो कांग्रेस की साजिश है कांग्रेस सत्ता पाने के लिये रोड पर गौ माता को काट रही है गौ हत्यारी कांग्रेस किसानों का मुखोटा पहनकर,भोले भाले किसानों को भड़का कर भीड़ में घुस कर किसानों को भड़का रहै हैं कांग्रेस किसान हत्यारी भी है......12 जनवरी 1998 दिग्विजय कांग्रेस सरकार को भूल मत जाना,,





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