जीवन में कुछ तिथियाँ यादगार बन जाती हैं, इसे संयोग कहे अथवा आश्चर्य। एक तरफ 21 जून को जहाँ विश्व योगा दिवस मना रहा था, तो कोटक मोहिंद्रा बीमा अपने APC चैनल की पांचवीं वर्षगांठ मना रहा है।
छमाछम वर्षा में संस्था से जुड़े सैकड़ों एजेंटों ने अपनी उपस्थिति दर्ज़ करवा कर समारोह को और भी स्मरणीय बना दिया।
समारोह में उपस्थित संस्था को गगनचुम्बी उचाईयों पर ले जाने को आतुर महानुभावों को सर्वश्री गौरव गहरोत, कुणाल किशोर, चंद्र शेखर, अजय माथुर, नरेंद्र नरूला आदि पदाधिकारियों ने APC चैनल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाल कर प्रोत्साहित किया।
लेकिन जोनल प्रमुख श्री ह्रदेश ने श्रोताओं के सम्मुख जो आंकड़े प्रस्तुत किए वह प्रशंसनीय ही नहीं,बल्कि संस्था की लगनशीलता को उजागर कर मन्त्रमुक्त कर रहे थे। ह्रदेश जिस भाव में आंकड़े प्रस्तुत कर रहे थे, मानो अपने उद्गार प्रस्तुत कर रहे हैं, समारोह कक्ष में इतना शांत वातावरण बन गया मानो हर उपस्थित सहयोगी उन उद्गारों में डूब जाने को आतुर हो रहा था।
कोटक की पृष्ठभूमि का अवलोकन करने पर संस्था के संस्थापक से लेकर समस्त पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के कठिन परिश्रम उजागर होता है। भगवान श्री कृष्ण ने जो भागवत गीता में लिखा है “कर्म करो फल मुझ पर छोड़ दो” लगता है कोटक भागवत गीता के इस उपदेश चरितार्थ करने तत्पर है। जीवन बीमा के समान्तर इतनी बीमा संस्थाओं में अपना स्थान बनाये रखना, वास्तव में कार्यकुशल को दर्शाता है। वित्तीय स्थिति एवं जनता में कोटक के लिए बढ़ती जिज्ञासा संस्था की कार्यकुशलता का स्पष्ट प्रमाण है। जिस गति से यह संस्था कीर्तिमान स्थापित कर रही है, निःसन्देह अन्य बीमा संस्थाओं को बहुत पीछे छोड़ देगी, और भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है, कहना असंभव है। लेकिन जोनल प्रमुख श्री ह्रदेश ने श्रोताओं के सम्मुख जो आंकड़े प्रस्तुत किए वह प्रशंसनीय ही नहीं,बल्कि संस्था की लगनशीलता को उजागर कर मन्त्रमुक्त कर रहे थे। ह्रदेश जिस भाव में आंकड़े प्रस्तुत कर रहे थे, मानो अपने उद्गार प्रस्तुत कर रहे हैं, समारोह कक्ष में इतना शांत वातावरण बन गया मानो हर उपस्थित सहयोगी उन उद्गारों में डूब जाने को आतुर हो रहा था।
अपने उद्गार प्रस्तुत करने उपरांत ह्रदेश ने इन पांच वर्षों में संस्था को ऊंचाइयों पर पहुंचाया,स्वयं भी आय अर्जित की, को विदेश भ्रमण एवं अन्य पुरस्कारों से सम्मानित कर कार्यक्रम को चार चाँद लगा दिए।
कार्यक्रम के अंत में समारोह में आये समस्त मेहमानों के साथ जलपान आदि का आनन्द लिया।
कार्यक्रम के अंत में समारोह में आये समस्त मेहमानों के साथ जलपान आदि का आनन्द लिया।
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