वर्तमान समय में Social Media में काफी हलचल मची हुई है। काफी लोग एक ऐसी Photo को Share कर रहें हैं जिसमें अरब की सबसे पुरानी मस्जिद की दीवार पर एक शिवलिंग और नंदी की आकृति बनी हुई दिखाई है।
इस फोटो को व्हाट्स अप और फेसबुक सहित कई अन्य सोशल मीडिया के माध्यमो से शेयर किया जा रहा है। देखा जाए तो 1400 साल पहले के अरब के इतिहास में मूर्ति पूजा का वर्णन मिलता है जिसको आज काफी इस्लामिक विद्वान मानते भी है इसी बीच आई इस फोटो ने मूर्ति पूजक लोगों में काफी इंट्रेस्ट जगा दिया है, जिसके कारण इस फोटो को काफी शेयर किया जा रहा है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि ये फोटो “पुनीत शर्मा” नामक एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर शेयर की है और उसने दावा किया है कि यह फोटो सऊदी अरब की सबसे पुरानी मस्जिद की है और इस मस्जिद का नाम पुनीत ने “रासा मस्जिद” बताया है।
यदि सोशल मीडिया पर प्रकाशित इस चित्र पर विश्वास किया जाए, निस्संदेह विश्व में समस्त कट्टरपंथियों के लिए यह दुखद समाचार है। विशेषकर भारत के छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेताओं और इतिहासकारों के लिए भी, जिन्होंने अपनी कुर्सी और चाँदी के चंद टुकड़ों की खातिर भारत के वास्तविक इतिहास को धूमिल और विवादस्पद बना दिया।
इस चित्र पर यकीन करने पर यह भी सिद्ध होता है कि हिन्दू साम्राज्य काल में भारत की सीमाएँ कितनी सुदूर तक फैली थी। फ्रेंच ज्योतिष नोस्त्रेदामस ने भी 1555 में भारत के लिए की गयी भविष्यवाणियों में यही कहा है, 2014 चुनाव उपरान्त भारत विश्व गुरु ही नहीं, बल्कि अपनी सीमाएँ रामायण और महाभारत युग में सुदूर तक फैली सीमाओं तक पहुँचेगा। क्या इस चित्र को उस भविष्यवाणी को सत्यापित होने का संकेत माना जाए?
Comments