नई दिल्ली, आइएएनएस। केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कश्मीरी अलगाववादियों से बातचीत की संभावना से इन्कार किया है। उन्होंने सोमवार को यहां अलगाववादियों को 'विध्वंसक और काम में बाधा डालने वाला' करार दिया। वेंकैया ने आरोप लगाया कि अलगाववादी घाटी में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान से धन लेते हैं। हमें अलगाववादी नेताओं से बातचीत क्यों करनी चाहिए? पाकिस्तान इन आतंकियों को प्रशिक्षण देकर हर दिन हमारे देश भेज रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने तर्क के दावे में एनआइए द्वारा सीमा पार से आतंकी फंडिंग के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान अलगाववादी नेताओं को पैसे भेज रहा है। हमने यह देखा है। मुझे नहीं पता कि यह पत्थरबाजी की बीमारी क्या है? हम वहां बुनियादी ढांचे के लिए पत्थर इकट्ठा करते हैं, लेकिन वे उन्हें नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। हम रचनात्मक हैं, लेकिन वे विध्वंसक और काम में बाधा पहुंचाने वाले हैं।'
नहीं हो पाई गिलानी के घर बैठक, मीरवाइज नजरबंद, यासीन मलिक हवालात में
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के छापों से हताश कश्मीरी अलगाववादियों की ओर से कट्टरपंथी सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व में सोमवार को बुलाई गई बैठक पुलिस के सख्त रवैये के चलते नहीं हो पाई। पुलिस ने उदारवादी हुर्रियत प्रमुख मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को उनके घर में नजरबंद कर दिया, जबकि जेकेएलएफ चेयरमैन मुहम्मद यासीन मलिक को नजरबंदी भंगकर जबरन घर से बाहर निकलने पर हिरासत में लेकर शाम तक हवालात में रखा।
सैयद अली शाह गिलानी के घर में किसी भी अलगाववादी नेता को दाखिल नहीं होने दिया गया। उनके घर की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्तों को सील करते हुए सिर्फ उन्हीं लोगों को छानबीन के बाद वहां आने जाने की छूट है, जो कट्टरपंथी नेता के घर से सटे मकानों में रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि एक स्टिंग ऑपरेशन में अलगाववादी नेता नईम अहमद खान द्वारा वादी में पाकिस्तान से आतंकी फंडिंग और सैयद अली शाह गिलानी के हाफिज सईद से संबंधों का खुलासा किए जाने के बाद एनआइए ने एफआइआर दर्ज कर कश्मीर में कई अलगाववादी नेताओं, आतंकियों व पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हवाला नेटवर्क से जुड़े व्यापारियों के घरों में छापेमारी शुरू कर रखी है। इससे अलगाववादी खेमे और उसके समर्थकों में खलबली मची हुई है। एनआइए के छापों से हताश अलगाववादियों ने आज अपनी रणनीति तय करने के लिए सैयद अली शाह गिलानी के घर में बैठक बुलाई थी। अलगाववादियों ने छापों को कश्मीरियों की आजादी की तहरीक को दबाने, कश्मीरी व्यापारियों को बदनाम कर कश्मीरियों की अर्थव्यवस्था को चौपट करने की नई दिल्ली की साजिश करार दिया था।
सुबह अलगाववादी नेताओं को गिलानी के घर जमा होने से रोकने के लिए पुलिस ने सबसे पहले उदारवादी हुर्रियत प्रमुख मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को नगीन स्थित उनके घर में नजरबंद कर दिया। हालांकि मीरवाइज ने अपने चार साथियों संग मकान से बाहर निकल गिलानी के घर जाने का प्रयास किया, लेकिन घर के बाहर खड़े पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर लौटने को मजबूर कर दिया।
इसी दौरान जेकेएलएफ के चेयरमैन मुहम्मद यासीन मलिक जिन्हें रविवार रात ही पुलिस ने नजरबंद किया था, सुबह नजरबंदी भंग कर समर्थकों संग नारेबाजी करते हुए मैसूमा से हैदरपोरा स्थित गिलानी के निवास की तरफ चले। बाद में पुलिस ने उनके इरादों को नाकाम बनाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। दोपहर बाद पुलिस ने मलिक को रिहा कर दिया।
नहीं हो पाई गिलानी के घर बैठक, मीरवाइज नजरबंद, यासीन मलिक हवालात में
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के छापों से हताश कश्मीरी अलगाववादियों की ओर से कट्टरपंथी सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व में सोमवार को बुलाई गई बैठक पुलिस के सख्त रवैये के चलते नहीं हो पाई। पुलिस ने उदारवादी हुर्रियत प्रमुख मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को उनके घर में नजरबंद कर दिया, जबकि जेकेएलएफ चेयरमैन मुहम्मद यासीन मलिक को नजरबंदी भंगकर जबरन घर से बाहर निकलने पर हिरासत में लेकर शाम तक हवालात में रखा।
सैयद अली शाह गिलानी के घर में किसी भी अलगाववादी नेता को दाखिल नहीं होने दिया गया। उनके घर की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्तों को सील करते हुए सिर्फ उन्हीं लोगों को छानबीन के बाद वहां आने जाने की छूट है, जो कट्टरपंथी नेता के घर से सटे मकानों में रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि एक स्टिंग ऑपरेशन में अलगाववादी नेता नईम अहमद खान द्वारा वादी में पाकिस्तान से आतंकी फंडिंग और सैयद अली शाह गिलानी के हाफिज सईद से संबंधों का खुलासा किए जाने के बाद एनआइए ने एफआइआर दर्ज कर कश्मीर में कई अलगाववादी नेताओं, आतंकियों व पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हवाला नेटवर्क से जुड़े व्यापारियों के घरों में छापेमारी शुरू कर रखी है। इससे अलगाववादी खेमे और उसके समर्थकों में खलबली मची हुई है। एनआइए के छापों से हताश अलगाववादियों ने आज अपनी रणनीति तय करने के लिए सैयद अली शाह गिलानी के घर में बैठक बुलाई थी। अलगाववादियों ने छापों को कश्मीरियों की आजादी की तहरीक को दबाने, कश्मीरी व्यापारियों को बदनाम कर कश्मीरियों की अर्थव्यवस्था को चौपट करने की नई दिल्ली की साजिश करार दिया था।
सुबह अलगाववादी नेताओं को गिलानी के घर जमा होने से रोकने के लिए पुलिस ने सबसे पहले उदारवादी हुर्रियत प्रमुख मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को नगीन स्थित उनके घर में नजरबंद कर दिया। हालांकि मीरवाइज ने अपने चार साथियों संग मकान से बाहर निकल गिलानी के घर जाने का प्रयास किया, लेकिन घर के बाहर खड़े पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर लौटने को मजबूर कर दिया।
इसी दौरान जेकेएलएफ के चेयरमैन मुहम्मद यासीन मलिक जिन्हें रविवार रात ही पुलिस ने नजरबंद किया था, सुबह नजरबंदी भंग कर समर्थकों संग नारेबाजी करते हुए मैसूमा से हैदरपोरा स्थित गिलानी के निवास की तरफ चले। बाद में पुलिस ने उनके इरादों को नाकाम बनाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। दोपहर बाद पुलिस ने मलिक को रिहा कर दिया।
Comments